मथुरा जंक्शन पर जीआरपी द्वारा वेंडर से मारपीट का मामला

मथुरा जंक्शन पर जीआरपी का खौफनाक रूप: ‘चाय’ में देरी पर वेंडर को बेरहमी से पीटा, खौफजदा पीड़ित ने दी आत्महत्या की चेतावनी

उत्तर प्रदेश

Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 26 Feb 2026, 01:15 pm IST

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Taj News Crime & Railway Desk

रेलवे, पुलिस प्रशासन और ग्राउंड रिपोर्टिंग

मथुरा (Mathura): उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक मथुरा जंक्शन (Mathura Junction) से एक बेहद विचलित कर देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। जिस पुलिस (Police) के कंधों पर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वही रक्षक अब भक्षक बनते नजर आ रहे हैं। ताज़ा मामला रेलवे पुलिस बल (GRP) की गुंडागर्दी से जुड़ा है। मथुरा जंक्शन पर जीआरपी के एक जवान ने अपनी वर्दी और पद का खौफनाक दुरुपयोग करते हुए एक गरीब और रेलवे द्वारा स्वीकृत वेंडर (Vendor) के साथ सरेआम गाली-गलौज और मारपीट की है। इस घटना के बाद से मथुरा जंक्शन पर जीआरपी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित वेंडर इस कदर खौफजदा और मानसिक रूप से टूट चुका है कि उसने भरे स्टेशन पर आत्महत्या (Suicide) करने तक की चेतावनी दे डाली है।

HIGHLIGHTS
  • प्लेटफॉर्म नंबर 8 की घटना: मथुरा जंक्शन पर जीआरपी स्टाफ सूरज चौहान ने ‘कृष्णा फूड’ स्टॉल के वेंडर को बुरी तरह पीटा।
  • महज ‘चाय’ पर विवाद: वेंडर ने सफाई के बाद चाय देने की बात कही थी, जिससे भड़क कर जीआरपी जवान ने गुंडागर्दी शुरू कर दी।
  • मानसिक रूप से टूटा वेंडर: मामूली चोट और सार्वजनिक अपमान से आहत वेंडर ने आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।
  • वायरल हुआ वीडियो: घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें मथुरा जंक्शन पर जीआरपी की बर्बरता साफ दिख रही है।

▼ घटना का लाइव वीडियो यहाँ देखें ▼

क्या है पूरा मामला? कैसे शुरू हुआ विवाद?

प्राप्त जानकारी और ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी घटना आज सुबह मथुरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 (Platform No. 8) की है। इस प्लेटफॉर्म पर रेलवे द्वारा अधिकृत ‘कृष्णा फूड’ (Krishna Food) के नाम से एक स्टॉल संचालित होता है। सुबह के समय स्टॉल पर रेलवे से स्वीकृत एक गरीब वेंडर अपना नियमित कार्य कर रहा था और साफ-सफाई में जुटा हुआ था। इसी दौरान वहां मथुरा जंक्शन पर जीआरपी का स्टाफ सूरज चौहान (Suraj Chauhan) आ धमका।

सूरज चौहान ने रौब झाड़ते हुए वेंडर से तुरंत चाय (Tea) देने की मांग की। चूंकि वेंडर उस समय स्टॉल की सफाई कर रहा था, इसलिए उसने बेहद विनम्रतापूर्वक जवाब दिया कि “सर, सफाई पूरी हो जाने दीजिए, सफाई के तुरंत बाद मैं आपकी चाय बना दूंगा।” एक गरीब वेंडर के मुंह से यह साधारण सा जवाब मथुरा जंक्शन पर जीआरपी के इस पुलिसकर्मी को अपने ‘अहंकार’ (Ego) पर चोट लगा।

खाकी का रौब: सरेआम दी भद्दी गालियां और की मारपीट

वेंडर के इंकार करते ही सूरज चौहान आग-बबूला हो गया। उसने आपा खोते हुए वेंडर के साथ सार्वजनिक रूप से अत्यंत भद्दी और मां-बहन की गालियां (Abuses) देना शुरू कर दिया। जब वेंडर ने इसका विरोध किया, तो मथुरा जंक्शन पर जीआरपी जवान सूरज चौहान ने वर्दी की धौंस दिखाते हुए उसके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।

इस अप्रत्याशित हमले में वेंडर को चेहरे और शरीर पर मामूली चोटें (Injuries) आई हैं। लेकिन शारीरिक चोट से कहीं ज्यादा, भरे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के सामने हुए इस सार्वजनिक अपमान ने उस गरीब व्यक्ति की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। जो पुलिसकर्मी यात्रियों की जेबकतरों और अपराधियों से रक्षा करने के लिए तैनात किए जाते हैं, अगर वही मथुरा जंक्शन पर जीआरपी के नाम पर गुंडों की तरह व्यवहार करेंगे, तो स्टेशन पर कानून-व्यवस्था (Law and Order) का क्या होगा, यह एक बड़ा सवाल है।

खौफजदा वेंडर ने दी आत्महत्या (Suicide) की चेतावनी

इस घटना का सबसे दुखद और चिंताजनक पहलू यह है कि पीड़ित वेंडर मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है। वह बेहद डरा और सहमा (Terrified) हुआ है। घटना के बाद रोते हुए उसने मीडिया और अपने साथी वेंडरों के सामने अपना दर्द बयां किया। उसने कहा कि वह दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी कमाता है, लेकिन मथुरा जंक्शन पर जीआरपी के इस अमानवीय और अपमानजनक आचरण से वह अंदर तक दुखी है।

वेंडर ने सिसकते हुए चेतावनी दी है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला और उसे इसी तरह वर्दी के रौब से प्रताड़ित किया गया, तो वह प्लेटफॉर्म पर ही आत्महत्या (Suicide) कर लेगा। एक गरीब नागरिक का यह दर्द साफ दर्शाता है कि हमारे सिस्टम में निचले तबके के लोगों का कितना शोषण होता है। मथुरा जंक्शन पर जीआरपी की यह करतूत मानवाधिकारों का सीधा और खुला उल्लंघन है।

रेलवे प्रशासन और जीआरपी उच्चाधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

यह घटना कैमरे में कैद हो गई है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (Viral Video) हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से रेलवे वेंडर एसोसिएशन और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का पूछना है कि मथुरा जंक्शन पर जीआरपी के उच्चाधिकारी आखिर क्या कर रहे हैं? क्या रेलवे प्रशासन ने इन जवानों को गरीबों पर डंडे बरसाने की ट्रेनिंग दी है?

मथुरा एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे संवेदनशील रेलवे स्टेशन पर मथुरा जंक्शन पर जीआरपी का यह खौफनाक रूप पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस और रेलवे प्रशासन की छवि को धूमिल कर रहा है। अब देखना यह है कि क्या जीआरपी महकमा अपने इस बेलगाम सिपाही सूरज चौहान के खिलाफ निलंबन (Suspension) और एफआईआर (FIR) की सख्त कार्रवाई करता है, या फिर हमेशा की तरह खाकी, खाकी को बचाने में जुट जाएगी। इस मामले में तुरंत जांच बिठाकर दोषी पुलिसकर्मी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी वर्दीधारी मथुरा जंक्शन पर जीआरपी के नाम पर किसी गरीब की अस्मिता को कुचलने की जुर्रत न कर सके।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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