न्यू आगरा थाने में करीब 12 साल पुराने मामले में प्राथमिकी दर्ज; मकान मालिक का आरोप—कूटरचित दस्तावेजों के जरिए मकान के हिस्से पर कब्जे की कोशिश की गई
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | शनिवार, 29 अगस्त 2026, 07:15:41 AM IST

tajnews.in | आगरा: मकान के एक हिस्से पर कथित तौर पर कब्जा करने के उद्देश्य से फर्जी किरायानामा और अन्य दस्तावेजों के आधार पर बिजली कनेक्शन लेने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर न्यू आगरा थाने में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों में दो निजी व्यक्ति और टोरंट पावर के दो तत्कालीन अथवा संबंधित अधिकारी शामिल हैं। मामला करीब 12 वर्ष पुराना बताया जा रहा है।
न्यू आगरा निवासी दिनेश कालरा की शिकायत पर नवीन पालीवाल, गौरव पालीवाल, टोरंट पावर के महाप्रबंधक संजय सिंह और सहायक महाप्रबंधक पीयूष कुमार सिन्हा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्राथमिकी न्यायालय के आदेश पर दर्ज की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच पुलिस विवेचना के दौरान की जाएगी।
कूटरचित किरायानामा तैयार करने का आरोप
शिकायतकर्ता दिनेश कालरा ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि बैभव कुंज निवासी नवीन पालीवाल और उनके भाई गौरव पालीवाल ने मकान के एक हिस्से पर कब्जा करने के उद्देश्य से 15 अप्रैल 2014 की तारीख का कथित कूटरचित किरायानामा तैयार किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि दस्तावेज में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए और परिवार के सदस्यों की तस्वीरों का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।
दिनेश कालरा के अनुसार, उक्त दस्तावेजों का इस्तेमाल बाद में बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में किया गया।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिजली कनेक्शन लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, कथित किरायानामा और अन्य दस्तावेजों के आधार पर टोरंट पावर से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया।
दिनेश कालरा का कहना है कि उन्होंने 7 अप्रैल 2015 को टोरंट पावर के अधिकारियों को लिखित रूप से सूचित किया था कि संबंधित किराया अनुबंध समाप्त हो चुका है।
इसके बावजूद वर्ष 2015 में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिजली कनेक्शन जारी किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने टोरंट पावर के महाप्रबंधक संजय सिंह और सहायक महाप्रबंधक पीयूष कुमार सिन्हा पर भी मामले में कथित मिलीभगत का आरोप लगाया है।
निर्वाचन विभाग की रिपोर्ट का भी दिया हवाला
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभिन्न सरकारी विभागों में जमा कराए गए कुछ दस्तावेजों की जांच के दौरान उन्हें गलत पाया गया। उन्होंने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट का भी हवाला दिया है।
दिनेश कालरा के अनुसार, उन्होंने 14 मई 2026 को पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी शिकायत भेजी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश के बाद 27 अगस्त 2026 को न्यू आगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस करेगी साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, कथित किरायानामे, बिजली कनेक्शन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों तथा अन्य संबंधित अभिलेखों की जांच करेगी। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टोरंट पावर ने प्रक्रिया का पालन करने की बात कही
मामले में टोरंट पावर की ओर से कहा गया कि नया बिजली कनेक्शन निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी किया जाता है।
कंपनी के अनुसार, कनेक्शन देने से पहले आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाते हैं, संबंधित परिसर का सर्वे किया जाता है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपभोक्ता की उपस्थिति एवं अन्य आवश्यक तथ्यों की पुष्टि के बाद कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
फिलहाल, न्यायालय के आदेश पर दर्ज प्राथमिकी की जांच जारी है। कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनके आधार पर बिजली कनेक्शन लेने और अधिकारियों की कथित भूमिका से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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