सपा के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है जेपीएनआईसी, दंगा-कर्फ्यू उसकी पहचान रही: सीएम योगी

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लखनऊ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर साधा निशाना, जेपीएनआईसी पर खर्च, कानून-व्यवस्था और जातीय राजनीति को लेकर लगाए गंभीर आरोप

राज्य डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 30 अगस्त 2026, 06:45:15 PM IST

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tajnews.in | लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) समाजवादी पार्टी के शासनकाल के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसे महान व्यक्ति के नाम पर शुरू की गई परियोजना को सपा शासनकाल में निजी हितों के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया गया।

HIGHLIGHTS
  1. सीएम योगी बोले—200 करोड़ की JPNIC परियोजना पर 864 करोड़ खर्च के बाद भी रही अधूरी।
  2. दंगा-कर्फ्यू और जमीनों पर कब्जा रही सपा की पहचान, जनता के पैसे पर नहीं होगी डकैती।
  3. लखनऊ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा का रक्षामंत्री संग किया लोकार्पण।
  4. स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर दी जाएगी स्कूटी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने जेपीएनआईसी, समाजवादी पार्टी के शासनकाल, कानून-व्यवस्था, जातीय राजनीति और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

200 करोड़ की परियोजना पर 864 करोड़ खर्च होने का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर समाजवादी पार्टी के शासनकाल में जेपीएनआईसी परियोजना शुरू की गई थी।

उन्होंने दावा किया कि परियोजना की प्रारंभिक लागत करीब 200 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, लेकिन बाद में इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परियोजना को करीब 18 महीने में पूरा किया जाना था, वह निर्धारित समय बीतने के बाद भी अधूरी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंटर पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश यादव के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी शामिल थे।

“जनता के पैसे पर किसी को डकैती की छूट नहीं”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेपीएनआईसी पर खर्च किए गए 864 करोड़ रुपये किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के हैं

उन्होंने कहा कि जनता के पैसे पर किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति को डकैती डालने की छूट नहीं दी जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने संबंधित कमेटी को भंग कर सेंटर को अपने नियंत्रण में लिया है।

उन्होंने कहा कि अब लखनऊ विकास प्राधिकरण کے मार्गदर्शन में जेपीएनआईसी का संचालन करते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृतियों और उनके विचारों को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश के खजाने से खर्च की गई धनराशि की वसूली के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

दंगा-कर्फ्यू और जातीय राजनीति को लेकर सपा पर हमला

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर प्रदेश में जातीय आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीडीए के नाम पर राजनीति करने वाली सपा ने प्रदेश के महापुरुषों को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देने तक की आवश्यकता नहीं समझी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल की पहचान दंगे, कर्फ्यू और सरकारी खजाने की लूट-खसोट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में खाली पड़ी जमीनों पर कब्जे किए जाते थे और महिलाओं तथा बेटियों के बीच असुरक्षा का माहौल बना रहता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण स्थापित करने का प्रयास किया है।

वीरांगना अवंतीबाई की प्रतिमा से मिलेगी नई पीढ़ी को प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल देश के महान नेताओं और महापुरुषों की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि यहां स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं देश की अखंडता, अंत्योदय और सुशासन की प्रेरणा देती हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यहां स्थापित की गई वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा भारतीय नारी की गरिमा, शौर्य और तेजस्विता का प्रतीक बनेगी।

उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई का जीवन आने वाली पीढ़ियों को साहस, राष्ट्रभक्ति और संघर्ष کی प्रेरणा देता रहेगा।

पीएसी में वीरांगनाओं के नाम पर तीन महिला बटालियन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने पीएसी की सभी 54 कंपनियों का पुनर्गठन किया है और महिलाओं को सुरक्षा बलों में नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इसी क्रम में वीरांगना ऊदा देवी, झलकारी बाई और वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर प्रदेश में तीन महिला बटालियन गठित की गई हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इनमें एक बटालियन लखनऊ, दूसरी गोरखपुर और तीसरी बदायूं में स्थापित की जा रही है, जहां निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

उन्होंने कहा कि इन बटालियनों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था में भागीदारी और उनकी नेतृत्व क्षमता को और मजबूत किया जाएगा।

50 हजार छात्राओं को दी जाएगी रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार स्नातक अंतिम वर्ष में पढ़ने वाली 50 हजार छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को दी गई निशुल्क यात्रा सुविधा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को परिवहन निगम और सिटी बस सेवा में निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

उन्होंने यह भी कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू की गई है।

महापुरुषों के आदर्शों को आगे बढ़ाने की अपील

मुख्यमंत्री ने क्षत्रिय लोधी महासभा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के आयोजकों का आभार जताया और समाज की एकता को मजबूत करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी, अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जैसे महापुरुषों ने समाज को संगठित करने के साथ-साथ राष्ट्र और समाज की मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक इन महापुरुषों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान केवल प्रतिमाएं स्थापित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित भाजपा पदाधिकारी, क्षत्रिय लोधी महासभा के प्रतिनिधि, विधायक और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

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