अगस्त खत्म, लेकिन “Agra Moves Better” की यात्रा जारी: 30 दिनों में शहर के 30 से अधिक स्थानों तक पहुंचा हड्डी-जोड़ स्वास्थ्य अभियान

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पुलिस लाइन से एयरफोर्स स्टेशन, स्कूलों से वृद्धाश्रम और जिला कारागार से एयरपोर्ट तक पहुंचा AOS का जन-जागरूकता अभियान; BMD स्क्रीनिंग के वैज्ञानिक निष्कर्ष 10 सितंबर को होंगे जारी

स्वास्थ्य डेस्क, 🌐 tajnews.in | सोमवार, 31 अगस्त 2026, 02:04:09 AM IST

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स्वास्थ्य डेस्क

tajnews.in | आगरा: अगस्त का महीना समाप्त हो रहा है, लेकिन “Agra Moves Better–2026” का संदेश और उसकी यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है। आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी (AOS) की ओर से पूरे अगस्त माह चलाए गए व्यापक जन-जागरूकता अभियान का रविवार, 30 अगस्त को फेयरफील्ड बाय मैरियट में आयोजित समारोह के साथ औपचारिक समापन हुआ। हालांकि, सोसायटी ने स्पष्ट किया कि यह केवल माहव्यापी कार्यक्रम का समापन है, हड्डी, जोड़, मांसपेशियों और सम्पूर्ण मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता की यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

HIGHLIGHTS
  1. आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी के 30 दिवसीय ‘Agra Moves Better–2026’ अभियान का हुआ भव्य समापन।
  2. पुलिस लाइन, एयरफोर्स स्टेशन, जिला जेल से लेकर एयरपोर्ट व स्कूलों तक पहुंचा स्वास्थ्य संदेश।
  3. शहर के 30 से अधिक स्थानों पर आयोजित हुई BMD स्क्रीनिंग, 10 सितंबर को आएंगे वैज्ञानिक निष्कर्ष।
  4. AOS अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ और सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी बोले—जागरूकता का यह महाअभियान रहेगा जारी।
Agra Moves Better 2026 समापन समारोह में उपस्थित चिकित्सक और सहयोगी

अभियान का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही रहा कि हड्डियों और जोड़ों की देखभाल बीमारी, दर्द या फ्रैक्चर के बाद शुरू नहीं होनी चाहिए, बल्कि स्वस्थ जीवन की शुरुआत से ही उसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

समापन समारोह में डॉ. एस.सी. साहू मुख्य अतिथि तथा डॉ. अशोक विज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान पूरे महीने आयोजित गतिविधियों, विभिन्न संस्थानों तक अभियान की पहुंच और जनभागीदारी को फिल्म एवं प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। अभियान को शहर के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने में सहयोग देने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।

पुलिस लाइन से एयरफोर्स तक, स्कूल से वृद्धाश्रम तक पहुंचा संदेश

“Agra Moves Better–2026” की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह अभियान किसी एक अस्पताल, एक आयु वर्ग या किसी सीमित सामाजिक समूह तक नहीं रहा।

अभियान की शुरुआत आगरा पुलिस से हुई और इसके बाद यह शहर के अनेक संस्थानों और समुदायों तक पहुंचा। अभियान के तहत अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, विद्यालयों, महिला समूहों, वरिष्ठ नागरिकों, औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, खिलाड़ियों, रोडवेज कर्मचारियों, जिला कारागार, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, वृद्धाश्रम, एयरफोर्स स्टेशन, आगरा एयरपोर्ट और CISF तक अलग-अलग वर्गों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी के समापन समारोह में मंचासीन अतिथि एवं सम्मानित सदस्य

हर समूह के लिए संदेश भी उसकी जरूरत के अनुरूप रखा गया।

महिलाओं को रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम के प्रति जागरूक किया गया। वरिष्ठ नागरिकों को गिरने और फ्रैक्चर से बचाव के उपाय बताए गए। विद्यार्थियों को सही मुद्रा, शारीरिक सक्रियता और मजबूत हड्डियों की आवश्यकता समझाई गई।

वहीं स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सही शारीरिक मुद्रा और एर्गोनॉमिक्स के महत्व से अवगत कराया गया। खिलाड़ियों के लिए खेल चोटों की रोकथाम और सुरक्षित प्रशिक्षण पर चर्चा की गई।

