Siddhachakra Vidhan Kamla Nagar Agra

कमला नगर में सिद्धचक्र विधान का दूसरा दिन: भक्ति, शांति और अध्यात्म से महका जैन मंदिर

आगरा समाचार

Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 24 Feb 2026, 05:15 pm IST

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धर्म, आस्था और संस्कृति

आगरा (Agra): ताजनगरी आगरा में धर्म और अध्यात्म की बयार बह रही है। ग्रेटर कमला नगर जैन समाज और कमला नगर महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सिद्धचक्र महामंडल विधान’ का द्वितीय दिवस मंगलवार को असीम श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कमला नगर के डी-ब्लॉक स्थित महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और धर्मलाभ अर्जित किया। पूरे दिन मंदिर परिसर भगवान जिनेंद्र की स्तुति, मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत से गूंजता रहा, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय और सकारात्मक हो गया।

कार्यक्रम के मुख्य अंश (Highlights)

  • कमला नगर के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित हो रहा है सिद्धचक्र महामंडल विधान।
  • दूसरे दिन प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव का भव्य अभिषेक और शांतिधारा संपन्न हुई।
  • कमला नगर महिला मंडल ने मंगलाचरण और भक्ति गीतों के माध्यम से बांधा समां।
  • जैन समाज ने सामूहिक रूप से विश्व शांति, समाज की सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की प्रार्थना की।
Siddhachakra Vidhan Kamla Nagar Agra

▲ कमला नगर डी-ब्लॉक स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में सिद्धचक्र विधान के दौरान पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।

प्रातःकालीन अभिषेक और शांतिधारा से हुई शुरुआत

सिद्धचक्र विधान के दूसरे दिन के कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातःकाल की पावन बेला में हुई। सबसे पहले वेद-मंत्रों के बीच भगवान जिनेंद्र देव का भव्य अभिषेक किया गया। अभिषेक के पश्चात विश्व में सुख, शांति और बीमारियों के नाश की कामना करते हुए ‘शांतिधारा’ की गई। जैन धर्म में शांतिधारा का विशेष महत्व है; माना जाता है कि मंत्रों की ध्वनि और पवित्र जल की धारा से न केवल मंदिर परिसर, बल्कि आसपास के पूरे वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।

शांतिधारा के बाद विधि-विधान पूर्वक विशेष पूजा संपन्न कराई गई। अष्टद्रव्यों (जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप और फल) को भगवान के चरणों में अर्पित करते हुए श्रद्धालुओं ने अपने कर्मों की निर्जरा की प्रार्थना की। मंदिर में बजते भक्ति गीत, स्तुति वंदनाएं और वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि ने उपस्थित सभी लोगों को अध्यात्म के एक अलग ही लोक में पहुंचा दिया।

Jain Samaj Agra Abhishek and Shanti Dhara

▲ विधान में भक्ति-भाव से शामिल जैन समाज के श्रद्धालु।

सिद्धचक्र विधान का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

जैन दर्शन में सिद्धचक्र विधान को सबसे बड़े और प्रभावशाली अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। ‘सिद्धचक्र’ का अर्थ है सिद्धों (मुक्त आत्माओं) का समूह या चक्र। इस विधान में ‘नवपद’ की विशेष आराधना की जाती है। ये नवपद हैं— अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु (ये पांच परमेष्ठी कहलाते हैं) और सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र, सम्यक् तप।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति अष्टाह्निका पर्व के दौरान या सिद्धचक्र महामंडल विधान में सच्चे मन से नवपदों की आराधना करता है, उसके जन्म-जन्मांतर के संचित पाप कट जाते हैं। यह विधान आत्मा को उसके मूल स्वरूप (शुद्धता) से परिचित कराने का एक मार्ग है। इस अनुष्ठान के दौरान की जाने वाली कठिन तपस्या और मंत्र जाप से शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है। यही कारण है कि इस विधान में भाग लेने के लिए शहर भर से जैन धर्मावलंबी कमला नगर पहुंच रहे हैं।

कमला नगर महिला मंडल की सराहनीय भूमिका

इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में कमला नगर महिला मंडल की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। दूसरे दिन के कार्यक्रम में महिला मंडल की सदस्याओं ने बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण ‘मंगलाचरण’ प्रस्तुत किया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने जैन भजनों और भक्ति प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी गहरी धार्मिक भावनाओं को अभिव्यक्त किया। उनकी सुमधुर प्रस्तुतियों पर पूरा पंडाल भक्ति में झूम उठा। महिलाओं ने न केवल पूजा की तैयारियों में अपना योगदान दिया, बल्कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं संभालने में भी आगे रहीं।

Kamla Nagar Mahila Mandal Jain Religion

▲ कमला नगर महिला मंडल और श्रद्धालु विधान की मांगलिक क्रियाओं में भाग लेते हुए।

विश्व शांति और मानव कल्याण की मंगल कामना

जैन धर्म का मूल मंत्र ‘अहिंसा परमो धर्म:’ और ‘जियो और जीने दो’ है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए सिद्धचक्र विधान के दूसरे दिन उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से विश्व शांति की प्रार्थना की। वर्तमान समय में दुनिया भर में चल रहे तनाव और अशांति के बीच, यह विधान मानव कल्याण का संदेश देता है। समाज की सुख-समृद्धि, आपसी भाईचारे और सभी जीवों के कल्याण की मंगल कामना की गई। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहा। लोग दर्शन कर भगवान का आशीर्वाद लेते रहे।

राकेश जैन शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हुई क्रियाएं

सिद्धचक्र विधान की यह सभी जटिल और पवित्र मांगलिक क्रियाएं विद्वान राकेश जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में संपन्न हुईं। उन्होंने विधान के एक-एक मंत्र और अर्घ्य का महत्व श्रद्धालुओं को समझाया। इस पावन अवसर पर ग्रेटर कमला नगर जैन समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे जिन्होंने इस धर्म-प्रभावना में अपना सहयोग दिया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंगल प्रदीप जैन पीएनसी, जगदीश प्रसाद जैन, यशपाल जैन, मनोज जैन बाकलीवाल, दिलीप जैन, राकेश जैन बजाज, सुशील जैन, सुभाष जैन, जीवन जैन अहिंसा, विजय गोयल, अनिल रईस, अनिल जैन और नरेश जैन ने विशेष रूप से सहभागिता की। इसके साथ ही महिला वर्ग से रश्मि गोयल, शशि जैन, नीरू जैन, माधुरी जैन, वंदना जैन और अंकिता जैन सहित बड़ी संख्या में समाज के अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्मलाभ उठाया। यह अनुष्ठान आगामी दिनों तक ऐसे ही धार्मिक उल्लास के साथ जारी रहेगा।

तस्वीरों में देखें विधान की विशेष झलकियां

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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