सिद्धार्थनगर में हरिश्चंद्र हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा; पत्नी माया देवी, प्रेमी नियाज अहमद और दो कथित शूटर गिरफ्तार, हत्या के बाद शव बूढ़ी राप्ती में फेंका और ई-रिक्शा को इस तरह लटकाया कि मामला हादसा लगे
सिद्धार्थनगर डेस्क, 🌐 tajnews.in | बुधवार, 9 सितंबर 2026, 04:45:22 PM IST

tajnews.in | सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हरिश्चंद्र की मौत किसी सड़क हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि उसकी पत्नी माया देवी ने कथित रूप से अपने प्रेमी नियाज अहमद के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। हत्या को अंजाम देने के लिए नियाज ने दो लोगों को 1.10 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस के अनुसार, इसमें 60 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे।
पुलिस ने मामले में माया देवी, नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद शव बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को इस तरह लटकाया गया, जिससे पहली नजर में घटना दुर्घटना जैसी लगे।
30 अगस्त की रात घर से निकला था हरिश्चंद्र
पुलिस के मुताबिक, इटवा थाना क्षेत्र के कपियवा निवासी हरिश्चंद्र ई-रिक्शा चलाता था। 30 अगस्त की रात वह पत्नी माया देवी से मुंबई से आने वाली सवारी को लेने के लिए बढ़नी जाने की बात कहकर घर से निकला था।
रात करीब साढ़े 12 बजे मुंहचुरवा घाट के दक्षिण-पश्चिम छोर के पास पुलिसकर्मियों को एक ई-रिक्शा लावारिस हालत में दिखाई दिया। जांच के दौरान वहां खून के निशान मिले और एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। मोबाइल में दर्ज नंबर के आधार पर पुलिस ने हरिश्चंद्र की पहचान की और परिजनों को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। नदी में भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया। एक सितंबर को बूढ़ी राप्ती नदी पर सोनवरसा के पास पुल के नीचे शव मिला, जिसकी पहचान हरिश्चंद्र के रूप में हुई।
ई-रिक्शा को हादसा दिखाने की थी कोशिश
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया। इसके बाद ई-रिक्शा को भी ऐसी स्थिति में सड़क किनारे लटकाया गया कि घटना पहली नजर में हादसा प्रतीत हो।
घटनास्थल पर खून के निशान और बाद में सामने आए अन्य साक्ष्यों ने पुलिस को हादसे की कहानी पर संदेह करने के लिए मजबूर किया। पोस्टमार्टम के बाद हत्या की आशंका और मजबूत हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई।
पत्नी और प्रेमी के रिश्ते ने खोली साजिश की कड़ी
पुलिस का दावा है कि जांच में माया देवी और नियाज अहमद के बीच कथित संबंधों की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, माया देवी अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी और उसने नियाज के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, नियाज ने इरशाद और अब्दुल्ला को 1.10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। दोनों को 60 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। इसके बाद योजना के तहत हरिश्चंद्र को फोन कर ई-रिक्शा बुक किया गया और उसे सुनसान रास्ते की ओर ले जाया गया।
मुंहचुरवा घाट के पास चाकू से हमला कर उसकी हत्या करने के बाद शव नदी में फेंक दिया गया। पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपियों ने ई-रिक्शा को भी इस तरह रखा कि पुलिस और परिजनों को घटना दुर्घटना लगे।
मारपीट और घरेलू विवाद का भी पुलिस ने किया जिक्र
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह बात सामने आई कि हरिश्चंद्र शराब का सेवन करता था और नशे में पत्नी के साथ मारपीट करता था। पुलिस के अनुसार, माया देवी ने इसी घरेलू विवाद और अपने कथित संबंधों के चलते पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम आरोपियों से पूछताछ और पुलिस की जांच पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी।
एक सुराग से हादसे की कहानी पर हुआ शक
शुरुआत में मामला दुर्घटना जैसा दिखाई दे रहा था। लेकिन ई-रिक्शा की स्थिति, घटनास्थल पर मिले खून के निशान, मोबाइल फोन और शव मिलने के बाद सामने आए पोस्टमार्टम निष्कर्षों ने पुलिस को हत्या की ओर जांच बढ़ाने का आधार दिया।
इसके बाद एसओजी और ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने पहले इरशाद, अब्दुल्ला और अन्य संदिग्धों तक पहुंच बनाई। पूछताछ के बाद माया देवी और नियाज अहमद की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया।
दुधवनिया पुल के पास तीन संदिग्ध पकड़े गए
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल इरशाद अपने दो साथियों के साथ दुधवनिया बुजुर्ग नहर के रास्ते धनौरा की ओर जाने वाला है। इसके बाद पुलिस टीम ने दुधवनिया बुजुर्ग पुल से नहर की ओर जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी की और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ीं और माया देवी तथा नियाज अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर मुंहचुरवा घाट से हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया।
छह मोबाइल समेत कई सामान बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल चाकू के अलावा छह मोबाइल फोन, पहचान पत्र, एक पैन कार्ड और एयर इंडिया का एक टिकट भी बरामद हुआ है। इन वस्तुओं और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के साथ साजिश और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार
एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने हत्याकांड के खुलासे के बाद जांच टीम को 20 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में शामिल आरोपियों के बीच संपर्क कैसे हुआ और वारदात से पहले तथा बाद में किस-किस से बातचीत हुई।
फिलहाल पुलिस के खुलासे के मुताबिक, यह मामला एक सुनियोजित हत्या का है, जिसमें वारदात के बाद शव नदी में फेंककर और ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देकर जांच को गुमराह करने की कोशिश की गई। हालांकि, हत्या की साजिश और आरोपियों की भूमिका से जुड़े पुलिस के दावों का अंतिम निर्धारण अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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