100 वार्डों में तैनाती का दावा, वेतन पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च; सफाईकर्मियों की वास्तविक मौजूदगी और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर उठे सवाल
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 30 अगस्त 2026, 04:16:08 AM IST

tajnews.in | आगरा: नगर निगम के अभिलेखों में 1143 सफाईकर्मी तैनात हैं, लेकिन उनकी वास्तविक मौजूदगी और तैनाती को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि बड़ी संख्या में सफाईकर्मी कागजों पर ड्यूटी कर रहे हैं, जबकि शहर की गलियों, सड़कों, खाली प्लॉटों और अन्य स्थानों पर कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। रक्षाबंधन के दौरान भी शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने की बात सामने आई है।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार 1143 सफाईकर्मियों को शहर के 100 वार्डों में तैनात किया जाना था। कागजों में उनकी ड्यूटी दर्ज है, लेकिन पिछले करीब तीन माह से उनकी वास्तविक तैनाती और उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया गया है कि इन कर्मचारियों के वेतन पर नगर निगम करीब नौ करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
20 अगस्त तक आनी थी जांच रिपोर्ट, अब तक नहीं हुई पेश
सफाईकर्मियों की मौजूदगी और तैनाती को लेकर पार्षद रवि बिहारी माथुर की शिकायत के बाद नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने इस माह छह सदस्यीय संयुक्त जांच समिति गठित की थी। समिति में तीन अधिकारी और तीन पार्षद शामिल किए गए थे।
जांच समिति को 20 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। इससे नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज 1143 सफाईकर्मियों की वास्तविक तैनाती और उपस्थिति को लेकर उठे सवालों का जवाब अभी नहीं मिल सका है।
फिरोजाबाद नगर निगम से भी मांगा गया सत्यापन
मामले में एक अन्य शिकायत के बाद फिरोजाबाद नगर निगम से भी सफाईकर्मियों का ब्योरा और सूची का सत्यापन मांगा गया है। पार्षद हरिओम गोयल ने आरोप लगाया था कि फिरोजाबाद में दर्ज कुछ सफाईकर्मियों का वेतन आगरा नगर निगम से भी जारी हो रहा है।
उन्होंने ऐसे 15 कर्मचारियों की सूची नगर आयुक्त को सौंपी थी। नगर निगम सदन में उठाई गई शिकायत के आधार पर अपर नगर आयुक्त की ओर से फिरोजाबाद नगर निगम से संबंधित कर्मचारियों का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जांच और संबंधित नगर निगम से प्राप्त होने वाले सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन भी सवालों के घेरे में
शहर में घरों और दुकानों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था नगर निगम ने स्वच्छता कॉरपोरेशन को दे रखी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कवरेज करीब 60 से 75 प्रतिशत घरों तक ही बताया जा रहा है।
पार्षद शरद चौहान के अनुसार कवरेज के आंकड़ों को लेकर भी सवाल हैं। उनका कहना है कि कई बार कूड़ा वाहन किसी सड़क से गुजरने मात्र को कवरेज में शामिल कर लिया जाता है, जबकि संबंधित घरों से वास्तव में कचरा नहीं उठाया जाता।
आरोप है कि कंपनी की गाड़ियां कई स्थानों पर मुख्य सड़कों तक ही सीमित रह जाती हैं और हर घर से नियमित रूप से कचरा नहीं लिया जाता। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर खाली प्लॉटों, नालों और सड़क किनारे कचरा जमा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
अपर नगर आयुक्त बोले—जल्द दी जाएगी जांच रिपोर्ट
अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने कहा कि सफाईकर्मियों की सूची स्वास्थ्य विभाग से मांगी गई है और कई रिकॉर्ड उपलब्ध हो चुके हैं। पार्षदों के साथ भी बैठक की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि बीच में अवकाश के कारण जांच रिपोर्ट में विलंब हुआ है और जल्द ही रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नोडल अधिकारियों की ओर से किए जा रहे सफाई निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।
वहीं भाजपा पार्षद दल के उपनेता प्रकाश केसवानी ने कहा कि हर वार्ड में करीब दस-दस कर्मचारियों को भेजने के लिए नियुक्ति की अनुमति दी गई थी, ताकि सफाई व्यवस्था बेहतर हो सके। उन्होंने भी जांच रिपोर्ट जल्द आने की बात कही है।
अब सबकी नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज 1143 सफाईकर्मियों की वास्तविक तैनाती कहां है, उनकी उपस्थिति कितनी है और शहर की सफाई व्यवस्था पर इसका कितना असर पड़ रहा है। साथ ही फिरोजाबाद से मांगे गए सत्यापन और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से जुड़े आरोपों की स्थिति भी जांच के बाद अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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