जब मोहब्बत जानलेवा हो जाए: शायरी से पोस्टमार्टम तक रिश्तों का पतन

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Political Desk, Taj News | Updated: Friday, 23 January 2026, 11:05 AM IST नाकाम मोहब्बत के बदलते चेहरे और प्रेम से जुड़ी बढ़ती हिंसा को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारोत्तेजक आलेख में बेहद सख़्त सामाजिक यथार्थ के साथ रखते हैं, जहाँ कभी टूटे दिलों से शायरी और गीत जन्म लेते थे, वहीं आज प्रेम … Read more

काहे के विश्व गुरु? जब सभ्यता, शिष्टाचार और तहज़ीब की भाषा ही लुप्त हो रही हो

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Political Desk, Taj News | Updated: Thursday, 22 January 2026, 10:55 AM IST तेज़ तकनीकी प्रगति और डिजिटल आत्मनिर्भरता के दावों के बीच समाज में घुलती जा रही बदज़ुबानी, असहिष्णुता और शिष्टाचारहीन व्यवहार को लेखक बृज खंडेलवाल अपने इस विचारप्रधान आलेख में एक गहरे सांस्कृतिक संकट के रूप में देखते हैं, जहाँ कबीर की “ऐसी … Read more

पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो… ब्रांड एम्बेसडर

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Saturday, 10 January 2026, 8:45:00 AM. India यह कॉलम उस बदलती सामाजिक मानसिकता पर सवाल उठाता है जहाँ शिक्षा की जगह शोहरत और खेल को सफलता का एकमात्र पैमाना बना दिया गया है। ब्रज खंडेलवाल तर्क देते हैं कि खेल और मंच प्रदर्शन पैदा करते हैं, लेकिन विचार नहीं—और एक-आयामी सफलता समाज को सोच में … Read more