ट्रंप का बड़ा दावा: होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के नियंत्रण की घोषणा से खलबली, ईरान ने किया जलडमरूमध्य बंद करने का पलटवार

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International Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 13 July, 2026, 06:45:10 PM IST.

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tajnews.in | वाशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के मध्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक अत्यंत चौंकाने वाले और आक्रामक बयान से वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में खलबली मच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (जलडमरूमध्य) का रणनीतिक नियंत्रण अब पूरी तरह से संयुक्त राज्य अमेरिका के हाथों में आ चुका है। फॉक्स न्यूज चैनल को दिए एक विशेष इंटरव्यू में राष्ट्रपति ने वैश्विक जहाजों की सुरक्षा के एवज में वित्तीय वसूली करने का ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका इस जलमार्ग के लिए ‘गार्डियन ऑफ द स्ट्रेट’ की विधिक भूमिका निभाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे के तुरंत बाद पलटवार करते हुए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह बंद करने का कड़ा सैन्य ऐलान कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्वयुद्ध की आशंकाएं गहरा गई हैं।

HIGHLIGHTS
  1. रणनीतिक दावा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान— होर्मुज स्ट्रेट का पूरा कंट्रोल अब अमेरिकी सेना के विधिक हाथों में आया।
  2. सुरक्षा के बदले वसूली: अमेरिका बनेगा जलमार्ग का आधिकारिक ‘गार्डियन’, सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के एवज में वैश्विक जहाजों से लेगा पेमेंट।
  3. ईरान का कड़ा पलटवार: फारस की खाड़ी अथॉरिटी (PGSA) ने अमेरिकी ‘शत्रुतापूर्ण कार्रवाई’ को जिम्मेदार ठहराते हुए होर्मुज स्ट्रेट को किया पूरी तरह बंद।
  4. भीषण सैन्य तबाही: वाशिंगटन ने ईरान के भीतर 140 ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से भेदा, तेहरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी अड्डों को बनाया निशाना।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों से प्राप्त विस्तृत और आधिकारिक विवरण के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच कुछ दिनों की कूटनीतिक बातचीत के विफल होने के बाद दोनों देशों के मध्य जारी सैन्य जंग ने अत्यंत भयावह रूप अख्तियार कर लिया है। पूर्व में दोनों देशों के मध्य हस्ताक्षरित हुआ महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) अब पूरी तरह से बेअसर और अप्रासंगिक साबित हो चुका है। अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने रविवार (12 जुलाई 2026) को एक बहुत बड़ा रणनीतिक हमला करते हुए ईरान के भीतर कुल 140 सैन्य ठिकानों पर क्रूज मिसाइलों और घातक ड्रोनों से भीषण बमबारी की। इस कड़े प्रहार के तहत विशेष रूप से ईरान के तेल समृद्ध खुजेस्तान प्रांत में जबरदस्त हमले किए गए। इसके जवाब में सोमवार (13 जुलाई 2026) की सुबह ईरान ने आक्रामक पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को अपना निशाना बनाया, जिसमें कुवैत में तैनात अमेरिकी सेना का एक अत्याधुनिक हाईमार्स (HIMARS) मिसाइल लॉन्चर पूरी तरह से तबाह हो गया। इसी भीषण युद्ध के बीच रूस का एक विशेष वीवीआईपी विमान टीयू-214पीयूपी (Tu-214PU) तेहरान पहुंचा है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि क्रेमलिन इस जंग में विधिक रूप से ईरान को खुफिया और रसद सहायता प्रदान कर रहा है।

इस महायुद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘फॉक्स एंड फ्रेंड्स’ लोकप्रिय कार्यक्रम में लाइव इंटरव्यू के दौरान वैश्विक मंच पर अपनी सैन्य जीत का दावा ठोक दिया। राष्ट्रपति ने गर्व से कहा कि अमेरिकी सेना के कड़े प्रहारों के चलते ईरान की नौसेना, वायुसेना और मुख्य मिसाइल क्षमताएं लगभग 100 फीसदी पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं और इस जंग में ईरान भू-राजनीतिक स्तर पर बुरी तरह पराजित हो रहा है। उन्होंने संघर्ष में मारे गए कई शीर्ष स्तर के ईरानी सैन्य नेताओं के नामों का विधिक उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के परमाणु और आर्थिक ठिकानों के खिलाफ अपने आक्रामक हमले निरंतर जारी रखेगा। होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी आधिपत्य का खाका खींचते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका न केवल इस जलमार्ग को सुरक्षित रखेगा बल्कि इसके संपूर्ण विधिक ऑपरेशन्स को अपने हाथों में लेकर यहां से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों से सुरक्षा टैक्स की वसूली भी करेगा, क्योंकि अमेरिकी सेना के इस वैश्विक अभियान का वित्तीय भार अन्य व्यापारिक देशों को उठाना चाहिए।

दूसरी ओर, ईरान के सैन्य नेतृत्व और सर्वोच्च रक्षा परिषद ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए कोरी बकवास करार दिया है। ईरानी सेना ने कड़े लहजे में कहा कि वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए हर हाल में अंतिम सांस तक युद्ध करेगी। इसी कड़ी पृष्ठभूमि में ईरान के फारस की खाड़ी अथॉरिटी (PGSA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विधिक और रणनीतिक आपातकालीन बयान जारी करके होर्मुज स्ट्रेट को वैश्विक आवाजाही के लिए आधिकारिक तौर पर बंद करने का कड़ा ऐलान कर दिया। पीजीएसए (PGSA) ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि अमेरिकी साम्राज्यवादी सेना की शत्रुतापूर्ण और गैर-कानूनी सैन्य कार्रवाइयों के कारण फारस की खाड़ी की संप्रभुता खतरे में है, इसलिए सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से होर्मुज से सभी जहाजों का पारगमन रोका जा रहा है। जैसे ही क्षेत्र में स्थिति स्थिर और शांत होगी, अनुमति की विधिक प्रक्रिया पुनः बहाल की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हॉर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है, क्योंकि इसी संकरे जलमार्ग से पूरी दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत और एलएनजी (LNG) का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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