30 से अधिक स्थानों पर BMD स्क्रीनिंग, 10 सितंबर को आएंगे वैज्ञानिक निष्कर्ष

अभियान के दौरान शहर के 30 से अधिक स्थानों पर BMD यानी Bone Mineral Density से जुड़ी स्क्रीनिंग गतिविधियां आयोजित की गईं। विभिन्न आयु वर्ग और सामाजिक पृष्ठभूमि के बड़ी संख्या में लोगों ने इन गतिविधियों में भाग लिया।

अभियान के आधिकारिक अभिलेख में 36 BMD-संबंधित गतिविधियां दर्ज की गई हैं।

प्रारंभिक अवलोकन में यह संकेत मिला है कि स्क्रीनिंग कराने वाले लगभग आधे लोगों में बोन डेंसिटी सामान्य स्तर से कम होने की संभावना हो सकती है। हालांकि, आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी ने इस संबंध में सावधानी बरतते हुए स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक स्क्रीनिंग के इन संकेतों को ऑस्टियोपीनिया या ऑस्टियोपोरोसिस का अंतिम चिकित्सीय निदान नहीं माना जा सकता।

संपूर्ण आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। अभियान से जुड़े BMD डेटा के अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष 10 सितंबर 2026 को जारी किए जाने प्रस्तावित हैं।

Agra Moves Better 2026 के समापन अवसर पर मंच से संबोधन करते डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ

यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्सर हड्डियों की कमजोरी लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बनी रहती है और समस्या का पता तब चलता है, जब व्यक्ति को फ्रैक्चर या गंभीर शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

“यह केवल AOS का अभियान नहीं, पूरे आगरा का जन-अभियान बन गया”

AOS के सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी ने कहा कि अभियान की सफलता केवल चिकित्सकों और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों کے प्रयासों का परिणाम नहीं है।

उन्होंने कहा कि शहर की अनेक संस्थाओं, संगठनों और व्यक्तियों ने अपने अस्पतालों, विद्यालयों, कार्यस्थलों और समुदायों के द्वार अभियान के लिए खोले। इसी व्यापक सहभागिता ने “Agra Moves Better–2026” को केवल एक चिकित्सा संगठन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे पूरे शहर के जन-जागरूकता अभियान का स्वरूप दिया।

अभियान के दौरान आगरा पुलिस, वामा सारथी, पुलिस अस्पताल, एफ.एच. मेडिकल कॉलेज, एस.एन. मेडिकल कॉलेज, इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड हॉस्पिटल सहित अनेक स्वास्थ्य संस्थानों, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों और अन्य संस्थाओं ने सक्रिय सहयोग दिया।

जिला कारागार से एयरपोर्ट तक पहुंची हड्डियों की सेहत की चिंता

अभियान की व्यापकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जागरूकता कार्यक्रम समाज के उन वर्गों और संस्थानों तक भी पहुंचे, जहां सामान्यतः हड्डी-जोड़ स्वास्थ्य को लेकर सार्वजनिक चर्चा सीमित रहती है।

जिला कारागार आगरा में महिला बंदियों और स्टाफ के लिए BMD स्क्रीनिंग तथा हड्डी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और वृद्धाश्रम जैसे स्थानों को भी अभियान से जोड़ा गया, जहां मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य और गिरने से बचाव जैसे विषयों पर जागरूकता को विशेष महत्व दिया गया।

Air Force Station Agra में वायुसेना कर्मियों और उनके परिवारों के लिए BMD स्क्रीनिंग और मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इसके बाद आगरा एयरपोर्ट और CISF कर्मियों के बीच BMD, कार्यस्थल एर्गोनॉमिक्स और CPR से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कैंसर सर्वाइवर्स, महिलाओं और आम नागरिकों तक भी पहुंचा अभियान

अभियान के अंतिम चरण में प्रो. सी.आर. चतुर्वेदी मेडिकल कॉम्प्लेक्स में आम नागरिकों के लिए निःशुल्क BMD स्क्रीनिंग आयोजित की गई। एस.एन. मेडिकल कॉलेज में भी मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य और हड्डियों की देखभाल से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम हुआ।

पुरुषोत्तम दास सावित्री देवी हॉस्पिटल में कैंसर सर्वाइवर्स, महिलाओं, अस्पताल कर्मचारियों और मरीजों के तीमारदारों के लिए ऑस्टियोपोरोसिस तथा मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान कैंसर उपचार और सर्वाइवरशिप के संदर्भ में हड्डियों की सेहत तथा ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई।

