Delhi CM Rekha Gupta on Northeast Racial Abuse Case in Malviya Nagar

‘दिल्ली सबकी है, पूर्वोत्तर की बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं’: नस्लीय दुर्व्यवहार पर सीएम रेखा गुप्ता का कड़ा रुख, आरोपी दंपति गिरफ्तार

दिल्ली/NCR

Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 25 Feb 2026, 03:45 pm IST

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Taj News National Desk

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नई दिल्ली (New Delhi): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को पूरे भारत का दिल कहा जाता है, जहां देश के हर कोने से लोग अपने सपनों को पूरा करने आते हैं। लेकिन इसी ‘मिनी इंडिया’ (Mini India) में कई बार कुछ ऐसी शर्मनाक घटनाएं सामने आ जाती हैं, जो हमारी सामाजिक एकता और सहिष्णुता पर गहरे सवाल खड़े कर देती हैं। दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर (Malviya Nagar) में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ हुए कथित नस्लीय दुर्व्यवहार (Racial Abuse) और बदसलूकी के मामले ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि दिल्ली हर एक नागरिक की है और नस्लभेद जैसी घिनौनी मानसिकता के लिए यहां कोई जगह नहीं है।

HIGHLIGHTS
  • सीएम का कड़ा संदेश: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- “दिल्ली सबकी है, हम पूर्वोत्तर की अपनी बहनों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।”
  • मामूली विवाद से शुरू हुई घटना: मालवीय नगर में फ्लैट की मरम्मत के दौरान उड़ने वाली धूल को लेकर पड़ोसियों ने अरुणाचल की महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणियां कीं।
  • आरोपी दंपति गिरफ्तार: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नस्लीय दुर्व्यवहार के मुख्य आरोपी हर्ष सिंह और रूबी जैन को गिरफ्तार कर लिया है।
  • सख्त धाराओं में केस दर्ज: आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

धूल गिरने के मामूली विवाद ने लिया नस्लीय रंग

पुलिस जांच और प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 20 फरवरी 2026 की है। अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की रहने वाली तीन युवतियां—जिनमें दो सगी बहनें और एक यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रही छात्रा शामिल है—मालवीय नगर इलाके में एक किराए के फ्लैट में रहती हैं। घटना वाले दिन उनके फ्लैट में कुछ सामान्य मरम्मत (Maintenance) का काम चल रहा था। इसी मरम्मत कार्य के दौरान उनके फ्लैट से कुछ धूल और मलबा उड़कर नीचे वाले अपार्टमेंट में गिर गया।

यह एक बेहद मामूली और रोजमर्रा की बात थी, जिसे आपसी बातचीत से आसानी से सुलझाया जा सकता था। लेकिन नीचे रहने वाले पड़ोसियों ने इसे एक बड़ा मुद्दा बना लिया। वे गुस्से में ऊपर आए और युवतियों के साथ भयंकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि पड़ोसियों ने अपनी भाषाई और क्षेत्रीय मर्यादा लांघते हुए इन युवतियों के खिलाफ भद्दी ‘नस्लीय टिप्पणियां’ (Racial Slurs) करना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो फुटेज भी ऑनलाइन सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और पड़ोसियों द्वारा युवतियों को धमकाते हुए साफ देखा जा सकता है।

दिल्ली पुलिस का एक्शन: रूबी जैन और हर्ष सिंह गिरफ्तार

इस खौफनाक अनुभव के बाद डरी-सहमी युवतियों ने हिम्मत जुटाई और मालवीय नगर पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने साफ तौर पर बताया कि पड़ोसियों ने न सिर्फ उन्हें डराया-धमकाया है, बल्कि उनके रूप-रंग और राज्य को लेकर अपमानजनक नस्लीय शब्दों का भी प्रयोग किया है। मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) तुरंत हरकत में आ गई।

