Agra Desk, tajnews.in | Thursday, April 23, 2026, 08:50:30 PM IST

आगरा: प्रतिभा कभी भी सुख-सुविधाओं और अमीरी की मोहताज नहीं होती; अगर इंसान के भीतर कुछ कर गुजरने का सच्चा जज्बा और अटूट लगन हो, तो वह किसी भी अभाव को मात देकर सफलता के शिखर पर पहुंच सकता है। इस बात को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के 12वीं (इंटरमीडिएट) के नतीजों में आगरा की एक होनहार बेटी ने सच साबित कर दिखाया है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, आगरा जिले में एक साधारण पेंटर की बेटी ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में 94.80 प्रतिशत का भारी-भरकम स्कोर हासिल कर पूरे जिले में टॉप किया है। इस बेटी की शानदार सफलता ने न केवल उसके गरीब माता-पिता का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है, बल्कि पूरे ताजनगरी का नाम भी रोशन किया है। जिले का ओवरऑल रिजल्ट इस बार 83.01 प्रतिशत रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है। इसके अलावा, समाज की मुख्यधारा से कटे हुए जेल के बंदियों ने भी इस बार परीक्षा में अपना शानदार प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है। परिणाम जारी होने के बाद से ही शहर के सभी मेधावियों के घरों में जश्न और बधाइयों का तांता लगा हुआ है। आइए, आगरा जिले के इस विस्तृत परीक्षा परिणाम और टॉपर बेटी के संघर्ष की पूरी कहानी पर एक नजर डालते हैं।
अभावों को पछाड़ काजल कुमारी ने रचा इतिहास
आगरा जिले की टॉपर लिस्ट इस बार एक बेहद प्रेरणादायक कहानी लेकर आई है। श्रीमती भगवती देवी जैन कन्या इंटर कॉलेज की होनहार छात्रा काजल कुमारी ने 12वीं की परीक्षा में 94.80 प्रतिशत का जादुई आंकड़ा छूकर पूरे जिले में पहला स्थान हासिल किया है। काजल की यह सफलता इसलिए भी बहुत खास और बड़ी है क्योंकि वह एक बेहद सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता पेशे से एक पेंटर (पुताई का काम करने वाले) हैं, जो दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं।
बेटी के जिला टॉपर बनने की खबर जैसे ही परिवार को मिली, पूरे घर में खुशी की लहर दौड़ गई। काजल की मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। काजल ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के कड़े संघर्ष और अपने विद्यालय के शिक्षकों के सही मार्गदर्शन को दिया है। उनका कहना है कि संसाधनों की कमी कभी भी उनके सपनों के आड़े नहीं आई। वहीं, जिले की टॉपर्स सूची में दूसरे नंबर पर श्री नरायन इंटर कॉलेज जऊपुरा की अंजली रही हैं, जिन्होंने अपनी लगन से यह शानदार मुकाम हासिल किया है। इसके अलावा, जिले में तीसरे नंबर पर जतिन कुमार रहे हैं। इन सभी मेधावियों ने यह साबित कर दिया है कि अगर दिशा सही हो तो हर लक्ष्य को भेदा जा सकता है।
आगरा का समग्र प्रदर्शन: 83.01% रहा जिले का रिजल्ट
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के आंकड़ों के अनुसार, इस बार आगरा जिले में इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए कुल 61,689 परीक्षार्थियों ने अपना पंजीकरण (Registration) कराया था। इनमें से 60,456 परीक्षार्थी मुख्य परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा परिणामों की घोषणा के बाद सामने आया कि इनमें से 50,099 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली है। इस प्रकार, आगरा जिले का कुल पास प्रतिशत 83.01% रहा है। हालांकि, राज्य स्तर पर आगरा का प्रदर्शन थोड़ा फीका रहा है और पूरे उत्तर प्रदेश में आगरा जिले को 33वां स्थान प्राप्त हुआ है।
अगर पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में इंटरमीडिएट में आगरा का परीक्षा परिणाम 76.47 प्रतिशत रहा था। इस लिहाज से देखा जाए तो इस वर्ष जिले के रिजल्ट में करीब 6.54 प्रतिशत का अच्छा और सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। पिछले साल आगरा में सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कॉलेज फतेहाबाद के छात्र शिवकुमार गोला ने 90.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे जिले में टॉप किया था। इस बार काजल कुमारी ने 94.80 प्रतिशत अंक लाकर पिछले साल के टॉपर का रिकॉर्ड भी बड़े मार्जिन से तोड़ दिया है, जो जिले की शिक्षा गुणवत्ता में हो रहे सुधार का एक सकारात्मक संकेत है।
