राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की धर्मपत्नी सत्यवती मिश्रा का 79 वर्ष की उम्र में निधन; नोएडा के मेट्रो अस्पताल में ली अंतिम सांस, सेक्टर-94 में दोपहर 12:30 बजे होगा अंतिम संस्कार
नोएडा डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 13 सितंबर 2026, 11:22:

tajnews.in | नोएडा। राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ भाजपा नेता कलराज मिश्र की पत्नी सत्यवती मिश्रा (79) का निधन हो गया। उन्होंने नोएडा के मेट्रो अस्पताल में देर रात अंतिम सांस ली। वह करीब एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थीं और फेफड़ों में संक्रमण के बाद उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। उनके निधन की खबर सामने आते ही भाजपा और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
आज सेक्टर-94 में होगा अंतिम संस्कार
सत्यवती मिश्रा का अंतिम संस्कार आज नोएडा के सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास में दोपहर 12:30 बजे किए जाने की जानकारी सामने आई है। परिवार के सदस्यों के अलावा भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और कलराज मिश्र के शुभचिंतकों के अंतिम संस्कार में पहुंचने की संभावना है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मेट्रो अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने कलराज मिश्र से मुलाकात कर सत्यवती मिश्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। इसके बाद उनके निधन की खबर सामने आई।
दिनेश शर्मा ने जताया शोक
भाजपा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सत्यवती मिश्रा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें परिवार और परिचितों के बीच स्नेहपूर्ण एवं धर्मपरायण व्यक्तित्व के रूप में याद करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। भाजपा नेताओं और कलराज मिश्र के समर्थकों की ओर से भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
1963 में हुआ था कलराज मिश्र और सत्यवती का विवाह
कलराज मिश्र और सत्यवती मिश्रा का विवाह 1963 में हुआ था। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल में कलराज मिश्र की वैवाहिक स्थिति विवाहित और जीवनसाथी के रूप में सत्यवती मिश्रा का नाम दर्ज है। आधिकारिक रिकॉर्ड में विवाह की तारीख 9 मई 1963 दर्ज है और दंपती के दो पुत्र तथा एक पुत्री हैं। हालांकि, कुछ सार्वजनिक स्रोत विवाह की तारीख 7 मई 1963 भी बताते रहे हैं। इसलिए आधिकारिक विधानसभा रिकॉर्ड के आधार पर 9 मई 1963 की तारीख अधिक विश्वसनीय मानी जा सकती है।
कलराज मिश्र के लंबे राजनीतिक सफर में साथ रहीं सत्यवती
कलराज मिश्र का राजनीतिक जीवन कई दशकों में फैला रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रचारक के रूप में काम करने के बाद जनसंघ और फिर भाजपा में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे और राज्यसभा तथा लोकसभा के सदस्य भी बने। 2014 में वह देवरिया से लोकसभा सांसद चुने गए और नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली।
इसके बाद उन्हें राज्यपाल की जिम्मेदारी मिली। वह हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे और सितंबर 2019 में उन्हें राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया गया। राजस्थान राजभवन के कार्यकाल के दौरान भी सत्यवती मिश्रा कई सार्वजनिक अवसरों पर उनके साथ नजर आती थीं।
परिवार के लिए बड़ी व्यक्तिगत क्षति
राजनीतिक जीवन में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले कलराज मिश्र के लिए पत्नी सत्यवती मिश्रा का निधन बड़ी व्यक्तिगत क्षति है। करीब छह दशक से अधिक लंबे वैवाहिक जीवन के दौरान सत्यवती मिश्रा ने परिवार के साथ रहते हुए उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण पारिवारिक भूमिका निभाई। अब नोएडा के सेक्टर-94 में होने वाला अंतिम संस्कार उनके जीवन की अंतिम विदाई का अवसर होगा।
राजनीतिक सफर के बीच परिवार का मजबूत साथ
कलराज मिश्र का सार्वजनिक जीवन उत्तर प्रदेश की राजनीति से लेकर केंद्र सरकार और फिर राज्यपाल के संवैधानिक पद तक पहुंचा। इस लंबे सफर में परिवार उनके साथ रहा। सत्यवती मिश्रा की सार्वजनिक उपस्थिति भले ही राजनीतिक रूप से सक्रिय न रही हो, लेकिन विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजभवन के आयोजनों में उनकी मौजूदगी दर्ज होती रही है। सत्यवती मिश्रा के निधन से कलराज मिश्र के परिवार के साथ भाजपा के राजनीतिक और सामाजिक परिवार में भी शोक की भावना है। आज नोएडा में होने वाला अंतिम संस्कार उन्हें अंतिम विदाई देगा।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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