बुधवार शाम को पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रूबी जैन (Ruby Jain) और हर्ष सिंह (Harsh Singh) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नागरिक को उसकी शक्ल-सूरत या भौगोलिक पृष्ठभूमि के आधार पर प्रताड़ित करने का अधिकार किसी को नहीं है और ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।

BNS और SC/ST एक्ट के तहत दर्ज हुई एफआईआर

पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी धाराएं लगाई हैं। युवतियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नई आपराधिक न्याय प्रणाली ‘भारतीय न्याय संहिता’ (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसमें मुख्य रूप से BNS की धारा 506 (आपराधिक धमकी – Criminal Intimidation), धारा 505 (सार्वजनिक शरारत और नफरत फैलाने वाले बयान) और शांति भंग करने के लिए उकसाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

इतना ही नहीं, चूंकि पीड़ित युवतियां पूर्वोत्तर भारत के एक आदिवासी/जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और उन पर की गई टिप्पणियां सीधे तौर पर उनकी जाति और नस्ल पर प्रहार थीं, इसलिए पुलिस ने इस एफआईआर में ‘अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम’ (SC/ST Act) की कठोर धाराएं भी जोड़ दी हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि एससी/एसटी एक्ट लग जाने के कारण आरोपियों को आसानी से जमानत मिलना बेहद मुश्किल होगा और उन्हें कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।

सीएम रेखा गुप्ता का कड़ा संदेश: “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”

इस घटना की गूंज दिल्ली सचिवालय तक भी पहुंची। घटना की चौतरफा निंदा के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने आज शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की और मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली में इस तरह की अमानवीय और नस्लवादी सोच को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “दिल्ली हर उस भारतीय की है जो यहां रहता है। पूर्वोत्तर (Northeast) भारत का एक अभिन्न और खूबसूरत हिस्सा है। मालवीय नगर में हमारी अरुणाचल प्रदेश की बहनों के साथ जो कुछ भी हुआ, वह शर्मनाक है। मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहती हूं कि दिल्ली सरकार और पुलिस उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस नस्लीय दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर के छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि (Paramount) रखा जाए और इसके लिए सुरक्षा के कड़े तंत्र विकसित किए जाएं।

पूर्वोत्तर के छात्रों का दर्द और सामाजिक संवेदनशीलता की जरूरत

मालवीय नगर की यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है। दिल्ली के मुखर्जी नगर, मालवीय नगर, मुनिरका और राजेंद्र नगर जैसे इलाकों में हजारों की संख्या में पूर्वोत्तर के छात्र यूपीएससी, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं। इसके अलावा कई युवा निजी कंपनियों में नौकरी भी करते हैं। लेकिन अक्सर उन्हें अपनी अलग शक्ल-सूरत और खान-पान की आदतों के कारण स्थानीय लोगों के तानों और नस्लीय फब्तियों का शिकार होना पड़ता है।

कई बार उन्हें किराए पर मकान मिलने में भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इस ताजा घटना में पीड़ित एक युवती जो खुद एक आईएएस (UPSC) एस्पिरेंट है, उसके लिए मानसिक रूप से यह एक गहरा आघात है। देश के सबसे कठिन एग्जाम की तैयारी करने वाले युवाओं को जब अपने ही देश की राजधानी में पराया महसूस कराया जाता है, तो यह हमारे पूरे सामाजिक ढांचे पर एक तमाचा है। सरकार और पुलिस प्रशासन चाहे जितने सख्त कानून बना लें, लेकिन जब तक जमीनी स्तर पर लोगों की मानसिकता में बदलाव नहीं आएगा और सामाजिक संवेदनशीलता (Social Sensitization) नहीं बढ़ेगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाना मुश्किल है। दिल्ली पुलिस द्वारा उठाया गया यह सख्त कदम निश्चित रूप से एक नजीर बनेगा, ताकि भविष्य में कोई भी किसी की नस्ल या राज्य को लेकर इस तरह की ओछी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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