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जेल से परीक्षा देने वाले बंदियों ने पेश की शानदार मिसाल
शिक्षा एक ऐसा प्रकाश है जो किसी भी अंधकारमय जीवन को रोशन कर सकता है। आगरा जिले के परीक्षा परिणामों में एक बहुत ही भावुक और सकारात्मक पहलू जेल में बंद कैदियों के रिजल्ट से जुड़ा हुआ है। शिक्षा के प्रति इन बंदियों के समर्पण ने समाज को एक नई दिशा दिखाई है। आंकड़ों के मुताबिक, इंटरमीडिएट में इस बार आगरा जेल में निरुद्ध 17 बंदियों ने बोर्ड की परीक्षा दी थी। जब परिणाम घोषित हुए, तो सभी को सुखद आश्चर्य हुआ। इन 17 बंदियों में से 15 ने शानदार तरीके से परीक्षा पास कर ली है।
जेल से परीक्षा देने वाले बंदियों का पास प्रतिशत 88% रहा है, जो जिले के समग्र पास प्रतिशत (83.01%) से भी अधिक है। जेल की चारदीवारी और अवसाद भरे माहौल के बीच रहकर पढ़ाई करना और इतने अच्छे अंकों से परीक्षा पास करना इन बंदियों की मानसिक दृढ़ता और सुधार की चाहत को दर्शाता है। जेल प्रशासन ने भी इन कैदियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक पुस्तकें और माहौल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। यह परिणाम सिद्ध करता है कि अगर किसी को सुधरने का सही अवसर मिले, तो वह समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकता है।
पिछले पांच वर्षों का लेखा-जोखा और फेल छात्रों के लिए संजीवनी
अगर आगरा जिले के पिछले पांच वर्षों के 12वीं के परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करें, तो इसमें लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2022 में आगरा का रिजल्ट 87.55% था, जो वर्ष 2023 में गिरकर 77.10% रह गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में यह फिर से सुधरकर 83.28% पर पहुंचा, लेकिन 2025 में फिर एक बड़ी गिरावट के साथ 76.47% पर आ गया। अब वर्ष 2026 में जिले ने फिर से बाउंस बैक किया है और रिजल्ट 83.01% तक पहुंच गया है। यह डेटा शिक्षा विभाग को उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगा जहां सुधार की निरंतर गुंजाइश है।
इस रिजल्ट के साथ ही यूपी बोर्ड ने उन छात्रों के लिए भी राहत के द्वार खोले हैं जो किसी कारणवश एक या दो विषयों में फेल हो गए हैं। ऐसे स्टूडेंट्स को बिल्कुल भी निराश होने की जरूरत नहीं है। यूपी बोर्ड (UPMSP) द्वारा जल्द ही कंपार्टमेंट (Compartment) परीक्षा के लिए आवेदन लिए जाएंगे। छात्र तय तारीख पर फॉर्म भरकर दोबारा उन विषयों की परीक्षा दे सकेंगे और अपना कीमती साल खराब होने से बचा सकेंगे। इसके अलावा, जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे स्क्रूटिनी (Scrutiny) के लिए भी आवेदन कर सकेंगे, जिसके तहत उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाएगी। हालांकि, छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि स्क्रूटिनी और कंपार्टमेंट एग्जाम के बाद मिलने वाले अंक ही अंतिम और सर्वमान्य माने जाएंगे।
डिजिलॉकर पर मिलेगी मार्कशीट, डिजिटल इंडिया की पहल
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) भी अब तेजी से डिजिटलीकरण (Digitization) की ओर बढ़ रहा है। इस बार बोर्ड ने छात्रों की सहूलियत के लिए एक बहुत बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है। यह लगातार दूसरी बार होगा कि रिजल्ट जारी किए जाने के तुरंत बाद सभी पास हुए छात्रों की आधिकारिक मार्कशीट भारत सरकार के सुरक्षित ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी।
छात्र अपने आधार कार्ड और रोल नंबर का उपयोग करके तुरंत अपनी डिजिटल और वेरिफाइड मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे। इस डिजिटल मार्कशीट का उपयोग वे आगे के कॉलेजों में एडमिशन (Admission) लेने या किसी अन्य सरकारी कार्य के लिए तुरंत कर सकते हैं। इसके बाद, हमेशा की तरह कुछ ही दिनों में संबंधित स्कूलों के माध्यम से छात्रों को हार्ड कॉपी (Physical Marksheet) भी उपलब्ध करा दी जाएगी। कुल मिलाकर, यूपी बोर्ड 2026 के नतीजे आगरा के लिए कई नई उम्मीदें और प्रेरणाएं लेकर आए हैं, जिसमें काजल कुमारी जैसे मेधावियों का संघर्ष हमेशा के लिए एक मिसाल बन गया है।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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