लुधियाना में सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखने का आरोप, पाकिस्तानी हैंडलरों और संभावित नेटवर्क की गहन जांच शुरू
राष्ट्रीय डेस्क, 🌐 tajnews.in | सोमवार, 31 अगस्त 2026, 03:38:19 AM IST

tajnews.in | लुधियाना: पंजाब में पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर दुकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी लाइव फीड पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलरों तक पहुंचाने का आरोप है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामला केवल सीसीटीवी कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग तक सीमित नहीं है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने सुरक्षा बलों की गतिविधियों, रक्षा प्रतिष्ठानों अथवा अन्य संवेदनशील जानकारियों से संबंधित कोई सूचना पाकिस्तान में बैठे लोगों तक पहुंचाई थी या नहीं।
दुकान के बाहर लगाए कैमरे, पाकिस्तान तक पहुंची लाइव फीड का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लुधियाना के फिरोजपुर रोड स्थित न्यू सुंदर नगर इलाके में किराये पर एक दुकान ली थी। दुकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और इन कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग की पहुंच कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों کو दी गई थी।
आरोप है कि इस व्यवस्था के माध्यम से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न सुरक्षा बलों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कैमरों की लोकेशन किस उद्देश्य से चुनी गई थी और लाइव फीड तक किन लोगों की पहुंच थी।
गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी की पहचान गुरदासपुर जिले के फतेहगढ़ चूड़ियां क्षेत्र के सराफकोट निवासी रासपाल सिंह के रूप में की है। संयुक्त टीम ने उसे 27 अगस्त को गुप्त सूचना کے आधार पर गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से दो सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई राउटर या अन्य नेटवर्किंग उपकरण, पावर एडाप्टर और 64 जीबी का मेमोरी कार्ड बरामद किया गया है।
बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां इनके माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि लाइव फीड कहां और किन डिजिटल माध्यमों से भेजी जा रही थी तथा आरोपी किन लोगों के संपर्क में था।
अस्पताल के सामने किराये पर ली थी दुकान
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने प्लॉट नंबर-1, न्यू सुंदर नगर, फिरोजपुर रोड पर मेडिवे अस्पताल के सामने स्थित एक दुकान किराये पर ली थी। इसी स्थान के बाहर लगाए गए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग तक पाकिस्तान में बैठे कथित ऑपरेटिव کی पहुंच होने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि इस लाइव फीड के जरिए क्षेत्र में सुरक्षा गतिविधियों और सुरक्षा बलों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकती थी। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस जानकारी का इस्तेमाल अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकी देने या किसी अन्य आपराधिक अथवा राष्ट्रविरोधी गतिविधि में किया गया।
संवेदनशील सूचनाएं भेजने के आरोप की भी जांच
पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी की भूमिका केवल सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने तक सीमित थी या उससे कहीं व्यापक थी, इसकी जांच की जा रही है।
उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा एजेंसियों और रणनीतिक गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलरों तक पहुंचाने का भी आरोप है। हालांकि इन आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
जांच का मुख्य फोकस अब इस बात पर है कि आरोपी ने अब तक कौन-कौन सी जानकारियां साझा कीं, पाकिस्तान में उसके संपर्क किन लोगों से थे और इस कथित नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत केस, छह दिन का पुलिस रिमांड
मामले में थाना सराभा नगर में 27 अगस्त 2026 को एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 کے तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के अनुसार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और उसके संपर्कों के साथ कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
पहले भी दर्ज है एनडीपीएस एक्ट का मामला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रासपाल सिंह के खिलाफ पहले भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। थाना डेरा बाबा नानक में 26 जून 2026 को उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आरोपी के कथित पाकिस्तानी संपर्क कितने पुराने हैं, उसने किन लोगों को सूचनाएं उपलब्ध कराईं और क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
फिलहाल पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की जांच आरोपी के डिजिटल उपकरणों, कथित पाकिस्तानी संपर्कों, संवेदनशील सूचनाओं کے संभावित आदान-प्रदान और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर केंद्रित है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों کے आधार पर मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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