Agra Desk, tajnews.in | Thursday, April 23, 2026, 05:45:30 PM IST

आगरा: ताजनगरी आगरा में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। इस चिलचिलाती गर्मी के मौसम में जब किसी परिवार में कोई दुखद घटना घट जाती है और किसी प्रियजन का निधन हो जाता है, तो उनके पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी और कठिन चुनौती बन जाता है। अक्सर दूर-दराज या विदेशों में रहने वाले रिश्तेदारों के अंतिम दर्शन के लिए शव को कई घंटों या कभी-कभी एक-दो दिन तक सुरक्षित रखना पड़ता है। साधारण बर्फ की सिल्लियां इस भीषण गर्मी में बहुत जल्दी पिघल जाती हैं। ऐसे बेहद संवेदनशील और दुख की घड़ी में समाज को राहत प्रदान करने के लिए आगरा की प्रतिष्ठित संस्था ‘क्षेत्र बजाजा कमेटी’ (Kshetra Bajaja Committee) एक देवदूत की भूमिका निभा रही है। सामाजिक सरोकार और जनसेवा को समर्पित इस कमेटी को अब एक और बड़ा सहयोग प्राप्त हुआ है। संस्था को शहर के एक दानी परिवार की ओर से 18वां ‘एसी ताबूत’ (AC Coffin) दान स्वरूप प्राप्त हुआ है। इस नए एसी ताबूत के संस्था के बेड़े में शामिल होने से अब आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखने में त्वरित और सुलभ सहायता मिल सकेगी।
पिता की पावन स्मृति में दानी परिवार ने पेश की मिसाल
हमारे समाज में दान-पुण्य और परोपकार की एक बहुत पुरानी और गहरी परंपरा रही है। आगरा शहर हमेशा से ही अपने दानवीरों और समाजसेवियों के लिए जाना जाता रहा है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, इसी परोपकारी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आगरा के स्वदेशी बीमा नगर इलाके के निवासी प्रफुल्ल कुमार दौनेरिया ने एक बहुत ही सराहनीय और अनुकरणीय कदम उठाया है। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय प्रताप नरायन दौनेरिया की पावन स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए ‘क्षेत्र बजाजा कमेटी’ को एक आधुनिक ‘वातानुकूलित (एसी) ताबूत’ दान में दिया है। यह इस कमेटी को मिला 18वां एसी ताबूत है, जो सीधे तौर पर आगरा की जनता की सेवा में लगाया जाएगा。
इस महत्वपूर्ण दान को सौंपने के लिए ताजगंज (Tajganj) स्थित विद्युत शवदाहगृह परिसर के अंदर बने कमेटी के सत्संग हॉल में एक सादे लेकिन बेहद भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दानदाता प्रफुल्ल कुमार दौनेरिया अपनी धर्मपत्नी बीना गुप्ता के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और उन्होंने अपने हाथों से यह वातानुकूलित ताबूत कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को जनसेवार्थ सौंपा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने दौनेरिया परिवार की इस निःस्वार्थ सेवा और उनके परोपकारी दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। यह कोई पहली बार नहीं है जब इस परिवार ने समाज के लिए अपने खजाने खोले हैं, बल्कि इससे पहले भी वे कई सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर अपना योगदान देते रहे हैं。
मांग दोगुनी हुई: गर्मी में एसी ताबूत क्यों हैं संजीवनी?
