यूपी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित पथराव और जूते-चप्पल फेंकने का आरोप, एसपी कार्यालय पहुंचे समर्थक; दो तहरीर से बढ़ा सियासी तनाव

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गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद को बाराबंकी में रोका; गाड़ी का टूटा शीशा लेकर पहुंचे एसपी दफ्तर, करणी सेना पर आरोप, दो अलग-अलग तहरीर से गरमाई सियासत

उत्तर प्रदेश डेस्क, 🌐 tajnews.in | सोमवार, 14 सितंबर 2026, 03:52:15 AM IST

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यूपी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित पथराव और जूते-चप्पल फेंकने का आरोप, एसपी कार्यालय पहुंचे समर्थक; दो तहरीर से बढ़ा सियासी तनाव

tajnews.in | लखनऊ/बाराबंकी। गोंडा में मारे गए कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को रविवार को बाराबंकी के मसौली क्षेत्र में पुलिस ने रोक दिया। इसी दौरान उनके काफिले पर कथित तौर पर पथराव और जूते-चप्पल फेंके जाने का आरोप सामने आया। घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलने एसपी कार्यालय पहुंचे।

चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि उनके काफिले पर हमला करने वालों में करणी सेना से जुड़े लोग शामिल थे और उन्होंने अभिनव सिंह के इशारे पर पथराव किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

HIGHLIGHTS
  • गोंडा जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद का काफिला बाराबंकी के मसौली में पुलिस ने रोका।
  • काफिले पर कथित पथराव और जूते-चप्पल फेंकने का आरोप, गाड़ी का टूटा शीशा लेकर पहुंचे एसपी ऑफिस।
  • करणी सेना पर हमले की साजिश का आरोप, पुलिस को कार्रवाई के लिए दी गईं दो अलग-अलग तहरीर।
  • गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, विपक्ष हमलावर।

गोंडा जाते समय मसौली में रोका गया काफिला

चंद्रशेखर आजाद गोंडा के परसपुर क्षेत्र में मारे गए बर्तन कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे। रविवार को बाराबंकी के मसौली क्षेत्र में पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया। पुलिस का तर्क था कि मौजूदा परिस्थितियों में उनका गोंडा जाना कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा कर सकता है। काफिला रोके जाने के बाद चंद्रशेखर और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए आगे बढ़े और बाद में अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे।

काफिले की गाड़ी का टूटा शीशा दिखाया

एसपी कार्यालय में चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस अधिकारियों को काफिले में शामिल एक वाहन का टूटा हुआ शीशा दिखाया। उनका आरोप था कि उनके काफिले पर पथराव किया गया और जूते-चप्पल भी फेंके गए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में उनके कुछ समर्थक घायल हुए हैं। चंद्रशेखर ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी एसपी कार्यालय पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।

दो अलग-अलग तहरीर दी गईं

घटना को लेकर पुलिस को दो तहरीर दी गई हैं। एक तहरीर अधिवक्ता सनी सिंह पटेल की ओर से दी गई है, जिसमें काफिले पर पथराव का आरोप लगाया गया है। दूसरी तहरीर आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष देशराज की ओर से दी गई, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के घायल होने की बात कही गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तहरीरों की जांच की जा रही है। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में किन लोगों की भूमिका थी और किन धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

चंद्रशेखर ने करणी सेना से जुड़े लोगों पर लगाया आरोप

चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि उनके काफिले पर हमले के पीछे करणी सेना से जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती है। उन्होंने अभिनव सिंह का नाम लेते हुए उनके इशारे पर पथराव किए जाने का आरोप लगाया। यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब चंद्रशेखर आजाद और करणी सेना से जुड़े अभिनव सिंह के बीच पहले भी बाराबंकी को लेकर विवाद हो चुका है। हालांकि, मौजूदा घटना में अभिनव सिंह की भूमिका की पुलिस जांच से पुष्टि होना अभी बाकी है।

पहले भी सामने आया था चंद्रशेखर-करणी सेना विवाद

चंद्रशेखर आजाद और करणी सेना के बीच विवाद नया नहीं है। इससे पहले बाराबंकी में चंद्रशेखर के कार्यक्रम को लेकर करणी सेना की ओर से विरोध की चेतावनी दी गई थी। उस समय चंद्रशेखर आजाद ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। विवाद के दौरान उनके कुछ बयानों को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा हुई थी। यही पुराना विवाद अब गोंडा जाने के दौरान उनके काफिले पर कथित पथराव के आरोप के साथ फिर चर्चा में आ गया है।

गोंडा में विनोद साहनी की हत्या के बाद गरमाई सियासत

चंद्रशेखर आजाद के गोंडा जाने की वजह बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या है। परसपुर थाना क्षेत्र में 45 वर्षीय विनोद साहनी पर हमला किया गया था। दुकान बंद कर घर लौटते समय रास्ते में उन्हें घेरकर मारपीट की गई थी। गंभीर रूप से घायल विनोद को इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। शुरुआती रिपोर्टों में धारदार हथियार से हमले की बात सामने आई थी, जबकि बाद की जांच में पुलिस और पोस्टमार्टम से जुड़े विवरणों में हमले की परिस्थितियों को लेकर अलग तथ्य सामने आए। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक पुलिस ने एक और आरोपी अंशु उर्फ वरुण सिंह को गिरफ्तार किया है। इसके साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई है।

पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई

विनोद साहनी हत्याकांड की जांच में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद परसपुर के थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और बीट प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इससे पहले मामले को लेकर निषाद पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी विरोध जताया था। उन्होंने लखनऊ में धरना देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। विपक्षी दलों ने भी इस मामले को लेकर सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

अजय राय को भी गोंडा जाने से रोका गया था

विनोद साहनी के परिवार से मिलने गोंडा जाने की कोशिश करने वाले अन्य राजनीतिक नेताओं को भी पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भी बाराबंकी के मसौली क्षेत्र में रोका गया था। उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया था। इससे पहले समाजवादी पार्टी और अन्य राजनीतिक नेताओं के गोंडा दौरे को लेकर भी पुलिस की ओर से रोक लगाए जाने की खबरें सामने आई थीं। लगातार नेताओं को रोके जाने से यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूपी की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

चंद्रशेखर ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

एसपी कार्यालय पहुंचने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की गई और उनकी सुरक्षा में लापरवाही बरती गई। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से मिलना उनका अधिकार है और किसी जनप्रतिनिधि को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना उचित नहीं है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि संवेदनशील परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।

अब पुलिस जांच से खुलेगा पूरा मामला

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में तीन सवाल सबसे महत्वपूर्ण हैं—क्या वास्तव में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर पथराव हुआ, जूते-चप्पल किसने फेंके और इस घटना के पीछे किसकी भूमिका थी। पुलिस के पास दो तहरीर पहुंच चुकी हैं। घटनास्थल के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उधर, गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड की जांच भी जारी है और एक के बाद एक आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है। विनोद साहनी की हत्या से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित पथराव की जांच और गोंडा हत्याकांड में पुलिस की आगे की कार्रवाई तय करेगी कि यह मामला आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

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