Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Tuesday, 26 May 2026, 01:22:15 PM IST

Anupam Kher Agra Visit Rohit Katyal के इस गौरवमयी विधा के अंतर्गत ताजनगरी के ऐतिहासिक सांस्कृतिक केंद्र ‘सुरसदन’ प्रेक्षागृह में कला और राष्ट्रवाद का एक अद्भुत संगम परिलक्षित हुआ। कश्मीरी पंडितों के विस्थापन, उनके मानवीय अधिकारों और समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर वैश्विक मंचों पर अपनी बेबाक राय रखने वाले भारतीय सिनेमा के महान शिखर पुरुष अनुपम खेर के आगरा आगमन पर क्रेडेंशियल मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान कन्फेडरेशन ऑफ ऑल进 ट्रेडर्स (कैट) के जिला अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के महानगर मीडिया प्रभारी रोहित कत्याल ने उनसे शिष्टाचार व आत्मीय भेंट की। स्पाइसी शुगर संस्था के तत्वावधान में आयोजित अनुपम खेर की सुप्रसिद्ध ऑटोबायोग्राफी पर केंद्रित एकल नाटक “कुछ भी हो सकता है” के मंचन के दौरान पूरा ऑडिटोरियम दर्शकों की कड़क मौजूदगी से खचाखच भरा रहा। ७१ वर्ष की परिपक्व आयु में भी रंगमंच पर उनकी जीवंत कॉमेडी, बेमिसाल संवाद अदायगी और ऊर्जा से भरे अभिनय ने समूचे ताजनगरी के कलाप्रेमियों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया।

‘सारांश’ से शुरू होकर ‘कुछ भी हो सकता है’ तक का सफर, ४१ वर्षों की कलात्मक साधना का अनूठा उत्सव
विस्तृत कलात्मक और धरातलीय विवरण के अनुसार, भारतीय सिनेमा जगत में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाले अभिनेता अनुपम खेर का आगरा आगमन कला प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक उत्सव में तब्दील हो गया। सुरसदन प्रेक्षागृह के भीतर जैसे ही उनकी आत्मकथा पर आधारित नाटक ‘कुछ भी हो सकता है’ का मंचन प्रारंभ हुआ, हॉल में उपस्थित दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की कड़गाहट के साथ उनका स्वागत किया। नाटक के दौरान उन्होंने जिस प्रकार हास्य, भावुकता और जीवन के कड़े संघर्षों को रंगमंच पर सजीव किया, वह उनकी अभिनय विधा की पराकाष्ठा को परिलक्षित कर रहा था।
इस विशिष्ट अवसर पर उपस्थित कैट के जिला अध्यक्ष और भाजपा महानगर मीडिया प्रभारी रोहित कत्याल ने अनुपम खेर से मंच के पार्श्व में अत्यंत आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने अभिनेता को ताजनगरी की पावन धरा पर प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। रोहित कत्याल ने कहा कि १९८४ में महेश भट्ट के निर्देशन में बनी फिल्म ‘सारांश’ से अपने अभिनय की शुरुआत करने वाले इस कलाकार ने कर्मा, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, हम आपके हैं कौन जैसी सैकड़ों अविस्मरणीय फिल्मों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। आठ बार फिल्मफेयर पुरस्कार और दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होना उनके दमदार और अटूट फिल्मी सफर की प्रामाणिक कहानी स्वयं बयां करता है।
सामाजिक-राजनीतिक विचारों और राष्ट्रवाद पर बेबाक दृष्टिकोण, युवाओं के लिए बने प्रेरणा का सर्वोच्च उदाहरण
वार्ता के दौरान रोहित कत्याल ने अनुपम खेर के सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण की कड़े शब्दों में सराहना की। विशेष रूप से कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के ऐतिहासिक दर्द को वैश्विक पटल पर पूरी प्रखरता के साथ रखने के लिए ताजनगरी के प्रबुद्ध वर्ग ने उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। रोहित कत्याल ने परिलक्षित किया कि फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के चेयरमैन के रूप में उनका कार्यकाल भारतीय सिनेमा के इतिहास में ढांचागत सुधारों और अकादमिक नवाचारों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
7 मार्च 1955 को शिमला के एक अत्यंत साधारण परिवार में जन्मे अनुपम खेर का जीवन इस बात का जीवंत साक्ष्य है कि यदि मनुष्य के भीतर अटूट साहस, अटूट परिश्रम और अपनी कला के प्रति अगाध निष्ठा हो, तो वह किसी भी विधा में सर्वोच्च उपलब्धियां हासिल कर सकता है। ७१ वर्ष की इस परिपक्व आयु में भी मंच पर लगातार तीन घंटे तक बिना थके पूरी ऊर्जा के साथ अभिनय करना उनकी मानसिक और शारीरिक विधा की दृढ़ता को दर्शाता है, जो देश की युवा पीढ़ी के लिए एक महान मार्गदर्शक और प्रेरणा का पुंज है।
स्पाइसी शुगर संस्था के आयोजन की प्रशासनिक सराहना, बाह-पिन्हाट के कला जगत में भी भारी उत्साह
सुरसदन में आयोजित इस भव्य और गरिमामयी नाटक के सफल प्रबंधन के लिए आगरा की प्रतिष्ठित संस्था स्पाइसी शुगर के पदाधिकारियों की भी चौतरफा सराहना की जा रही है। आयोजन समिति ने प्रेक्षागृह की सुरक्षा और बैठक विधा को कड़े स्तर पर व्यवस्थित किया था, जिससे किसी भी दर्शक को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। इस दौरान शहर के तमाम प्रशासनिक अधिकारी, न्यायिक विधा से जुड़े महानुभाव, कला समीक्षक और भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
पिन्हाट, बाह और एत्मादपुर क्षेत्र से आए प्रबुद्ध रंगकर्मियों का मानना है कि इस स्तर के नाटकों का आगरा में मंचन होना स्थानीय रंगमंच को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है। रोहित कत्याल ने अंत में कहा कि अनुपम खेर केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद और मानवीय मूल्यों के एक कड़े ध्वजवाहक हैं, जिनका मार्गदर्शन देश को हमेशा एक नई दिशा देता रहेगा। ताज न्यूज़ की सांस्कृतिक विंग ताजनगरी के कला जगत में हो रहे इस ऐतिहासिक उत्थान और आगामी विधाओं पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, [tajnews.in](https://tajnews.in)
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