एस.एन. मेडिकल कॉलेज में स्किज़ोफ्रेनिया जागरूकता कार्यक्रम संपन्न: समय पर इलाज से मरीज जी सकते हैं सामान्य जीवन

खबर शेयर कीजिए

Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Wednesday, 27 May 2026, 05:40:12 PM IST

Taj News Logo
Taj News
AGRA DESK

Agra SN Medical College Schizophrenia Awareness: ताजनगरी के सरोजनी नायडू (एस.एन.) मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में ‘विश्व स्किज़ोफ्रेनिया जागरूकता दिवस’ के उपलक्ष्य में दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल सिन्हा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने संदेश दिया कि स्किज़ोफ्रेनिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करना बेहद आवश्यक है। मानसिक रोगों के प्रति हमें अपना दृष्टिकोण सकारात्मक बनाना होगा। समय पर बीमारी की पहचान और सही इलाज से मरीजों को एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन दिया जा सकता है। संस्थान इस दिशा में जागरूकता फैलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दो दिनों तक चले इस आयोजन में ओपीडी में आने वाले सैकड़ों मरीजों और उनके तीमारदारों को बीमारी के लक्षणों और उपचार के बारे में विस्तार से समझाया गया।

दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ
  • 1. प्रथम दिन की गतिविधि: मनोरोग विभाग में विशेष सत्र आयोजित कर मरीजों और उनके परिजनों को बीमारी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
  • 2. द्वितीय दिन का अभियान: मनोरोग ओपीडी में आने वाले लगभग 200 से 300 मरीजों तथा उनके तीमारदारों को लक्षणों के प्रति जागरूक किया गया।
  • 3. विशेष थीम पर बल: इस वर्ष की थीम ‘बियॉन्ड द हेडलाइन्स’ रही, जिसके तहत सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने पर जोर दिया गया।
  • 4. शंकाओं का सीधा समाधान: विभाग की फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टरों ने तीमारदारों के सवालों के सरल भाषा में सीधे जवाब दिए।

स्किज़ोफ्रेनिया पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी, ‘बियॉन्ड द हेडलाइन्स’ थीम के तहत संवेदनशीलता पर जोर

एस.एन. मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि स्किज़ोफ्रेनिया एक पूरी तरह से उपचार योग्य मानसिक बीमारी है। समाज में इसे लेकर कई तरह के भ्रम हैं, जिन्हें दूर किया जाना जरूरी है। इस वर्ष इस दिवस की थीम ‘बियॉन्ड द हेडलाइन्स’ रखी गई थी। इसके अंतर्गत मानसिक रोगों से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष बल दिया गया।

Agra SN Medical College Schizophrenia Awareness Event Doctors Presentation

…[news_body_cut_for_brevity]…

Psychiatry Department Faculty and Staff at Schizophrenia Awareness Program SNMC Agra

डॉ. विशाल सिन्हा ने बताया कि उचित चिकित्सकीय परामर्श, नियमित दवा और मजबूत पारिवारिक सहयोग से मरीज पूरी तरह सामान्य एवं गुणवत्तापूर्ण जीवन व्यतीत कर सकते हैं। उन्होंने तीमारदारों से अपील की कि वे मरीजों को अकेला न छोड़ें, बल्कि उनके इलाज में सक्रिय भूमिका निभाएं। सही समय पर दी गई दवा और परिवार का प्यार इस बीमारी को हराने में सबसे बड़ा हथियार साबित होता है।

डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच हुआ सीधा संवाद, सरल भाषा में दी गई लक्षणों और पुनर्वास की जानकारी

इस दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान मनोरोग विभाग की फैकल्टी एवं रेजिडेंट चिकित्सकों द्वारा अत्यंत सरल एवं संवादात्मक शैली में उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया। डॉक्टरों की टीम ने स्किज़ोफ्रेनिया के लक्षण, कारण, उपचार, दवा की नियमितता, पुनर्वास तथा इसमें परिवार की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। ओपीडी ब्लॉक में आए लोगों को बताया गया कि मतिभ्रम होना, बिना वजह शक करना और सामाजिक रूप से बिल्कुल अलग-थलग हो जाना इस बीमारी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

OPD Patients and Attendants Attending Mental Health Awareness Session Agra

ओपीडी में उपस्थित मरीजों और उनके तीमारदारों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं व शंकाओं को डॉक्टरों के सामने रखा और विशेषज्ञों से उनका सीधा समाधान प्राप्त किया। कई तीमारदारों ने दवाओं के साइड इफेक्ट्स और लंबे समय तक चलने वाले इलाज को लेकर सवाल पूछे, *(UPPolice)* जिनका डॉक्टरों ने संतुष्टिपूर्ण जवाब दिया।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण की जरूरत, सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने का संकल्प

कार्यक्रम का समापन समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्किज़ोफ्रेनिया से जुड़े सामाजिक कलंक व भेदभाव को समाप्त करने के संकल्प के साथ किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों और डॉक्टरों ने कहा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को समाज में उपेक्षा की नज़र से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्हें भी अन्य शारीरिक बीमारियों की तरह ही सामान्य रूप से इलाज की जरूरत होती है।

Concluding Session and Interactive Interaction with Experts at SNMC Agra

एस.एन. मेडिकल कॉलेज का मनोरोग विभाग इस तरह के आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को लगातार जागरूक कर रहा है। कॉलेज प्रशासन ने साफ किया कि भविष्य में भी ओपीडी और अन्य माध्यमों से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेष परामर्श शिविर और जागरूकता अभियान चलाए जाते रहेंगे, ताकि ताजनगरी और आसपास के जिलों से आने वाले नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सही मार्गदर्शन मिल सके।

यह भी पढ़ें

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, [tajnews.in](https://tajnews.in)


खबर शेयर कीजिए

Leave a Comment