कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक का आरोप, पशु प्रेमियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

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पुष्पांजलि बाग सोसाइटी में कुत्तों को खाना खिलाने वालों से कथित तौर पर समझौते पर हस्ताक्षर कराने का आरोप; पशु प्रेमियों ने कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और पशु जन्म नियंत्रण नियमों के विपरीत बताया

आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | शनिवार, 29 अगस्त 2026, 08:32:09 AM IST

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आगरा डेस्क

tajnews.in | आगरा: पुष्पांजलि बाग सोसाइटी में सामुदायिक कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर विवाद सामने आया है। पशु प्रेमियों ने आरोप लगाया है कि कुत्तों को खाना खिलाने वाले लोगों से कथित तौर पर एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसमें सोसाइटी परिसर के भीतर सामुदायिक कुत्तों को भोजन न देने की बात कही गई थी।

HIGHLIGHTS
  1. पुष्पांजलि बाग सोसाइटी में कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक को लेकर उपजा विवाद।
  2. एसपीसीए सदस्य विनिता अरोरा व पशु प्रेमियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर की शिकायत।
  3. न्यू आगरा पुलिस पर कथित तौर पर समझौते पर जबरन हस्ताक्षर कराने का लगाया आरोप।
  4. कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और Animal Birth Control Rules के विपरीत बताया।

इस मामले को लेकर एसपीसीए की सदस्य विनिता अरोरा और अन्य पशु प्रेमियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। पशु प्रेमियों ने इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और दावा किया कि यह सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने से संबंधित न्यायिक आदेशों और पशु जन्म नियंत्रण नियमों की भावना के विपरीत है।

न्यू आगरा पुलिस पर समझौते पर हस्ताक्षर कराने का आरोप

पशु प्रेमियों का आरोप है कि न्यू आगरा पुलिस की ओर से कुत्तों को भोजन देने वाले लोगों को एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।

उनके अनुसार, समझौते में यह उल्लेख था कि संबंधित लोग सोसाइटी परिसर के अंदर सामुदायिक कुत्तों को खाना नहीं खिलाएंगे। पशु प्रेमियों ने आरोप लगाया कि उनसे यह हस्ताक्षर उनकी इच्छा के विरुद्ध कराए गए।

हालांकि, इस संबंध में पुलिस का पक्ष इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है।

कार्रवाई को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया

ज्ञापन देने वाले पशु प्रेमियों का कहना है कि सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने से रोकने के लिए इस प्रकार का समझौता कराना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से इस तरह की रोक लगाने की कार्रवाई उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि सोसाइटी परिसर में सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने के संबंध में लागू नियम और दिशा-निर्देश क्या हैं तथा उनका पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और नियमों का दिया हवाला

पशु प्रेमियों ने ज्ञापन में दावा किया कि सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने से जुड़े अधिकार और व्यवस्थाएं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों तथा Animal Birth Control Rules के तहत संरक्षित हैं।

उनका कहना है कि पशु प्रेमियों को सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने से पूरी तरह रोकने के बजाय स्थानीय प्रशासन, सोसाइटी प्रबंधन और पशु प्रेमियों के बीच समन्वय के आधार पर ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे पशुओं की देखभाल के साथ निवासियों की सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखा जा सके।

डीएम को ज्ञापन, संयुक्त बैठक बुलाने की मांग

पशु प्रेमियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों, सोसाइटी प्रबंधन और पशु प्रेमियों के बीच एक संयुक्त बैठक आयोजित कराने का भी अनुरोध किया है।

उनका कहना है कि बैठक के माध्यम से सामुदायिक कुत्तों को लेकर उत्पन्न विवाद का व्यावहारिक और नियमों के अनुरूप समाधान निकाला जा सकता है।

पशु प्रेमियों के अनुसार, जिलाधिकारी की ओर से उन्हें मामले में सहयोग का आश्वासन दिया गया है।

नियमों के अनुरूप समाधान की मांग

मामले ने एक बार फिर आवासीय सोसाइटियों में सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने और निवासियों की सुविधा एवं सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता को सामने रखा है।

पशु प्रेमियों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और ऐसा समाधान निकाले, जिससे कानून एवं लागू नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके तथा भविष्य में इस प्रकार के विवादों की स्थिति पैदा न हो।

पुलिस पर समझौते पर हस्ताक्षर कराने और पशु प्रेमियों को सामुदायिक कुत्तों को भोजन देने से रोकने के आरोप ज्ञापन देने वाले पशु प्रेमियों के हैं। इन आरोपों पर पुलिस अथवा संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब उपलब्ध होने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

Pawan Kumar Singh

Chief Editor, Taj News


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