आगरा में विभिन्न ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधि हुए एक मंच पर एकत्र, ब्राह्मण आयोग, छात्रवृत्ति, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक संगठन को लेकर उठी आवाज
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 30 अगस्त 2026, 05:25:40 PM IST

tajnews.in | आगरा: ब्राह्मण समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक, संगठनात्मक और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चिंतन और संवाद کے उद्देश्य से रविवार को ब्राह्मण समन्वय संवाद–2 का आयोजन किया गया। महादेवी सेवा सदन, श्याम नगर, रामबाग में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने भाग लिया। इस दौरान समाज की एकजुटता, राजनीतिक भागीदारी, संवैधानिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक मजबूती समेत कई विषयों पर विस्तार से मंथन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम के संयोजक सुरेश शर्मा और अध्यक्ष अजय शर्मा ने किया। कार्यक्रम का संचालन अजय शर्मा ने किया।
विभिन्न वक्ताओं ने रखे समाज से जुड़े विचार
कार्यक्रम में महेश शर्मा, लेखिका भावना वरदान शर्मा, राजेंद्र शास्त्री, सोनम शर्मा और राजकुमार शर्मा ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज की वर्तमान सामाजिक स्थिति, राजनीतिक भागीदारी और संवैधानिक प्रतिनिधित्व समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

वक्ताओं ने कहा कि समाज के सामने मौजूद मुद्दों पर केवल व्यक्तिगत स्तर पर चर्चा करने के बजाय व्यापक संवाद और संगठनात्मक प्रयासों کی आवश्यकता है। इस दौरान समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़ने और विभिन्न विचारों को सुनने पर भी जोर दिया गया।
ब्राह्मण आयोग और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठा
लेखिका भावना वरदान शर्मा ने अपने संबोधन में ब्राह्मण समाज के राजनीतिक और संवैधानिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के सामने राजनीतिक भागीदारी और अपने हितों से जुड़े विषयों को संगठित रूप से उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

उन्होंने ब्राह्मण आयोग के गठन की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि समाज को अपनी संगठनात्मक शक्ति मजबूत करनी चाहिए। उन्होंने ब्राह्मण संरक्षण कानून, सवर्ण/ब्राह्मण आयोग के गठन, ब्राह्मण विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति तथा मंदिरों के विप्र पुजारियों के लिए भत्ते जैसे विषयों का भी उल्लेख किया।
अपने वक्तव्य में उन्होंने UGC Rollback, EWS प्रक्रिया के सरलीकरण, मंदिरों की संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने और गौहत्या प्रतिबंध कानून जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने अधिकारों और हितों से जुड़े विषयों पर एकजुट होकर अपनी बात रखनी होगी।
“यह किसी एक व्यक्ति का मंच नहीं, पूरे समाज का संवाद”
कार्यक्रम के संयोजक सुरेश शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समन्वय संवाद किसी एक व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का मंच है। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की सोच विकसित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि कई बार समाज में लोग अपने ही लोगों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि कोई उनसे आगे न निकल जाए। जबकि किसी एक व्यक्ति का आगे बढ़ना दूसरे व्यक्ति की हार नहीं होता।
सुरेश शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समन्वय संवाद–2 में न कोई बड़ा है, न छोटा और न कोई किसी का समर्थक या विरोधी है। जो व्यक्ति समाज के लिए सोचता है, उसकी बात सुनी जानी चाहिए और जो व्यक्ति समाज के लिए काम करना चाहता है, उसे अवसर मिलना चाहिए।
हर योग्य व्यक्ति को नेतृत्व का अवसर देने पर जोर
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी एक व्यक्ति को नेता बनाना नहीं, बल्कि समाज के हर योग्य व्यक्ति को नेतृत्व का अवसर उपलब्ध कराना है। उपस्थित लोगों से केवल भीड़ का हिस्सा बनकर कार्यक्रमों में शामिल होने के बजाय सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
सुरेश शर्मा ने कहा कि समाज के लोगों को अपनी बात रखने के साथ-साथ दूसरों के विचारों को भी सुनना चाहिए। संवाद के माध्यम से ही समाज के सामने मौजूद मुद्दों की पहचान और उनके समाधान की दिशा तय की जा सकती है।

उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति अपने साथ दस लोगों को जोड़ता है, वह नेता हो सकता है, लेकिन जो दस लोगों को आगे बढ़ाता है, वही समाज का सच्चा नेतृत्व करता है।”
उन्होंने उपस्थित लोगों से “मैं भी जुड़ूंगा—समाज को जोड़ूंगा” का संकल्प लेने और ब्राह्मण समाज को संगठित करने کی दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
समाज की एकजुटता और भविष्य की दिशा पर चर्चा
ब्राह्मण समन्वय संवाद–2 में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि समाज के विभिन्न संगठनों और विचारधाराओं से जुड़े लोगों को साझा मुद्दों पर संवाद के लिए एक मंच पर आना चाहिए। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक संगठन, राजनीतिक भागीदारी और समाज के हितों से जुड़े विषयों पर आगे भी विचार-विमर्श जारी रखने की बात कही गई।
कार्यक्रम में मधु शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, आरपी शर्मा, राजबहादुर शर्मा और कवि रामवीर शर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
ब्राह्मण समन्वय संवाद–2 ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि समाज की वास्तविक शक्ति केवल संख्या या किसी एक नेतृत्व में नहीं, बल्कि आपसी संवाद, संगठन, सहयोग और योग्य लोगों को आगे बढ़ाने की सामूहिक सोच में निहित है।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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