सेवा संकल्प अभियान के तहत मनोरोग विभाग ने आयोजित किया कार्यक्रम; तंबाकू और नशीले पदार्थों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और उपचार की जानकारी दी
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 22 सितंबर 2026, 06:15:10 PM IST

आगरा, 22 सितंबर 2026। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के मनोरोग विभाग की ओर से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगलवार को नशामुक्त भारत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के प्रति मरीजों और आमजन में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में लगभग 200 से 250 मरीजों और उनके तीमारदारों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। मनोरोग विशेषज्ञों ने नशे की लत से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों, आधुनिक उपचार की उपलब्धता तथा नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए चिकित्सकीय परामर्श और पारिवारिक सहयोग की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
नशा व्यक्ति ही नहीं, परिवार और समाज को भी करता है प्रभावित
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका विनाशकारी असर पूरे परिवार और समाज के ताने-बाने पर पड़ता है। उन्होंने स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण के लिए युवाओं और आम नागरिकों को नशे की लत से पूरी तरह दूर रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज नशामुक्ति की दिशा में नियमित परामर्श और अत्याधुनिक चिकित्सीय उपचार सुविधाएं सुलभ कराने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
नशे की लत उपचार योग्य बीमारी: डॉ. विशाल सिन्हा
जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल सिन्हा के मार्गदर्शन एवं कुशल नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत फैकल्टी सदस्य डॉ. कश्यपी गर्ग द्वारा विषय परिचय के साथ की गई।
डॉ. विशाल सिन्हा ने कहा कि तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों की लत कोई सामाजिक अभिशाप या चरित्र दोष नहीं, बल्कि एक उपचार योग्य चिकित्सीय बीमारी है। उन्होंने समय पर सही डॉक्टरी सलाह और परिवार के सकारात्मक सहयोग को नशामुक्ति की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
सह-आचार्य डॉ. आशुतोष कुमार ने तंबाकू सेवन से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी दी। उन्होंने तंबाकू से होने वाले जानलेवा कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया और स्पष्ट किया कि नशा छोड़ने से जीवन प्रत्याशा और जीवन की गुणवत्ता में तेजी से सुधार आता है।
नशामुक्ति और तंबाकू निषेध केंद्र में मिल रही हैं विशेष सुविधाएं
एसएन मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के अनुसार संस्थान में ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर और तंबाकू निषेध क्लिनिक के माध्यम से नशे की समस्या से पीड़ित मरीजों के लिए नियमित काउंसिलिंग और विशेषज्ञ उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है। मनोरोग विभाग में substance use disorders के वैज्ञानिक उपचार के लिए Drug De-addiction Centre, Opioid Substitution Therapy Centre और Tobacco Cessation Clinic निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मरीजों और तीमारदारों ने विशेषज्ञों से खुलकर सवाल पूछे और उपचार से संबंधित जरूरी जानकारियां प्राप्त कीं। आयोजन के अंत में उपस्थित सभी मरीजों और तीमारदारों ने हाथ उठाकर नशामुक्त जीवन अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से नशे की समस्या को केवल एक आदत के बजाय मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारी के रूप में देखने और समय पर चिकित्सीय मदद लेने का संदेश दिया गया।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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