प. बंगाल : बुलडोजर विकास और असमानता का स्थापत्य

Shamik Lahiri article on West Bengal railway station redevelopment hawkers displacement and bulldozer development model

Opinion Desk, Taj News | Wednesday, June 10, 2026, 08:35:12 PM IST Taj News Opinion Desk शमिक लाहिड़ी पूर्व सांसद एवं संपादक(अनुवाद: संजय पराते) माकपा केंद्रीय समिति के सदस्य, ‘गणशक्ति’ के संपादक और पूर्व सांसद शमिक लाहिड़ी का यह प्रखर वैचारिक आलेख (अंग्रेजी से अनुवाद: संजय पराते, उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ किसान सभा) रेलवे के तथाकथित कॉर्पोरेट … Read more

खेलों को मिलेगा जबरदस्त प्रोत्साहन: जब माई लार्ड बैडमिंटन खेलने विलायत गए!!!

Brij Khandelwal article on pending court cases judges badminton tournament in London Kiren Rijiju visit

Article Desk | tajnews.in | Wednesday, June 10, 2026, 07:30:15 PM IST Taj News Article Desk बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकारएवं सामाजिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार और तीखे विश्लेषक बृज खंडेलवाल ने देश की अदालतों में ५ करोड़ से अधिक लंबित मुकदमों के एवरेस्ट जैसे संकट, तारीख-दर-तारीख तड़पते नागरिकों के विरोधाभास और विलायत (लंदन) के बैडमिंटन कोर्ट … Read more

क्या भारत की एग्जाम फैक्ट्री कॉकरोच पैदा कर रही है! भारत का 58,000 करोड़ रुपये का कोचिंग उद्योग बच्चों को बचा भी रहा है और बर्बाद भी…..

Brij Khandelwal article on Indian coaching industry monetization paper leak controversies and student mental depression

Article Desk | tajnews.in | Wednesday, June 10, 2026, 09:15:20 AM IST Taj News Article Desk बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकारएवं सामाजिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक विश्लेषक बृज खंडेलवाल ने भारत के ५८,००० करोड़ रुपये के समानांतर कोचिंग साम्राज्य, नीट पेपर लीक कांड, डमी एडमिशंस के संस्थागत मकड़जाल और प्रतियोगी परीक्षाओं के भारी मानसिक दबाव … Read more

पेड़ों की आवाज़ कौन बनेगा जब प्रगति दस्तक देगी? लंबे समय से हरित प्रहरी लड़ रहे हैं, और कई जंगें जीत भी चुके हैं, लेकिन अब अदालतों को पर्यावरणविद खटकते हैं!

Article Desk | tajnews.in | Tuesday, June 9, 2026, 09:15:20 AM IST Taj News Article Desk बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पर्यावरणविदएवं सामाजिक विश्लेषक वरिष्ठ पर्यावरण पत्रकार बृज खंडेलवाल ने विकास की अंधी दौड़ के बीच न्यायपालिका द्वारा पर्यावरणविदों की भूमिका पर उठाए गए कड़े सवालों, ऐतिहासिक हरित आंदोलनों की प्रासंगिकता और पारिस्थितिक संप्रभुता के दमन की … Read more

“युद्ध की आग में जलता पर्यावरण: जल, जंगल, जीवन और जलवायु पर वैश्विक युद्धोन्माद, प्रभुत्ववादी राजनीति एवं पर्यावरणीय विनाश की त्रासदी”

Dr Pramod Kumar article on environmental impact of wars global military carbon emission climate change and resource geopolitics

Article Desk | tajnews.in | Monday, June 8, 2026, 09:33:46 PM IST Taj News Article Desk डॉ प्रमोद कुमार डिप्टी नोडल अधिकारी, MyGovडॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के डॉ प्रमोद कुमार ने वैश्विक सैन्यीकरण, साम्राज्यवादी व प्रभुत्ववादी भू-राजनीति तथा युद्धोन्माद के चलते पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र, जलस्रोतों, वनों और जलवायु … Read more

अवैध घुसपैठ: भारत के विकास और सामाजिक संतुलन के सामने बढ़ती चुनौती क्या भारत की सीमाएं केवल नक्शे पर खींची गई रेखाएं हैं?

Brij Khandelwal article on illegal immigration in India socio economic impact on resource strains and boundary security

Article Desk | tajnews.in | Sunday, May 31, 2026, 01:32:53 PM IST Taj News Article Desk बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकारएवं सामाजिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार और जनसांख्यिकीय मामलों के विश्लेषक बृज खंडेलवाल ने देश की संप्रभुता, अनधिकृत प्रवासन से राष्ट्रीय संसाधनों पर बढ़ते अतिरिक्त आर्थिक बोझ, जनसांख्यिकी असंतुलन और सुरक्षात्मक विसंगतियों पर यह अत्यंत गंभीर व … Read more

रात का खाना या मौत का न्योता? जब रसोई बन जाए रणभूमि और थाली अपराध-स्थल!!