समापन समारोह में सहयोगियों का सम्मान

फेयरफील्ड बाय मैरियट में आयोजित समापन समारोह में उन संस्थाओं और व्यक्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने पूरे अभियान के दौरान सक्रिय सहयोग दिया और इसे समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।

इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन डॉ. प्रशांत मिश्रा, बी.पी. अग्रवाल, तुलाराम शर्मा, राम कपूर, नकुल मनचंदा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सहयोगियों को सम्मानित किया गया।

रोटरी क्लब एवं इनर व्हील से पिंकी जैन और सोनल बंसल को भी अभियान में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इसके अलावा एस.एन. मेडिकल कॉलेज, एफ.एच. मेडिकल कॉलेज, Sun Pharma तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

“रोकथाम को उपचार जितना ही महत्व देना होगा”

AOS के अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आधुनिक ऑर्थोपेडिक चिकित्सा को केवल बीमारी, दर्द या फ्रैक्चर के उपचार तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी स्वास्थ्य संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता है, जिसमें लोग समस्या सामने आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले अपने हड्डी और जोड़ स्वास्थ्य के प्रति सजग हों।

उनके अनुसार बच्चों में मजबूत हड्डियों की नींव, युवाओं में नियमित व्यायाम और सही मुद्रा, महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस के प्रति जागरूकता तथा वरिष्ठ नागरिकों में गिरने से बचाव—स्वस्थ समाज के महत्वपूर्ण आधार हैं।

अभियान का मूल उद्देश्य भी यही रहा कि लोगों को केवल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने का इंतजार न करना पड़े, बल्कि वे समय रहते अपने शरीर की जरूरतों को समझें और रोकथाम को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

मीडिया को बताया जनस्वास्थ्य जागरूकता का महत्वपूर्ण सहभागी

समापन समारोह में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया की भूमिका का भी विशेष उल्लेख किया गया।

AOS ने कहा कि किसी स्वास्थ्य कार्यक्रम का प्रभाव केवल उस स्थान तक सीमित नहीं रह सकता, जहां कार्यक्रम आयोजित किया गया हो। जब किसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संदेश को समाचार पत्रों, टीवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक समाज तक पहुंचाया जाता है, तभी वह वास्तविक अर्थों में जन-जागरूकता अभियान का रूप लेता है।

अभियान के दौरान विभिन्न माध्यमों से हड्डियों, जोड़ों, सही पोश्चर, ऑस्टियोपोरोसिस और मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य से जुड़े संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाए गए।

“30 अगस्त समापन की तारीख है, अभियान की नहीं”

आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी ने स्पष्ट किया है कि “Agra Moves Better” की पहल अगस्त के साथ समाप्त नहीं होगी।

आने वाले समय में World Trauma Day और World Arthritis Day जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर चोटों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा, गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस, सही पोश्चर, खेल चोटों, स्वस्थ वृद्धावस्था और सम्पूर्ण मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे

सोसायटी ने आगरा के विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों, खेल संस्थाओं, सरकारी विभागों और अन्य संगठनों को भी इस जन-जागरूकता पहल से जुड़ने का आमंत्रण दिया है।

अभियान समाप्त हुआ, लेकिन संदेश अभी बाकी है

एक महीने तक चले इस अभियान ने आगरा को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है—स्वस्थ जीवन केवल बीमारी न होने का नाम नहीं है।

चलने, उठने, बैठने, काम करने, खेल खेलने और उम्र बढ़ने के साथ शरीर को सक्रिय और सुरक्षित बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अगस्त समाप्त हो सकता है, कार्यक्रम का औपचारिक कैलेंडर पूरा हो सकता है, लेकिन हड्डियों और जोड़ों की बेहतर सेहत के लिए जागरूकता का काम एक महीने में पूरा नहीं होता।

“Agra Moves Better–2026” का संदेश इसलिए केवल अगस्त का संदेश नहीं, बल्कि पूरे वर्ष और आने वाले वर्षों के लिए एक स्वास्थ्य संकल्प है।

अभियान का संदेश स्पष्ट रहा—
“अगस्त समाप्त हो रहा है—Agra Moves Better नहीं।”
बेहतर हड्डियां • बेहतर जोड़ • बेहतर गतिशीलता • बेहतर जीवन

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

Pawan Kumar Singh

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