अप्रैल और मई के महीनों में उत्तर भारत और विशेषकर आगरा का तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है। इस भीषण गर्मी और हीटवेव (Heatwave) के दौरान मृत शरीर का तेजी से डिकंपोज (Decompose) होना एक स्वाभाविक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। ऐसे में पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार तक गरिमापूर्ण तरीके से सुरक्षित रखना परिजनों के लिए सबसे बड़ी मानसिक और शारीरिक चुनौती बन जाती है। बर्फ का इस्तेमाल करने से न केवल बार-बार बर्फ बदलनी पड़ती है, बल्कि शव के खराब होने का डर भी लगातार बना रहता है। एसी ताबूत (Freezer Box) इस आधुनिक समस्या का सबसे सटीक और सम्मानजनक समाधान है。
बजाजा कमेटी के प्रकल्प प्रभारी उत्कर्ष अग्रवाल ने वर्तमान स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए बताया कि इन दिनों शहर में भीषण गर्मी का प्रकोप है, जिसके चलते एसी ताबूतों की मांग लगभग दोगुनी हो गई है। उत्कर्ष अग्रवाल ने जानकारी दी कि सामान्य दिनों में जहां हर रोज़ औसतन 4 से 5 ताबूतों की मांग रहती थी, वहीं अब भयंकर गर्मी के कारण यह मांग बढ़कर 8 से 10 ताबूतों तक पहुंच गई है। इस अचानक बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में कमेटी के पास उपलब्ध संसाधन कम पड़ने लगे थे। ऐसे विकट समय में 18वां ताबूत मिलना किसी संजीवनी (Lifesaver) से कम नहीं है। इस नए ताबूत के बेड़े में शामिल होने से कमेटी की सेवा क्षमता में काफी विस्तार होगा और जरूरतमंद परिवारों को बिना किसी लंबे इंतजार के तुरंत और सहज रूप से एसी ताबूत उपलब्ध कराया जा सकेगा。
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बजाजा कमेटी का परोपकारी इतिहास और समाज को दिशा
आगरा में ‘क्षेत्र बजाजा कमेटी’ केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकार का एक बहुत बड़ा प्रतीक बन चुकी है। यह कमेटी वर्षों से बिना किसी व्यावसायिक लाभ या मुनाफे के शहरवासियों को उनके सबसे दुखद और कठिन समय में अमूल्य सहायता प्रदान कर रही है। चाहे वह मोक्षधाम में लकड़ियों की व्यवस्था हो, अंतिम संस्कार की सामग्री हो, या फिर एसी ताबूत जैसी महंगी और आवश्यक सुविधा हो, बजाजा कमेटी हमेशा समाज के लिए सबसे आगे खड़ी नजर आती है。
कार्यक्रम के दौरान कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने दानदाता परिवार की उदारता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी परिवार की ओर से ठीक एक वर्ष पहले भी जनहित में एक एसी ताबूत कमेटी को दान किया जा चुका है। बार-बार इस तरह के सामाजिक कार्यों में आगे आना यह सिद्ध करता है कि शहर के संपन्न और प्रबुद्ध नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को कितनी गहराई से समझते हैं। वहीं, संस्था के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने इस दान के लिए एसी ताबूत दानदाता परिवार के प्रति अपना गहरा आभार (Gratitude) व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के ऐसे ही दानी सज्जनों के सहयोग से कमेटी आज इतने विशाल स्तर पर अपनी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित कर पा रही है। उन्होंने शहर के अन्य संपन्न वर्गों से भी अपील की कि वे ऐसे जनोपयोगी कार्यों के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाएं ताकि शहर का कोई भी नागरिक सुविधाओं के अभाव में परेशान न हो。
पदाधिकारियों और समाजसेवियों का लगा रहा जमावड़ा
ताजगंज मोक्षधाम परिसर में आयोजित इस भावपूर्ण समर्पण समारोह में शहर के कई गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और बजाजा कमेटी के समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुनील विकल, ताराचंद गोयल, बृजकिशोर अग्रवाल, प्रशान्त गुप्ता, कृष्ण मुरारी “बल्ले”, मनोज शर्मा, संजीव गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता, राकेश गर्ग, राम कुमार अग्रवाल, मुकेश नेताजी, अशोक जैन, विपिन जिंदल, संजीव गोयल, विशनू जैन, मुकेश अग्रवाल, प्रमोद और संजय अग्रवाल आदि प्रमुखता से मौजूद रहे। इन सभी लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि यह केवल एक वस्तु का दान नहीं था, बल्कि यह समाज के उस मजबूत ताने-बाने (Social Fabric) का प्रदर्शन था जहां दुख की घड़ी में पूरा समाज एक साथ खड़ा होता है。
संस्था के मीडिया प्रभारी नंदकिशोर गोयल ने इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा और कमेटी की भावी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कमेटी का मुख्य उद्देश्य हर उस व्यक्ति तक अपनी पहुंच बनाना है जिसे शोक के समय संसाधनों की तत्काल आवश्यकता होती है। गर्मी का मौसम अभी और लंबा चलेगा, इसलिए कमेटी अपने स्वयंसेवकों को 24×7 अलर्ट मोड पर रखे हुए है। यह पहल केवल एक परिवार को मदद नहीं पहुंचाती है, बल्कि पूरे समाज को यह आश्वस्त करती है कि मानवीय संवेदनाएं आज भी जीवित हैं। दौनेरिया परिवार द्वारा अपने स्वर्गीय पिता की स्मृति में दिया गया यह 18वां एसी ताबूत शहर के अनगिनत परिवारों को उनके सबसे बुरे वक्त में एक गरिमापूर्ण संबल प्रदान करेगा और इंसानियत की इस मिसाल को हमेशा जिंदा रखेगा。
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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