Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Tuesday, 26 May 2026, 07:14:52 AM IST

आगरा: ताजगंज स्थित आगरा चौपाटी में जिप लाइन हादसे में 16 वर्षीय किशोर कुनाल की मौत के बाद अब मामले में बड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन शुरू हो गया है। हादसे की शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने चौपाटी परिसर को अस्थायी रूप से बंद करा दिया है। वहीं जिप लाइन संचालन से जुड़े कंपनी मैनेजर और सुरक्षा प्रभारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस पूरे मामले ने आगरा में एडवेंचर एक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि किशोर कुनाल की मौत सिर में गंभीर चोट लगने और उसके बाद कोमा में जाने से हुई। बताया जा रहा है कि जिप लाइन के दौरान अचानक मुख्य लॉक टूट गया था, जिसके कारण किशोर करीब 45 फीट नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद से लगातार सामने आ रही तस्वीरों और वीडियो ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।

पुलिस के अनुसार हादसे के बाद मृतक के पिता पंकज अग्रवाल की तहरीर पर थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चौपाटी संचालन से जुड़े मैनेजर और सुरक्षा प्रभारी को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
घटना के बाद आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने भी सख्त रुख अपनाया है। एडीए की ओर से पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो जिप लाइन संचालन में इस्तेमाल उपकरणों, सुरक्षा मानकों, लाइसेंस और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने तक चौपाटी को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आगरा चौपाटी में लंबे समय से सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही थी। कई लोगों ने आरोप लगाया कि जिप लाइन पर सवार होने वाले लोगों को पर्याप्त सुरक्षा जानकारी नहीं दी जाती थी। वहीं कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि उपकरणों की तकनीकी जांच नियमित रूप से नहीं हो रही थी।
वायरल वीडियो और तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि हादसे के दौरान किशोर अचानक संतुलन खो बैठा और मुख्य लॉक टूटते ही नीचे गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गिरने के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई थी। आसपास मौजूद लोग तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायल किशोर को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि गिरने के दौरान किशोर का सिर जमीन से टकराया था, जिससे उसके मस्तिष्क में गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और अंततः उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यदि सुरक्षा उपकरण मजबूत होते और नियमों का सही तरीके से पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
घटना के बाद से आगरा चौपाटी में सन्नाटा पसरा हुआ है। सोमवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। जांच टीम ने जिप लाइन में इस्तेमाल हुक, बेल्ट, वायर, सुरक्षा जाल और अन्य उपकरणों की तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। किसी भी उपकरण की छोटी सी तकनीकी खराबी भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसी कारण ऐसे स्थानों पर नियमित ऑडिट, प्रशिक्षित स्टाफ और उच्च गुणवत्ता वाले सुरक्षा उपकरण अनिवार्य माने जाते हैं।
फिलहाल पुलिस और एडीए दोनों स्तरों पर जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस हादसे ने शहर में मनोरंजन और एडवेंचर गतिविधियों के संचालन पर व्यापक बहस शुरू कर दी है।

Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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