Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 23 Feb 2026, 09:30 pm IST
Taj News State Desk
विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट
लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश के सबसे प्रमुख और व्यस्त मार्गों में से एक, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) पर एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस खौफनाक सड़क हादसे में 5 यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 16 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों की चीख-पुकार से पूरा एक्सप्रेस-वे दहल उठा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
- दर्दनाक हादसा: लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Km 11.4) पर पलटी डबल डेकर बस।
- मौतों का आंकड़ा: हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत, 16 यात्री गंभीर रूप से घायल।
- हादसे का कारण: तेज रफ्तार (80 KM/h से अधिक) और ड्राइवर को नींद की झपकी आना।
- रूट: यह डबल डेकर बस पंजाब के लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा रही थी।
लुधियाना से दरभंगा जा रही थी ‘मौत की बस’
शुरुआती पुलिस जांच और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह बदकिस्मत डबल डेकर बस पंजाब के लुधियाना शहर से बिहार के दरभंगा की ओर जा रही थी। बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें से ज्यादातर बिहार लौट रहे मजदूर और उनके परिवार थे। रात के अंधेरे और भोर के समय के बीच जब बस गोसाईगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर 11.4 के पास पहुंची, तभी अचानक यह हादसा हो गया।
बताया जा रहा है कि बस की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक थी। हाईवे पर इतनी तेज गति में सफर करते समय अचानक बस का संतुलन बिगड़ गया और वह तेज झटके के साथ सड़क पर पलट गई। बस के पलटते ही अंदर सो रहे यात्रियों के बीच कोहराम मच गया।
नींद की झपकी और ओवरस्पीडिंग बनी काल
इस भीषण हादसे की प्राथमिक वजह ड्राइवर की लापरवाही और ‘ओवरस्पीडिंग’ (Overspeeding) को माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लंबे सफर के कारण ड्राइवर बुरी तरह थक चुका था और उसे अचानक नींद की झपकी आ गई। झपकी आते ही उसका स्टीयरिंग से कंट्रोल (Control) छूट गया, जिसके परिणामस्वरूप तेज रफ्तार बस डिवाइडर से टकराकर सड़क पर घिसटती हुई पलट गई।
गौरतलब है कि एक्सप्रेस-वे पर रात के समय लंबी दूरी की बसों में अक्सर दो ड्राइवरों का नियम होता है, ताकि एक के थकने पर दूसरा बस चला सके। पुलिस अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि बस में नियमों का पालन हो रहा था या नहीं, और क्या हादसे के पीछे कोई तकनीकी खराबी (Technical fault) भी थी।
कटे हुए अंग और चीख-पुकार… दिल दहलाने वाला था मंजर
मौके पर मौजूद लोगों और वायरल हो रही भयावह तस्वीरों के अनुसार, हादसे के बाद का मंजर बेहद खौफनाक था। बस के शीशे टूटकर बिखर गए थे और कई यात्री बस के भारी-भरकम ढांचे के नीचे दब गए थे। खून से लथपथ लोग सड़क किनारे दर्द से तड़प रहे थे। सबसे हृदयविदारक दृश्य वह था जब कुछ यात्रियों के हाथ-पैर कटे हुए पाए गए। महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।
| ACCIDENT FACT-FILE (हादसे की जानकारी) | |
|---|---|
| स्थान (Location) | पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Km 11.4), गोसाईगंज, लखनऊ |
| बस का रूट (Route) | लुधियाना (पंजाब) से दरभंगा (बिहार) |
| मृतकों की संख्या (Deaths) | 05 (पुष्टि की गई) |
| घायलों की संख्या (Injured) | 16 (गंभीर रूप से घायल) |
| मुख्य कारण (Main Cause) | ड्राइवर को नींद आना और ओवरस्पीड (80 KM/h+) |
राहत एवं बचाव कार्य: प्रशासन ने क्रेन से हटाई बस
जैसे ही इस बड़े सड़क हादसे की सूचना गोसाईगंज पुलिस को मिली, भारी पुलिस बल और कई एंबुलेंस तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ीं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बस के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। गंभीर रूप से घायल 16 यात्रियों को तत्काल प्रभाव से लखनऊ के नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन ने मृतक 5 यात्रियों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और उन्हें पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए भेज दिया है। मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उनके परिजनों को समय रहते सूचना दी जा सके। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त और क्षतिग्रस्त बस को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर किनारे किया गया, जिसके बाद एक्सप्रेस-वे पर रुके हुए ट्रैफिक को दोबारा सुचारू रूप से चालू कराया जा सका।
एक्सप्रेस-वे पर सफर को लेकर उठ रहे सवाल
यह दुखद घटना न केवल यात्रियों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ा वज्रपात है, बल्कि सड़क सुरक्षा (Road Safety) पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जैसे विश्वस्तरीय मार्ग पर लगातार हो रहे ये हादसे वाहन चालकों की लापरवाही और परिवहन विभाग की मॉनिटरिंग में कमी को उजागर करते हैं। लोगों में इस हादसे के बाद से दहशत का माहौल है। जरूरत इस बात की है कि रात के समय एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले भारी वाहनों और डग्गामार बसों की रफ्तार और चालकों की स्थिति पर सख्त निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों पर ब्रेक लगाया जा सके।
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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