Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Wednesday, 17 June 2026, 05:20:11 PM IST

आगरा: उत्तर प्रदेश में लागू की गई नई ई-पंजीकरण नियमावली 2024 के विरोध में आगरा सदर तहसील परिसर में चल रहा वकीलों का आंदोलन अब और उग्र रूप धारण करता जा रहा है। ‘अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक संघर्ष समिति’ के नेतृत्व में 16 जून से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज बुधवार, 17 जून 2026 को दूसरे दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी रहा। आंदोलन के इस दूसरे दिन अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के इस मंच पर तहसील के समस्त स्टाम्प विक्रेताओं ने भी अपना पूर्ण समर्थन घोषित करते हुए सहभागिता शुरू कर दी है। समिति द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आज हुई एक व्यापक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि जब तक इस जटिल ई-पंजीकरण प्रणाली को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन अनवरत चलता रहेगा। इसी क्रम में वकीलों ने कल, 18 जून 2026 को निबंधन मंत्री रविन्द्र जायसवाल का विरोध करते हुए उनका पुतला फूंकने का बड़ा कार्यक्रम तय किया है।

समिति द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस-विज्ञप्ति, जो कि “WhatsApp Image 2026-06-17 at 4.45.33 PM.jpeg” फाइल के रूप में संलग्न है, के अनुसार वकीलों और विलेख लेखकों का स्पष्ट मत है कि यह डिजिटल प्रणाली आम जनता के हितों के खिलाफ है। आज के इस विशाल धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से संघर्ष समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य एकजुट हुए। मंच से वक्ताओं ने कहा कि सरकार की यह दमनकारी नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्टाम्प विक्रेताओं के हड़ताल में शामिल हो जाने से अब रजिस्ट्री विलेखों के संपादन के साथ-साथ न्यायिक कार्यों के लिए जरूरी स्टाम्प की बिक्री भी प्रभावित हो रही है, जिससे सदर तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मची हुई है।

आंदोलन के दूसरे दिन अपनी आवाज बुलंद करने वाले प्रमुख अधिवक्ताओं और पदाधिकारियों में शम्भुनाथ वर्मा, लाल बहादुर राजपूत, इन्द्रपाल सिंह, अरविन्द कुमार दुबे, रामकृष्णा दत्त उपाध्याय, सतीश कुमार पचौरी, लाखन सिंह बघेल, मनोज कुमार, आशु यादव, शिवनन्दन शर्मा शर्मा, राजजीव उपाध्याय, राम कुमार रावत, राजेन्द्र कुलश्रेष्ठ, विमल तिवारी, दिव्यांश पाण्डेय, भगवान सिंह, मान सिंह धाकड़, कुलदीप सारस्वत, विष्णु गौड़, राजेन्द्र जैन, बृजकिशोर, मुकेश कुमार गुप्ता, अंशु कुमार, कुमार गुरु कपूर, विजय शर्मा, हेमंत जग्गी, शम्मू तोमर, दीपांशु जैन, राहुल पचौरी, महेश सारस्वत, कैलाश चंद्र आर्य, राम सारस्वत, प्रमेन्द्र त्यागी, विकास पाराशर, जसवंत सिंह, सुनील कुमार, मुकेश सिकरवार, हरिओम तोमर, गौतम जग्गी, सुनील कुमार पचौरी, वरुण दुबे और कृष्णकुमार शामिल रहे।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने साझा बयान में कहा कि कल होने वाला पुतला दहन कार्यक्रम इस आंदोलन की दशा और दिशा तय करेगा। यदि सरकार और संबंधित विभाग ने इस जनविरोधी डिजिटल प्रक्रिया को तुरंत वापस लेकर पुरानी और सुगम व्यवस्था बहाल नहीं की, तो यह हड़ताल केवल सदर तहसील तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसे पूरे जिले और संभाग स्तर पर विस्तारित किया जाएगा। वकीलों के लगातार दूसरे दिन कार्य बहिष्कार से रजिस्ट्री कार्यालय पूरी तरह सूने पड़े रहे और राजस्व का भारी नुकसान दर्ज किया गया।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777



