Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Sunday, 31 May 2026, 02:15:22 PM IST

आगरा: ताजनगरी के फतेहाबाद रोड स्थित प्रतिष्ठित होटल फेयरफील्ड बाई मैरियट के सभागार में शनिवार शाम इंडियन मीनोपॉज सोसाइटी की आगरा शाखा (आगरा मीनोपॉज सोसाइटी) द्वारा एक भव्य अधिष्ठाता समारोह और स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। “वर्क लाइफ बैलेंस” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में चिकित्सा विशेषज्ञों ने समकालीन समाज में कामकाजी महिलाओं के समक्ष मौजूद सामाजिक, मानसिक और शारीरिक चुनौतियों पर विस्तार से मंथन किया। कार्यक्रम के मुख्य प्रशासनिक सत्र में सोसाइटी की वर्ष 2026-27 की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का आधिकारिक शपथ ग्रहण संपन्न हुआ, जिसमें आगरा की प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा सिंह ने अध्यक्ष पद का कार्यभार पूरी विधिक औपचारिकताओं के साथ संभाल लिया। समारोह में शहर के प्रबुद्ध चिकित्सकों ने एक सुर में कहा कि आधुनिक युग में महिलाओं के सामने पारिवारिक और व्यावसायिक मोर्चे पर चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसके सफल प्रबंधन के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि कामकाजी महिलाएं अपनी रीढ़ को मजबूत करते हुए वर्कप्लेस और निजी जिंदगी में एक स्वास्थ्यप्रद व संतुलित तालमेल स्थापित करें।
आगरा मीनोपॉज सोसाइटी के अध्यक्ष पद का गरिमापूर्ण कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत डॉ. सीमा सिंह ने उपस्थित महिला चिकित्सकों और तीमारदारों को संबोधित किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने वर्ष 2026-27 के कार्यकाल के दौरान सोसाइटी द्वारा मीनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद महिलाओं के शरीर में होने वाले क्रमिक परिवर्तनों और उससे जुड़ी विसंगतियों के प्रति समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जाने वाले व्यापक कार्यों का पूरा खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में महिलाएं प्रत्येक जिम्मेदारी को अत्यंत निष्ठा और समर्पण भाव से पूरा करती हैं, यही कारण है कि आज व्यावसायिक वर्कप्लेस पर भी उनकी विधिक जवाबदेही और काम का दबाव पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया है। इसके साथ ही, गृहस्थ जीवन और निजी जिंदगी में भी उन्हें पूरे संयुक्त परिवार की देखभाल और बच्चों की परवरिश की दोहरी जिम्मेदारी अकेले अपने कंधों पर संभालनी पड़ रही है। इस दोहरे सामाजिक दबाव के बीच यह अत्यंत आवश्यक हो जाता है कि महिलाएं सबसे पहले स्वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रखें।

डॉ. सीमा सिंह ने आगे चिकित्सा विज्ञान के तकनीकी पहलुओं को समझाते हुए बताया कि 45 से 50 वर्ष की आयु के पश्चात महिलाओं के शरीर में मीनोपॉज के कारण कई तरह के अप्रत्याशित हार्मोनल बदलाव (एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी) होते हैं। इन जैविक परिवर्तनों की वजह से महिलाओं में अत्यधिक चिड़चिड़ापन, अचानक तेज गर्मी लगना (हॉट फ्लैशेस), हड्डियों में कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस), अवसाद, अनिद्रा और अचानक घबराहट जैसी गंभीर मानसिक व शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। अक्सर महिलाएं लोक-लाज या सामाजिक संकोच के कारण इन विसंगतियों को परिवार से छिपाती हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता और पारिवारिक शांति प्रभावित होती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, उचित काउंसलिंग और सही जीवन शैली को अपनाकर इन सभी समस्याओं को आसानी से दूर किया जा सकता है और महिलाएं मीनोपॉज के उपरांत भी एक अत्यंत खुशहाल, ऊर्जावान और गौरवपूर्ण जिंदगी जी सकती हैं।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता और देश के प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने “वर्क लाइफ बैलेंस” विषय पर अपना मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने महिला जीवन के विभिन्न पड़ावों पर आने वाली क्रमिक समस्याओं और वर्कप्लेस के साथ-साथ निजी जिंदगी के द्वंद्व पर अत्यंत व्यावहारिक चर्चा की। डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने वैज्ञानिक डेटा प्रस्तुत करते हुए कहा कि एक सफल कामकाजी महिला को दिनभर में कई तरह की मानसिक विधाओं से गुजरना पड़ता है, जिससे उसमें ‘बर्नआउट’ (अत्यधिक थकान) का खतरा बढ़ जाता है। इसके विधिक और वैज्ञानिक समाधान बताते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने दैनिक जीवन में ‘टाइम Manajemen’ (समय प्रबंधन) के साथ-साथ ‘स्ट्रेस मैनेजमेंट’ (تनाव प्रबंधन) को अपनाना होगा। उन्होंने महिलाओं को खुद के लिए भी कुछ समय निकालने, नियमित योगाभ्यास करने, संतुलित आहार लेने और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों का विधिक बंटवारा करने का मूल मंत्र दिया, ताकि वे बिना किसी मानसिक अवसाद के अपने करियर और परिवार दोनों को समान संबल प्रदान कर सकें।

विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन और वैचारिक परिचर्चा में देश-प्रदेश की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस परिचर्चा की मुख्य चेयरपर्सन डॉ. संतोष सिंघल, डॉ. आरती गुप्ता, डॉ. सविता त्यागी, डॉ. सुधा बंसल और डॉ. शिखा सिंह रहीं। इन सभी प्रबुद्ध वक्ताओं ने कामकाजी महिलाओं की रीढ़ की हड्डी और उनके जोड़ों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की वकालत की। डॉक्टरों ने कहा कि कार्यस्थल पर लगातार कई घंटों तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से महिलाओं के शारीरिक ढांचे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसे दूर करने के लिए एर्गोनॉमिक्स और छोटे अंतरालों पर आराम करना जरूरी है। इससे पूर्व, संगोष्ठी की शुरुआत में आगरा मीनोपॉज सोसाइटी की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संगीता चतुर्वेदी ने मुख्य प्रशासनिक गरिमा के साथ सभी नवागंतुक अतिथियों, वक्ताओं और बाहर से आए डेलीगेट्स का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
समारोह के विधिक प्रशासनिक सत्र में सोसाइटी की निवर्तमान और पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजना महेश तथा सचिव केया पाराशर जैन ने मंच से पिछले सत्र की विस्तृत प्रशासनिक और वित्तीय रिपोर्ट पेश की। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए जन-जागरूकता कैंपों और चिकित्सा शिविरों की सफलता की सराहना की और नई टीम को अपनी शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आगरा की प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी पचौरी, डॉ. मुकेश चंद्रा, डॉ. अलका सारस्वत और डॉ. संध्या अग्रवाल ने स्वास्थ्य कारणों से प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न हो पाने पर तकनीकी माध्यम का उपयोग करते हुए अपने विशेष शुभकामना संदेशों की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी, जिसे हॉल में बड़ी स्क्रीन पर प्रसारित किया गया।

इस गरिमापूर्ण समारोह में ताजनगरी की संपूर्ण मेडिकल फैटरनिटी और स्त्री रोग विशेषज्ञों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। मुख्य रूप से एओजीएस (AOGS) की वर्तमान अध्यक्ष डॉ. अनिता भारद्वाज, डॉ. भारती, डॉ. अमनप्रिया, डॉ. गार्गी, डॉ. निधि दीक्षित, डॉ. मीनल, डॉ. अर्चना सिंघल, डॉ. योगेश सिंघल, डॉ. सुभाषिणी गुप्ता, डॉ. माला यादव, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. तोषी और डॉ. गायत्री गुप्ता सहित शहर के लगभग 100 से अधिक वरिष्ठ चिकित्सक और चिकित्सा जगत से जुड़ी विभूतियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम के अंतिम चरण में नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें सर्वसम्मति से डॉ. सीमा सिंह को अध्यक्ष, डॉ. नीलम सिंह को सचिव और डॉ. गायत्री गुप्ता को कोषाध्यक्ष का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। नवनिर्वाचित सचिव डॉ. नीलम सिंह ने पूरी कार्यकारिणी की ओर से सभी उपस्थित डॉक्टरों, मीडिया कर्मियों और होटल प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन महिलाओं को एक स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन देने के विधिक संकल्प के साथ हुआ।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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