आगरा में पानी के लिए सड़क पर उतरीं महिलाएं: छीपीटोला चौराहे पर जाम लगाकर जताया विरोध, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Wednesday, 27 May 2026, 06:55:12 PM IST

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Agra Chhipitola Water Crisis Protest: ताजनगरी में चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे स्थानीय लोगों का गुस्सा बुधवार को अचानक सड़क पर फूट पड़ा। छीपीटोला मोहल्ले की सैकड़ों महिलाओं ने पानी की गंभीर समस्या को लेकर चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। खाली बाल्टियों और बर्तनों के साथ सड़क पर बैठी महिलाओं ने जलकल विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इलाके में पिछले चार सालों से पानी का संकट बना हुआ है, लेकिन बार-बार की शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। चौराहे पर लगे इस लंबे जाम के कारण चारों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों, दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पहुंची क्षेत्रीय पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर बमुश्किल शांत कराया।

जल संकट प्रदर्शन फैक्ट फाइल
  • 1. छीपीटोला चौराहे पर चक्काजाम: पेयजल किल्लत से भड़की बस्तियों की महिलाओं ने मुख्य चौराहे को चारों तरफ से घेरकर जाम लगाया।
  • 2. खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन: महिलाएं भीषण धूप में खाली बाल्टियां, डिब्बे और बर्तन सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गईं।
  • 3. यातायात बुरी तरह चरमराया: शहर के मुख्य मार्ग पर जाम लगने से दफ्तर जाने वाले लोग और स्कूली बच्चे घंटों फंसे रहे।
  • 4. पुलिस के आश्वासन पर खुली सड़क: पुलिस अधिकारियों ने जलकल विभाग से वार्ता कर जल्द जल आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिया।

‘पानी नहीं तो चैन नहीं’ के नारों से गूंजा पूरा इलाका, पिछले चार वर्षों से किल्लत झेल रहे स्थानीय नागरिक

विस्तृत धरातलीय रिपोर्ट के अनुसार, आगरा के पुराने रिहायशी इलाकों में पानी की किल्लत लगातार गंभीर रूप धारण करती जा रही है। बुधवार दोपहर करीब 5 बजे छीपीटोला मोहल्ले की गुस्साई महिलाएं अचानक सड़कों पर उतर आईं। चिलचिलाती धूप की परवाह किए बिना महिलाओं ने छीपीटोला चौराहे के बीचों-बीच बैठकर आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि इस भीषण गर्मी में घरों में पानी की बूंद-बूंद के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के सामने स्वास्थ्य का संकट खड़ा हो गया है।

महिलाओं ने ‘पानी नहीं तो चैन नहीं’ के नारे लगाते हुए प्रशासनिक उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि पानी के इस गंभीर संकट के कारण हाल ही में बस्ती के दो लड़कों की जान भी जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी प्रशासनिक तंत्र नींद से नहीं जागा है। बस्तियों में पिछले चार सालों से लोग पानी की कम आपूर्ति और लो-प्रेशर की समस्या का सामना कर रहे हैं। इस भीषण गर्मी में हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों को दैनिक आवश्यकताओं के लिए महंगे टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है।

मुख्य चौराहे पर थम गया वाहनों का पहिया, भीषण गर्मी में राहगीरों को उठानी पड़ी भारी असुविधा

छीपीटोला चौराहे पर महिलाओं के धरने के कारण देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह मार्ग शहर के प्रमुख व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्रों को जोड़ता है, इसलिए शाम के समय यहां यातायात का दबाव बेहद अधिक रहता है। जाम के चलते एम्बुलेंस, स्कूली बसें और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी फंस गए। चिलचिलाती धूप के बीच राहगीर और दोपहिया वाहन चालक घंटों सड़क पर खड़े रहने को मजबूर हुए, जिससे लोगों में तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ तौर पर कहा कि वे कई दिनों से अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से शिकायतें दे रही थीं। बस्तियों में पानी की सप्लाई या तो पूरी तरह से बंद है या फिर पानी इतने कम दबाव से आता है कि कूलर तक भरना नामुमकिन हो गया है। जलकल विभाग की इस लापरवाही के कारण जनता का सब्र टूट गया और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना पड़ा। नागरिकों ने चेतावनी दी कि अगर कागजी आश्वासनों के बजाय धरातल पर काम नहीं दिखा, तो वे निगम मुख्यालय का घेराव करेंगी।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने संभाली कमान, ठोस विधिक आश्वासन के बाद सुचारू हुआ यातायात

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने सड़क पर बैठी महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया। पुलिस कर्मियों ने महिलाओं को समझाने का प्रयास करते हुए कहा कि सड़क जाम करने से आम नागरिकों और राहगीरों को भारी असुविधा हो रही है। काफी देर तक चली गहमागहमी के बाद पुलिस ने जलकल विभाग के उच्च अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया।

प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से जल्द ही टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने और पाइपलाइन की तकनीकी खामियों को बुधवार रात तक ठीक करने का भरोसा दिया गया। पुलिस के इस ठोस आश्वासन और मध्यस्थता के बाद महिलाओं ने चौराहे से हटने का निर्णय लिया, जिसके बाद पुलिस ने धीरे-धीरे यातायात को सुचारू कराया। हालांकि, क्षेत्र के नागरिकों ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर नियमित जलापूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो वे किसी भी प्रशासनिक चेतावनी की परवाह किए बिना अपने आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देने के लिए विवश होंगे।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, [tajnews.in](https://tajnews.in)


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