Brij Khandelwal article on domestic violence anger management kitchen disputes mental health crisis India

Article Desk | tajnews.in | Sunday, May 31, 2026, 01:15:10 PM IST Taj News Article Desk बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकारएवं सामाजिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक विश्लेषक बृज खंडेलवाल ने घरेलू हिंसा, मानसिक अवसाद, आर्थिक तनाव और संवादहीनता के चलते भारतीय रसोईघरों के हिंसक रणभूमि में बदलने के कड़वे सामाजिक यथार्थ पर यह प्रखर व … Read more

“अखण्ड, समृद्ध, सशक्त, विकसित एवं जाति-मुक्त भारत के स्वप्न की राह में जातिगत आरक्षण की वास्तविकता का अंतर्विरोध”

Dr Pramod Kumar article on caste based reservation analysis social justice and national integration India

Article Desk | tajnews.in | Sunday, May 31, 2026, 01:05:22 PM IST Taj News Article Desk डॉ प्रमोद कुमार डिप्टी नोडल अधिकारी, MyGovडॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के डॉ प्रमोद कुमार ने राष्ट्र-निर्माण की व्यापक प्रक्रिया, सामाजिक न्याय की मूल अवधारणा और आधुनिक प्रतिस्पर्धी युग में जातिगत आरक्षण के स्वरूप … Read more

बात व्यक्ति नहीं, नीति की ; सभ्यता नहीं, सिस्टम की! चीन के आर्थिक मॉडल और भारत के नीतिगत संकट पर सत्येंद्र रंजन का प्रखर विश्लेषण

Satyendra Ranjan article on China economic model state guidance vs private capital neo liberalism crisis

Article Desk | tajnews.in | Sunday, May 31, 2026, 01:15:10 PM IST Taj News Article Desk सत्येंद्र रंजन वरिष्ठ पत्रकारएवं राजनैतिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार और राजनैतिक-आर्थिक विश्लेषक सत्येंद्र रंजन ने चीन की ऐतिहासिक प्रगति के वास्तविक नीतिगत कारणों, माओ युग की मजबूत सामाजिक ज़मीन, देंग श्याओपिंग के आर्थिक सुधारों और नव-उदारवाद के चंगुल में फंसे … Read more

ये रस्साकशी कब तक? तीन भाषा फार्मूला: स्कूल की घंटी से क्यों कांप उठता है भारत? अब सुप्रीम कोर्ट को करना है फैसला।

Article Desk | tajnews.in | Saturday, May 30, 2026, 09:15:20 AM IST Taj News Article Desk बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकारएवं सामाजिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक विश्लेषक बृज खंडेलवाल ने भारत में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नए त्रि-भाषा नियम, भाषाई राजनीति के ऐतिहासिक टकरावों, व्यावहारिक कमियों और सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विधिक रस्साकशी … Read more

नई कुली अर्थव्यवस्था: क्या भारत के स्टार्टअप आधुनिक गुलामी गढ़ रहे हैं? गिग इकोनॉमी और डिजिटल सामंतवाद पर बृज खंडेलवाल का प्रहार

Brij Khandelwal article on gig economy exploitation startup delivery boys and digital feudalism in India

Article Desk | tajnews.in | Friday, May 29, 2026, 06:27:48 AM IST Taj News Article Desk बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकारएवं सामाजिक विश्लेषक वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक विश्लेषक बृज खंडेलवाल ने भारत की चमकती गिग इकोनॉमी, स्टार्टअप्स की अरबों डॉलर की वैल्यूएशन और उसके पीछे छिपे ‘डिजिटल सामंतवाद’ के कड़वे यथार्थ पर यह प्रखर, मर्मस्पर्शी और … Read more

उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक हिंदी पत्रकारिता के दो सौ बरस (30 मई 1826 – 30 मई 2026)

Badal Saroj article on 200 years of Hindi journalism Udant Martand history and press freedom index depletion

Article Desk | tajnews.in | Saturday, May 30, 2026, 08:30:00 AM IST Taj News Article Desk बादल सरोज संपादक, ‘लोकजतन’एवं वरिष्ठ विश्लेषक प्रसिद्ध विचारक और ‘लोकजतन’ के संपादक बादल सरोज ने ३० मई, २०२६ को हिंदी पत्रकारिता के २०० वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर इसके गौरवशाली अतीत और वर्तमान सांगठनिक व नैतिक पतन … Read more