भारत–यूरोपीय संघ एफटीए: सौदों की अम्मा या मोदी का मास्टरस्ट्रोक?

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Political Desk, Taj News | Updated: Wednesday, 28 January 2026, 08:10 PM IST दो दशकों की कूटनीतिक रस्साकशी के बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेखक बृज खंडेलवाल वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का बड़ा टर्निंग पॉइंट मानते हैं, जहाँ ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बीच यूरोप से … Read more

भारत का कोचिंग उद्योग: सपनों का बाज़ार, टूटती उम्मीदें और दबाव की फैक्ट्री

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Political Desk, Taj News | Updated: Sunday, 25 January 2026, 10:40 AM IST महंगी फीस, झूठे वादों और असहनीय मानसिक दबाव के बीच पिसते लाखों छात्रों की हक़ीक़त को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारात्मक आलेख में सामने रखते हैं, जहाँ कोचिंग अब शिक्षा का सहारा नहीं बल्कि डर और मजबूरी का उद्योग बन चुकी … Read more

उत्तर प्रदेश: गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवंत विरासत, सहअस्तित्व और सांस्कृतिक सौहार्द की भूमि

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Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 24 January 2026, 04:40 PM IST भारत की सांस्कृतिक आत्मा और साझा सभ्यता की बहुरंगी परंपरा को रेखांकित करते हुए लेखक डॉ. प्रमोद कुमार अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में उत्तर प्रदेश को गंगा-जमुनी तहज़ीब का जीवंत प्रतीक बताते हैं, जहाँ गंगा और यमुना के संगम की तरह ही … Read more

क्या Davos से जन्म ले रही है एक नई UN? ट्रंप, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ और भारत की दुविधा

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Political Desk, Taj News | Updated: Saturday, 24 January 2026, 11:10 AM IST संयुक्त राष्ट्र को वर्षों तक “बेकार टॉक शॉप” कहकर उपहास उड़ाने वाले डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Davos में प्रस्ताव 2803 की छत्रछाया में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ जैसी नई व्यवस्था खड़ी करने की पहल को लेखक बृज खंडेलवाल वैश्विक राजनीति के गहरे विरोधाभास के … Read more

ज्ञान की गर्दन और हिंदुत्व की तलवार: विश्वविद्यालयों में विचार की घेराबंदी

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Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 23 January 2026, 06:55 PM IST दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देश के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमों को लेकर बढ़ते वैचारिक हस्तक्षेप और अकादमिक स्वतंत्रता पर मंडराते संकट को लेखक अपूर्वानंद अपने इस तीखे आलेख में सामने रखते हैं, जहाँ जेंडर, भेदभाव, समाज, विश्व इतिहास और आधुनिक सामाजिक विज्ञान जैसे … Read more

जब मोहब्बत जानलेवा हो जाए: शायरी से पोस्टमार्टम तक रिश्तों का पतन

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Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 23 January 2026, 11:05 AM IST नाकाम मोहब्बत के बदलते चेहरे और प्रेम से जुड़ी बढ़ती हिंसा को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में बेहद सख़्त सामाजिक यथार्थ के साथ रखते हैं, जहाँ कभी टूटे दिलों से शायरी और गीत जन्म लेते थे, वहीं आज प्रेम … Read more

जनतंत्र की खोखली होती नींव: चुनाव, संस्थाएं और तानाशाही की बढ़त

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Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 22 January 2026, 06:35 PM IST आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर उठते गंभीर सवालों को लेखक राजेंद्र शर्मा अपने इस आलेख में सघन मतदाता पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग की निष्पक्षता और सत्ता के चुनावी दुरुपयोग के संदर्भ में सामने रखते … Read more

काहे के विश्व गुरु? जब सभ्यता, शिष्टाचार और तहज़ीब की भाषा ही लुप्त हो रही हो

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Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 22 January 2026, 10:55 AM IST तेज़ तकनीकी प्रगति और डिजिटल आत्मनिर्भरता के दावों के बीच समाज में घुलती जा रही बदज़ुबानी, असहिष्णुता और शिष्टाचारहीन व्यवहार को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारप्रधान आलेख में एक गहरे सांस्कृतिक संकट के रूप में देखते हैं, जहाँ कबीर की “ऐसी … Read more

बंगाल की राजनीति को ध्रुवीकृत करने का तमाशा: चुनाव, एजेंसियां और असली मुद्दों से भटकाव

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Political Desk, Taj News | Updated: Wednesday, 21 January 2026, 07:15 PM IST चुनाव नज़दीक आते ही केंद्रीय जांच एजेंसियों की अचानक सक्रियता को लेखक मोहम्मद सलीम अपने इस आलेख में महज़ भ्रष्टाचार-रोधी कार्रवाई नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति को जानबूझकर ध्रुवीकृत करने की रणनीति बताते हैं, जहाँ ईडी और सीबीआई की छापेमार कार्रवाइयाँ बार-बार … Read more

सभ्यता का पतन या नैतिक थकान? क्यों धर्मग्रंथ भविष्य को लेकर चेतावनी देते हैं

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Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 11:25 AM IST भविष्य को लेकर फैले भय, पतन की आशंकाओं और सभ्यता की आंतरिक थकान को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में धार्मिक ग्रंथों और आधुनिक अनुभवों के बीच से टटोलते हैं, जहाँ रामचरितमानस से लेकर बाइबिल, क़ुरआन, बौद्ध, जैन और सिख … Read more

फासीवाद भैया तेजी से आया: मतदाता सूचियों से लोकतंत्र तक बढ़ता खतरा

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Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 06:45 PM IST नए साल 2026 की शुरुआत के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर मंडराते खतरे को लेखक राजेन्द्र शर्मा अपने इस आलेख में मतदाता सूचियों के सघन पुनरीक्षण (SIR) के उदाहरण से सामने रखते हैं, जहाँ करोड़ों मतदाताओं के नाम एक झटके में सूची से … Read more

हर जगह कॉरिडोर, सौंदर्यीकरण! भारत के पवित्र तीर्थ और कंक्रीट का टकराव

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Political Desk, Taj News | Updated: Tuesday, 20 January 2026, 11:10 AM IST तीर्थ यात्रा की आत्मा और आधुनिक विकास के बीच गहराते टकराव को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस आलेख में बेहद संवेदनशील दृष्टि से सामने रखते हैं, जहाँ बद्रीनाथ, गोवर्धन, काशी, अयोध्या और चारधाम जैसे पवित्र स्थलों के उदाहरण यह सवाल खड़ा करते … Read more