National Desk, tajnews.in | Friday, May 22, 2026, 06:15:00 PM IST

देश की राष्ट्रीय राजधानी के सुरक्षा दावों को पूरी तरह से धत्ता बताते हुए दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के बेहद रिहायशी इलाके से एक अत्यंत सनसनीखेज, खौफनाक और दिल दहला देने वाले दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) की वारदात सामने आई है। दिल्ली के गोविंदपुरी थाना इलाके में एक बंद मकान के भीतर एक बुजुर्ग महिला और उसके जवान बेटे की अज्ञात अपराधियों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुक्रवार को इस वीभत्स कृत्य का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने मकान का दरवाजा तोड़ा। खून से लथपथ दोनों शव घर के भीतर अलग-अलग कमरों में पड़े मिले। दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर कड़े स्तर पर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। शुरुआती पुलिसिया जांच और कयासों के अनुसार मामला सीधे तौर पर बड़ी लूटपाट (डकैती) के इरादे से अंजाम दिया गया प्रतीत हो रहा है। सनसनीखेज पहलू यह है कि वारदात के बाद से ही घर का घरेलू नौकर रहस्यमयी ढंग से फरार बताया जा रहा है, जिससे पुलिस का शक पूरी तरह से अंदरूनी साजिश और घरेलू स्टाफ की तरफ घूम गया है। इस खौफनाक दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे गोविंदपुरी और कलेक्टूरेट सर्किल के सीमावर्ती इलाकों में दहशत और भारी आक्रोश का माहौल है।
गोविंदपुरी के बंद मकान में बिखरा था खून, अलमारियां टूटी देख पुलिस के उड़े होश
दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके की तंग गलियों और ऊंचे मकानों के बीच शुक्रवार सुबह उस समय कोहराम मच गया, जब पुलिस की पीसीआर वैन सायरन बजाते हुए एक बंद मकान के सामने आकर रुकी। पड़ोसियों ने सुबह के समय घर का दरवाजा न खुलने और भीतर से कोई हलचल न होने पर स्थानीय पुलिस को कड़ा इनपुट दिया था। मौके पर पहुंची गोविंदपुरी थाना पुलिस ने जब स्थानीय गवाहों की मौजूदगी में घर का मुख्य लकड़ी का दरवाजा तोड़ा, तो भीतर का खौफनाक मंजर देखकर तजुर्बेकार पुलिस अधिकारियों के भी पैर तले जमीन खिसक गई।
घर के मुख्य हॉल और अंदरूनी कमरों के फर्श पर खून की नदियां बही हुई थीं। बुजुर्ग महिला और उसके युवा बेटे के शव अलग-अलग बिस्तरों पर क्षत-विक्षत हालत में पड़े थे। अपराधियों ने बहुत ही कड़े और बेरहम अंदाज़ में दोनों के सिर और गले पर वार कर उन्हें मौत की नींद सुलाया था ताकि वे शोर न मचा सकें। शुरुआती तफ्तीश के दौरान पुलिस को घर की मुख्य अलमारियां, लॉकर और संदूक पूरी तरह से खुले और अस्त-व्यस्त मिले। घर के महत्वपूर्ण जेवरात, नकदी और कीमती दस्तावेज मौके से पूरी तरह गायब थे, जो साफ तौर पर इशारा कर रहे हैं कि हत्यारों का मुख्य मकसद केवल हत्या करना नहीं, बल्कि बड़ी डकैती डालना था। दिल्ली पुलिस के खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वायड) और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने पूरे घर को सील करके हर एक कोने से जाली और वास्तविक साक्ष्यों को कलेक्ट करना शुरू कर दिया है ताकि अपराधियों के कड़े सुराग ढूंढे जा सकें।
घरेलू नौकर का फरार होना बना सबसे कड़ा सुराग, अंदरूनी मुखबिरी की कड़ाई से जांच
इस पूरे वीभत्स दोहरे हत्याकांड में दिल्ली पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई बेहद चौंकाने वाले और कड़े पहलू सामने आ रहे हैं। मृतका के परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ ही समय पहले घर में एक घरेलू नौकर (डोमेस्टिक हेल्पर) को काम पर रखा गया था। सबसे कड़ा और संदेहास्पद तथ्य यह है कि शुक्रवार सुबह से ही उस नौकर का मोबाइल फोन पूरी तरह से बंद आ रहा है और वह अपने निर्धारित ठिकानों से पूरी तरह से लापता पाया गया है।
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि बिना किसी अंदरूनी मुखबिरी या करीबी व्यक्ति की मिलीभगत के इतने सुरक्षित और व्यस्त रिहायशी मकान के भीतर प्रवेश करना और अलमारियों के लॉकर की सटीक जानकारी होना किसी भी बाहरी अपराधी के लिए बिल्कुल मुमकिन नहीं है। पुलिस को कड़ा अंदेशा है कि फरार घरेलू नौकर ने ही अपने कुछ शातिर और बाहरी साथियों के साथ मिलकर इस पूरी खौफनाक साजिश को अंजाम दिया है। हत्यारों को शायद यह भली-भांति मालूम था कि घर में केवल मां और बेटा ही रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने इस असहाय परिवार को अपना आसान निशाना बनाया। पुलिस टीम अब फरार नौकर के पैतृक गांव, उसके जाली पहचान पत्रों और स्थानीय दोस्तों के नेटवर्क को बहुत ही कड़े स्तर पर खंगाल रही है ताकि हत्या की इस गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझाया जा सके।
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राजधानी में सीनियर सिटीजंस की सुरक्षा रामभरोसे, पुलिस वेरिफिकेशन न कराना पड़ रहा भारी
गोविंदपुरी की इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात ने एक बार फिर दिल्ली पुलिस के उस पुराने और कड़े सुरक्षा अभियान की याद दिला दी है, जिसके तहत घरेलू नौकरों का ‘पुलिस वेरिफिकेशन’ कराना कानूनी रूप से अनिवार्य किया गया था। कड़े प्रशासनिक नियमों के बावजूद दिल्ली के अधिकांश मकान मालिक और बुजुर्ग दंपत्ति बिना किसी पुख्ता अदालती या पुलिसिया दस्तावेज के, महज सामान्य जान-पहचान के भरोसे बाहरी राज्यों से आए नौकरों को अपने घरों की चाबियां सौंप देते हैं, जो बाद में इस तरह के खूनी मंजर का मुख्य सबब बन जाते हैं।
इस बड़े आपराधिक घटनाक्रम के बाद दिल्ली के प्रबुद्ध समाज और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सीनियर सिटीजंस और अकेले रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर कड़े सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि गोविंदपुरी मर्डर केस को सुलझाने के लिए स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच सहित कुल छह हाई-प्रोफाइल टीमें गठित कर दी गई हैं। दिल्ली के पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार की सीमाओं पर भी कड़ा अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि आरोपी नौकर देश छोड़कर कतई न भाग सके। आगरा संभाग के सुरक्षा विश्लेषक भी दिल्ली की इस वारदात के बाद स्थानीय स्तर पर नौकरों के सत्यापन अभियान को और अधिक कड़ा व व्यावहारिक बनाने की मांग कर रहे हैं। ताज न्यूज़ इस पूरे दोहरे हत्याकांड की कड़वाहट, दिल्ली पुलिस की धरपकड़ और कोर्ट रूम के आगामी कड़े फैसलों की हर एक बारीक अपडेट पर अपनी पैनी और कड़क नजर लगातार बनाए हुए है।

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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