Agra Desk, tajnews.in | Tuesday, 14 Jul, 2026, 02:45:10 PM IST

tajnews.in | आगरा/सैंया: आगरा के सुभाष बाजार में पिछले दिनों हुए दर्दनाक दुकान हादसे में मलबे के नीचे दबी वृद्धा का शव घटना के छठे दिन सोमवार को बरामद कर लिया गया। रामेश्वरम तीर्थ यात्रा पर जाने की अधूरी इच्छा मन में लिए दुनिया से विदा हुईं गंगा देवी का शव जब पोस्टमार्टम के बाद कफन में लिपटा हुआ उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसर गया। घर से कपड़े खरीदने निकलीं मां की लाश देखकर बच्चों और बहुओं की चीख-पुकार से हर आंख नम हो गई। अंतिम दर्शन के लिए मृतका के आवास पर सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर शाम गमगीन माहौल के बीच गांव में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया, जहां बड़े बेटे सोनवीर सिंह ने नम आंखों से अपनी मां को मुखाग्नि दी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सैंया क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुकावर के मजरा नगला तेजा निवासी गंगा देवी (60) का परिवार बेहद खुशहाल और संपन्न है। उनके परिवार में पति केरन सिंह के अलावा तीन बेटे सोनवीर सिंह, भूरी सिंह और राजकुमार हैं, जबकि दो बेटियां भी हैं। गंगा देवी के सभी बच्चों की शादियां हो चुकी हैं और वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिष्ठित हैं। मृतका का एक बेटा राजकुमार वर्तमान में झांसी पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहा है, वहीं उनकी बेटी अनीता उत्तर प्रदेश पुलिस के तहत लखनऊ के विकासनगर थाने में तैनात है। घर पर पति केरन सिंह अपने दो बेटों सोनवीर और भूरी सिंह के साथ मिलकर खेती-किसानी संभालने के साथ ही टेंट का बड़ा व्यवसाय संचालित करते हैं।
गंगा देवी के बड़े बेटे सोनवीर सिंह ने रुआंसे स्वर में बताया कि उनकी मां आगामी अगस्त महीने में रामेश्वरम धाम की धार्मिक तीर्थ यात्रा पर जाने वाली थीं। इसी यात्रा की उमंग और खुशी के बीच वे अपनी तैयारियों के सिलसिले में नए कपड़े खरीदने के लिए गत 8 जुलाई को अपनी पुलिसकर्मी बेटी अनीता और मासूम धेवती अनन्या के साथ आगरा के सुभाष बाजार गई थीं। बाजार में खरीदारी के दौरान ही एक जर्जर दुकान अचानक भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसके मलबे में गंगा देवी समेत कुल छह लोग बुरी तरह दब गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बेटी अनीता और धेवती अनन्या समेत पांच लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी गंगा देवी का कहीं सुराग नहीं लग सका था।
तलाश और मलबे को हटाने का काम लगातार छह दिनों तक चलता रहा, जिसके बाद सोमवार को आखिरकार गंगा देवी का क्षत-विक्षत शव मलबे के सबसे निचले हिस्से से बरामद किया गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मंगलवार को पोस्टमार्टम की विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब कफन में लिपटी देह नगला तेजा गांव पहुंची, तो कोहराम मच गया। मृतका के तीनों बेटों, बहुओं, दोनों बेटियों और पति केरन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। मां को खोने के गम में डूबे पूरे गांव के चूल्हे तक नहीं जले। देर शाम पैतृक घाट पर भारी पुलिस बल और ग्रामीणों की मौजूदगी में गंगा देवी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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