पंडित योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’ ने संगीतमय सुंदरकांड और राम काव्य रस से बांधा समां; एक दर्जन से अधिक संस्थाओं ने किया नागरिक अभिनंदन
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 22 सितंबर 2026, 06:40:10 PM IST

आगरा, 22 सितंबर 2026। बंबई वाली बगीची-खंदारी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में मंगलवार शाम रामभक्ति, संगीत और साहित्य का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। रामायण रिसर्च काउंसिल, निर्मल लिटरेचर एंड म्यूज़िक फाउंडेशन एवं श्री श्री आनंदमयी माँ मानस परिवार के संयुक्त तत्वावधान में संगीतमय सुंदरकांड, राम काव्य रस वर्षा और नागरिक अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राम भक्तों, श्रद्धालुओं और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। आचार्य गौरव शुक्ला (कानपुर) द्वारा व्यास पूजन के बाद रामचरितमानस के मर्मज्ञ, वरिष्ठ कवि-साहित्यकार और रामायणी सम्मान से विभूषित पंडित योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’ ने अपने मानस परिवार के सदस्यों अजय पाठक (आगरा), योगेश भसीन और विनय तिवारी (कानपुर) के साथ सुंदरकांड का संगीतमय गायन प्रस्तुत किया।
‘रामकाज कीने बिना मोहि कहाँ विश्राम’ पर गूंजा जय श्रीराम
कार्यक्रम की शुरुआत ‘श्री रामचंद्र कृपालु भजमन, हरण भव भय दारुणम्’ की दिव्य प्रस्तुति और श्री श्री आनंदमयी माँ के संकीर्तन से हुई। इसके बाद ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ की सुमधुर धुन के साथ संगीतमय सुंदरकांड का गायन शुरू हुआ। सुंदरकांड की प्रस्तुति जब ‘रामकाज कीने बिना मोहि कहाँ विश्राम’ के भावपूर्ण प्रसंग पर पहुंची तो मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में भाव-विभोर नजर आए।

‘मानस के शब्द-शब्द की अर्थच्छवि को उद्भासित करते हैं योगेश जी’
समारोह की अध्यक्षता अयोध्या धाम से पधारे संत प्रवर मिथिलेशशरण नंदिनी ने की। उन्होंने कहा कि रामचरित भारतीय जीवन और चेतना का महत्वपूर्ण स्वर रहा है तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में भी रामचरित मनुष्य को संबल देता आया है। उन्होंने पंडित योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’ की मानस गायन शैली की सराहना करते हुए कहा कि योगेश शर्मा केवल रामचरितमानस का गायन नहीं करते, बल्कि उसके शब्द-शब्द की अर्थच्छवि को भी जीवंत कर देते हैं।
मनकामेश्वर धाम के महंत योगेश पुरी और बल्केश्वर धाम के महंत कपिल नागर ने भी राम नाम के महत्व पर विचार व्यक्त किए और पंडित योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’ को शुभाशीष प्रदान किया।
एक दर्जन से अधिक संस्थाओं ने किया नागरिक अभिनंदन
समारोह के दौरान साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए पंडित योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’ का नागरिक अभिनंदन किया गया। रामायण रिसर्च काउंसिल और निर्मल लिटरेचर एंड म्यूज़िक फाउंडेशन के साथ अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा, संस्कार भारती जिला आगरा, संस्कार भारती पश्चिम प्रताप शाखा, ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया-आगरा चैप्टर, रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल, आगरा बार एसोसिएशन, ब्रजभाषा काव्य मंच, माधुर्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच, साहित्य निधि ओपन कला मंच, समानांतर, सारंग फाउंडेशन, ऑड ईवन फिल्म्स और जयवी सा ग्रुप प्रॉपर्टी वाला सहित एक दर्जन से अधिक संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, डॉ. मधु भारद्वाज, डॉ. गिरीश गुप्ता, रमा वर्मा, आचार्य पंडित दाऊ दयाल शास्त्री और राज बहादुर सिंह राज विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे।
राम काव्य रस से भी भाव-विभोर हुए श्रोता
सुंदरकांड के संगीतमय गायन के बाद पंडित योगेश चंद्र शर्मा ‘योगी’ ने अपने कविता संग्रह ‘श्री राम चरणामृत’ से राम काव्य की प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘रघुनंदन मोहि निकारियो ना’ शीर्षक भावपूर्ण प्रसंग के माध्यम से श्रोताओं को भावुक कर दिया। कविता में कंटक की ओर से प्रभु श्रीराम के समक्ष अपनी पीड़ा और शरणागत भाव की अभिव्यक्ति को प्रस्तुत किया गया। काव्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम के धार्मिक वातावरण को साहित्यिक संवेदना से भी जोड़ा।
कार्यक्रम का संचालन निर्मल लिटरेचर एंड म्यूज़िक फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश निर्मल ने किया। रामायण रिसर्च काउंसिल के ट्रस्टी एवं सेवानिवृत्त आईएएस देवदत्त शर्मा ने सभी अतिथियों, संस्थाओं और उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में यतेंद्र सोलंकी, निशिराज, डॉ. युवराज सिंह, डॉ. ब्रज बिहारी लाल बिरजू, रामेंद्र शर्मा ‘रवि’, सूरज तिवारी, डॉ. ज्योत्सना शर्मा, श्रुति सिन्हा, डॉ. राजीव शर्मा निष्पृह, संजय गुप्त, प्रभु दत्त उपाध्याय, आचार्य उमाशंकर पाराशर, मोहित सक्सेना, अंकित सारस्वत, राजकुमार जैन, अशोक गोयल, सुधा वर्मा, यशोधरा यादव, अतुल कुमार, मयंक शर्मा और कुमार ललित सहित अन्य गणमान्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

Sonu Kashyap
Reported by: Sonu Kashyap | Taj News
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Thakur Pawan Singh
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