विवेकानंद पुस्तकालय विभाग के तत्वावधान में 14 से 28 सितंबर तक आयोजित होगा हिन्दी पखवाड़ा; कुलपति प्रो. अजय कुमार बोले—देवनागरी लिपि में रची हिन्दी का शिक्षा में अमूल्य स्थान, विधि डीन ने समझाई राजभाषा की संवैधानिक स्थिति
देहरादून डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 15 सितंबर 2026, 11:20:

हिन्दी दिवस पर देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में भव्य आयोजन, नुक्कड़ नाटक से छात्रों ने दिखाई हिन्दी की सांस्कृतिक पहचान
tajnews.in | देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में हिन्दी दिवस के अवसर पर विवेकानंद पुस्तकालय विभाग के सौजन्य से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में हिन्दी भाषा की सांस्कृतिक, साहित्यिक और सामाजिक भूमिका पर चर्चा हुई। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हिन्दी की सांस्कृतिक पहचान और भाषा के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजय कुमार ने कहा कि देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिन्दी भारत की राजभाषा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अंग्रेजी का जितना महत्व है, हिन्दी का भी उतना ही महत्व है। विद्यार्थियों को दोनों भाषाओं के ज्ञान के साथ अपनी मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए। विश्वविद्यालय की प्रति-कुलपति प्रोफेसर ऋतिका मेहरा ने हिन्दी साहित्य के विकास में साहित्यकारों के योगदान पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों से हिन्दी साहित्य का नियमित अध्ययन करने और महान साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ने का आह्वान किया।
हिन्दी राजभाषा है, राष्ट्रभाषा नहीं
विधि विभाग के डीन ने हिन्दी की संवैधानिक स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि हिन्दी भारत की राजभाषा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिन्दी को राष्ट्रभाषा कहना संवैधानिक रूप से सही नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों वाला देश है और सभी भारतीय भाषाओं का अपना महत्व है।
उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं। किसी भाषा को दूसरी भाषा से कम या अधिक मानने के बजाय सभी भारतीय भाषाओं के प्रति समान सम्मान की भावना होनी चाहिए। हिन्दी के व्यापक प्रयोग और देवनागरी लिपि की भूमिका पर भी उन्होंने विचार रखे।
नुक्कड़ नाटक ने खींचा ध्यान
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की ओर से प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से हिन्दी भाषा की सांस्कृतिक पहचान, उसके सामाजिक महत्व और बदलते दौर में हिन्दी के सामने मौजूद चुनौतियों को रचनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया। प्रस्तुति को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सराहा।
14 से 28 सितंबर तक हिन्दी पखवाड़ा
कार्यक्रम में बताया गया कि हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय में हिन्दी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत 14 सितंबर से 28 सितंबर तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा और साहित्य से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में विश्वविद्यालय पुस्तकालय की अध्यक्ष रेखा ठाकुर ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत किया। लाइब्रेरी कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति हांडा ने कार्यक्रम का संयोजन किया। इस अवसर पर कक्कड़ लॉ विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव त्यागी, डॉ. विनोद जोशी, समिति की सदस्य अंजली अधिकारी, तृप्ति पाण्डेय, डॉ. दीपा, हिमांशु जखमोला सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, पुस्तकालय कर्मी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डिप्टी लाइब्रेरियन मीनाक्षी राजपूत ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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