Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Tuesday, 26 May 2026, 09:42:44 AM IST

Agra Mathura Bullet Train Project के अंतर्गत ताजनगरी और कान्हा की नगरी के बीच तीव्र परिवहन और औद्योगिक विकास को एक नई ऐतिहासिक उड़ान मिलने जा रही है। महत्वाकांक्षी दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के तहत आगरा के एत्मादपुर मदरा और मथुरा के इटौली गांव के पास अत्याधुनिक बुलेट ट्रेन के स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने इन दोनों जनपदों में स्टेशनों के आसपास के इलाकों को सर्वसुविधायुक्त टाउनशिप के रूप में विकसित करने और अतिरिक्त राजस्व जुटाने की बड़ी विधिक योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस बड़ी योजना को जमीन पर उतारने के लिए कॉरपोरेशन ने दोनों ही महत्वपूर्ण अर्बन सेंटर्स के पास बड़े भूखंडों की तलाश सरगर्मी से तेज कर दी है। इस हाईस्पीड रेल परियोजना के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना प्राधिकरण) के तीन प्रमुख औद्योगिक टाउनशिप आपस में सीधे तौर पर जुड़ जाएंगे, जिससे समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक और राजनैतिक परिदृश्य में एक युगांतकारी परिवर्तन आना पूरी तरह निश्चित माना जा रहा है।
यमुना प्राधिकरण के अर्बन सेंटर्स को जोड़ेगा हाईस्पीड ट्रैक, एएससीईओ से कंसल्टेंट कंपनी ने की मुलाकात
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी को जोड़ने वाले देश के दूसरे सबसे बड़े हाईस्पीड रेल नेटवर्क के निर्माण की सांगठनिक विधा अब धरातल पर आकार लेने लगी है। इस विशेष परियोजना के रूट अलाइनमेंट और आगरा-मथुरा जनपदों में बनने वाले स्टेशनों की सटीक भौगोलिक अवस्थिति (लोकेशन) को लेकर सोमवार को एक बेहद कड़क प्रशासनिक बैठक संपन्न हुई। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) की अधिकृत वैश्विक कंसल्टेंट कंपनी ‘नाइट फ्रैंक’ के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) शैलेंद्र भाटिया से मिलकर परियोजना का पूरा खाका प्रस्तुत किया।
कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट सर्किल और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को अवगत कराया कि यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे पांच प्रमुख अर्बन सेंटर्स में से तीन औद्योगिक टाउनशिप को यह बुलेट ट्रेन परियोजना सीधे आपस में जोड़ देगी। मथुरा जनपद के अंतर्गत राया अर्बन सेंटर के समीप स्थित ग्राम इटौली और आगरा अर्बन सेंटर के पास स्थित एत्मादपुर मदरा गांव के पास बुलेट ट्रेन के मुख्य स्टेशन स्थापित करने का विधिक निर्णय लिया गया है। इन दोनों स्थानों पर केवल रेलवे स्टेशन का ढांचा ही खड़ा नहीं किया जाएगा, बल्कि स्टेशन के चारों ओर की भूमि को ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (TOD) नीति के तहत एक आधुनिक मिनी सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्टेशन के आसपास विकसित होगी 250 एकड़ की आधुनिक कामर्शियल टाउनशिप, आगरा इनर रिंग रोड से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, नाइट फ्रैंक के प्रतिनिधियों ने यमुना प्राधिकरण से दोनों अर्बन सेंटर्स के पास लगभग 250 एकड़ या उससे अधिक के बड़े भूखंड उपलब्ध कराने की मांग की है। इस अधिग्रहित की जाने वाली विशाल भूमि पर आवासीय कॉम्प्लेक्स, गगनचुंबी व्यावसायिक इमारतें, फाइव स्टार होटल और बड़े कॉर्पोरेट हब का निर्माण किया जाएगा। यह पूरी निर्माण विधा बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए दीर्घकालिक रूप से अतिरिक्त गैर-किराया राजस्व (नॉन-फेयर रेवेन्यू) जुटाने का एक बहुत बड़ा आर्थिक माध्यम बनेगी। कॉरपोरेशन का मानना है कि जहां भी बुलेट ट्रेन के स्टेशन आएंगे, उसके आसपास के 10 किलोमीटर के दायरे में जमीनों की कीमतें और व्यापारिक गतिविधियां काफी कड़े स्तर पर बढ़ जाएंगी।
इस पूरी योजना को लेकर कंसल्टेंट कंपनी ने आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के शीर्ष अधिकारियों से भी सीधा संपर्क साधा है। आगरा अर्बन सेंटर के पास बनने वाले इस स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतरीन रोड कनेक्टिविटी होगी। ताजनगरी में बनने वाले इस बुलेट ट्रेन स्टेशन को सीधे आगरा इनर रिंग रोड के माध्यम से जोड़ा जाएगा। यह स्टेशन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के मुख्य एंट्री पॉइंट (प्रवेश द्वार) के बिल्कुल समीप प्रस्तावित किया गया है। इससे यह लाभ होगा कि आगरा शहर, फिरोजाबाद, शिकोहबाद और लखनऊ की ओर से आने वाले यात्री भी बिना किसी यातायात जाम में फंसे सीधे इनर रिंग रोड के रास्ते बुलेट ट्रेन स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह के समक्ष जल्द होगा प्रजेंटेशन, कड़े सुरक्षा मानकों पर बिछेगा ट्रैक
इस वृहद और दूरगामी परियोजना की समयबद्धता को देखते हुए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन की तकनीकी विंग ने यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह के सम्मुख एक विस्तृत और तकनीकी प्रजेंटेशन देने के लिए समय मांगा है। एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कंसल्टेंट कंपनी से पूरी विस्तृत माइक्रो योजना और रूट मैप को पहले लिखित रूप में साझा करने के लिए कहा गया है। इस प्रारंभिक विधिक दस्तावेज के परीक्षण के उपरांत तुरंत सीईओ के साथ मुख्य प्रजेंटेशन का समय और तारीख तय कर दी जाएगी।
सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं की बात करें तो 2.30 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना पूरी तरह से जापानी शिनकानसेन बुलेट ट्रेन तकनीक के कड़े सुरक्षा मानकों पर आधारित होगी। 865 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर पर ट्रेनों का संचालन स्वचालित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली (ATC) के माध्यम से किया जाएगा। आगरा और मथुरा के बीच की दूरी को यह ट्रेन मात्र 15 से 18 मिनट के भीतर पूरा कर लेगी। इसके लिए पूरे रूट पर एलिवेटेड (ऊंचे पिलर) ट्रैक का निर्माण किया जाएगा ताकि स्थानीय ग्रामीण आबादी और मवेशियों के ट्रैक पर आने का कोई खतरा न रहे। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस हाईस्पीड ट्रेन के शुरू होने से आगरा के पर्यटन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक कड़क उछाल मिलेगा। दिल्ली आने वाले विदेशी पर्यटक मात्र एक घंटे के भीतर आगरा और 40 मिनट में मथुरा पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे। पुलिस और जिला प्रशासन ने भी स्टेशन के प्रस्तावित क्षेत्रों में शांति व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजामों को लेकर रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777



