Uttar Pradesh Desk, Taj News | Sunday, April 19, 2026, 01:15:30 PM IST

कानपुर: दुनिया में एक पिता को अपनी बेटियों के लिए सबसे सुरक्षित ढाल और रक्षक माना जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जिसने इस पवित्र रिश्ते को खून से लहूलुहान कर दिया है। नौबस्ता थाना क्षेत्र के किदवई नगर इलाके में स्थित एक पॉश अपार्टमेंट रविवार की सुबह जुड़वां बहनों के खून से लाल हो गया। यहां एक कलयुगी और क्रूर पिता ने अपनी ही 11 साल की दो मासूम जुड़वां बेटियों की सोते समय गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। हत्यारे पिता ने स्टील के एक भारी चापड़ (धारदार हथियार) से दोनों बच्चियों के गले पर इतने गहरे वार किए कि उनकी बिस्तर पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। सबसे बड़ी हैरानी और खौफ की बात यह है कि इस खौफनाक दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद हत्यारा पिता खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर अपनी हैवानियत की जानकारी देता है। दूसरे कमरे में सो रही पत्नी को इस पूरी वारदात की भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। पारिवारिक कलह और मायके जाने की जिद को इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है। इस घटना ने पूरे कानपुर शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है।
रात 2 बजे का खौफनाक मंजर: रक्षक कैसे बना भक्षक?
यह दिल दहला देने वाली वारदात कानपुर के पॉश किदवई नगर के के-ब्लॉक में स्थित ‘त्रिमूर्ति अपार्टमेंट फेज-टू’ के भूतल (Ground Floor) पर बने एक फ्लैट में हुई। पुलिस की प्रारंभिक जांच और आरोपी के कबूलनामे के अनुसार, मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला शशि रंजन मिश्रा एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) कंपनी में काम करता था। वह अपनी पत्नी रेशमा, 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों— रिद्धि और सिद्धि, तथा 6 साल के बेटे रुद्रव (गन्नू) के साथ लखनऊ निवासी एक बैंककर्मी विवेक गुप्ता के इस फ्लैट में पिछले आठ साल से किराए पर रह रहा था। दोनों जुड़वां बच्चियां घर के ठीक सामने बने ‘मदर टेरेसा मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल’ में पांचवीं कक्षा की छात्राएं थीं।
शनिवार की रात परिवार खाना खाकर सोने चला गया। फ्लैट में सोने की व्यवस्था कुछ इस तरह थी कि एक कमरे में आरोपी पिता शशि रंजन अपनी दोनों जुड़वां बेटियों रिद्धि और सिद्धि के साथ सोया हुआ था, जबकि ठीक सामने वाले दूसरे कमरे में उसकी पत्नी रेशमा अपने 6 साल के छोटे बेटे रुद्रव के साथ सो रही थी। रविवार तड़के रात करीब 2:00 से 2:30 बजे के बीच शशि रंजन अचानक उठा। उसके दिमाग पर हैवानियत सवार थी। उसने घर में रखा एक भारी स्टील का चापड़ (मांस काटने वाला धारदार हथियार) उठाया और गहरी नींद में सो रही अपनी ही दोनों जिगर के टुकड़ों की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। बच्चियों को चीखने तक का मौका नहीं मिला। बिस्तर पूरी तरह से खून से सन गया और दोनों मासूमों ने वहीं दम तोड़ दिया।
खुद पुलिस को किया फोन, बेखबर पत्नी को पुलिस ने जगाया
इस नृशंस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता मौके से भागा नहीं। उसने खून से सने हाथों से सुबह करीब साढ़े चार बजे पुलिस कंट्रोल रूम (Dial 112) को फोन मिलाया और खुद इस बात की जानकारी दी कि उसने अपनी बेटियों को मार डाला है। पुलिस महकमे में यह सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी (DCP South) तत्काल भारी पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जब पुलिस त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के उस फ्लैट में दाखिल हुई, तो अंदर का नजारा किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। एक कमरे में रिद्धि और सिद्धि के शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़े थे और उनके गले गहरे कटे हुए थे। वहीं, सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि सामने वाले कमरे में सो रही मां रेशमा को इस कत्लेआम की भनक तक नहीं लगी थी। पुलिस ने जब दरवाजा खटखटाकर रेशमा को जगाया और उसे दूसरे कमरे का खौफनाक मंजर दिखाया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई और वह चीख मारकर बेहोश हो गई। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना स्टील का चापड़ मौके से ही बरामद कर लिया है और आरोपी पिता शशि रंजन को तत्काल हिरासत में ले लिया। वारदात के बाद बदहवास मां रेशमा ने अपनी नौकरानी अमरावती को फोन कर घर बुलाया।
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लव मैरिज से लेकर शक और सीसीटीवी कैमरों का रहस्य
पुलिस की पूछताछ और पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात की जड़ें पति-पत्नी के बीच चल रहे गहरे पारिवारिक क्लेश (Marital Discord) और गहरे शक में छिपी हैं। दवाई कंपनी में काम करने वाले शशि रंजन ने साल 2014 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित कलिमपुर की रहने वाली रेशमा से प्रेम विवाह (Love Marriage) किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन बाद में दोनों के बीच अक्सर भारी झगड़े होने लगे। रेशमा कानपुर में ही एक ब्यूटी पार्लर में नौकरी करती थी। पति शशि रंजन को रेशमा का घर से बाहर निकलना और मायके जाना बिल्कुल पसंद नहीं था।
रेशमा ने पुलिस को बताया कि उसका पति अक्सर उसे उसके मायके (Maternal Home) जाने से रोकता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच भयंकर विवाद होता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ समय पहले पति से तंग आकर रेशमा करीब 9 महीने के लिए अपने मायके सिलीगुड़ी चली गई थी। उस 9 महीने के दौरान दोनों जुड़वां बेटियां रिद्धि और सिद्धि अपने पिता शशि रंजन के पास ही कानपुर में रही थीं। इस पूरे मामले में एक और हैरान करने वाली बात पुलिस के सामने आई है। पुलिस ने देखा कि इस फ्लैट के सभी कमरों के अंदर (बेडरूम में भी) सीसीटीवी कैमरे (CCTV Cameras) लगे हुए थे। बेडरूम के अंदर कैमरे लगा होना आरोपी पिता की एक अजीबोगरीब मानसिकता (Psychological Paranoia) और अपनी पत्नी पर अत्यधिक शक करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। पुलिस अब इन सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर (DVR) को जब्त कर उसकी फुटेज खंगाल रही है, ताकि वारदात की सटीक टाइमलाइन और पति-पत्नी के झगड़े की असलियत सामने आ सके।
फॉरेंसिक जांच जारी, 11 साल के मासूम सपनों का अंत
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पुलिस ने दोनों बच्चियों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए भेज दिया है। घटनास्थल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और कानपुर की फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) ने कमरे से खून के नमूने, चापड़ पर लगे उंगलियों के निशान और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा लिए हैं। पुलिस अब इस मामले की हर संभावित एंगल से जांच कर रही है कि आखिर एक पिता अपनी ही बेटियों की जान का दुश्मन कैसे बन गया? क्या इसके पीछे सिर्फ पत्नी का मायके जाना कारण था, या फिर आरोपी किसी गंभीर मानसिक बीमारी या अवसाद (Depression) का शिकार था?
इस घटना ने आस-पड़ोस के लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। लोगों का कहना है कि रिद्धि और सिद्धि दोनों बहुत ही प्यारी और होनहार बच्चियां थीं। वे अक्सर शाम को अपार्टमेंट के नीचे खेलती नजर आती थीं। कल तक जो घर बच्चों की खिलखिलाहट से गूंजता था, आज वहां मातम का सन्नाटा पसरा है। यह घटना समाज के लिए भी एक बहुत बड़ा और कड़वा सवाल छोड़ जाती है कि बंद दरवाजों के पीछे पति-पत्नी के आपसी विवाद और ‘टॉक्सिक रिलेशनशिप’ का सबसे भयानक और दर्दनाक खामियाजा हमेशा उन मासूम बच्चों को क्यों भुगतना पड़ता है, जिनका कोई कसूर नहीं होता। पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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