25 सितंबर को गणेश पूजन व मुकुट पूजन से होगा रामलीला महोत्सव का शुभारंभ; स्वचालित झांकियां, गोवर्धन की झांकी और हरिद्वार की डाक कांवड़ रहेंगी विशेष आकर्षण
संस्कृति डेस्क, 🌐 tajnews.in | सोमवार, 31 अगस्त 2026, 07:13:19 AM IST

tajnews.in | आगरा: आगरा की ऐतिहासिक रामलीला अपनी 149 वर्ष की गौरवशाली परंपरा पूरी कर इस वर्ष 150वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए श्रीरामलीला कमेटी ने रामलीला महोत्सव और ऐतिहासिक रामबारात में परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश करने की तैयारी की है। इस बार रामबारात में करीब 100 झांकियां शामिल होंगी। साथ ही रामबारात और विजयदशमी के अवसर पर पहली बार प्रदूषण रहित इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी भी प्रमुख आकर्षण रहेगी।
श्रीरामलीला कमेटी की वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ का विमोचन रविवार को बिजलीघर स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर पर किया गया। कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल तथा महामंत्री राजीव अग्रवाल ने पत्रिका का विमोचन करते हुए आगामी रामलीला महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी।
25 सितंबर से शुरू होगा रामलीला महोत्सव
रामलीला महोत्सव का शुभारंभ 25 सितंबर को गणेश पूजन और मुकुट पूजन के साथ होगा। इसके बाद धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू होगी।
कार्यक्रम के अनुसार—
- 25 और 26 सितंबर को श्री गणेश महाराज की मुकुट सवारी निकलेगी।
- 28 सितंबर को श्री गणेश महाराज की सवारी नगर परिभ्रमण करेगी।
- 29 सितंबर को रावण की दुहाई का नगर परिभ्रमण होगा।
- 30 सितंबर को रामलीला मैदान में मंचीय लीलाओं का उद्घाटन किया जाएगा।
रामलीला कमेटी के अनुसार, इस बार महोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय ऐतिहासिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
रामबारात में करीब 100 झांकियां, स्वचालित झांकियां बनेंगी आकर्षण
श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस बार ऐतिहासिक रामबारात में करीब 100 झांकियां शामिल کی जाएंगी। इनमें आधुनिक तकनीक से तैयार की जा रही स्वचालित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी।
गोवर्धन से संबंधित स्वचालित झांकी और हरिद्वार की डाक कांवड़ भी रामबारात की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहेंगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत स्वरूप में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से रामबारात में झांकियां शामिल करने के लिए प्रस्ताव मिले हैं। हालांकि किनारी बाजार और रावतपाड़ा क्षेत्र की संकरी और सीमित सड़कों को देखते हुए सभी प्रस्तावों को स्वीकार करना संभव नहीं है। ऐसे में स्थान और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा तथा विशेष आकर्षण वाली झांकियों को ही रामबारात में शामिल किया जाएगा।
पहली बार इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी का प्रयोग
150वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर रामलीला महोत्सव में एक महत्वपूर्ण बदलाव इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी के रूप में देखने को मिलेगा। रामबारात और विजयदशमी के दौरान पारंपरिक आतिशबाजी के स्थान पर प्रदूषण रहित इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी किए जाने की तैयारी है।
कमेटी का प्रयास है कि धार्मिक उत्सव की भव्यता और आकर्षण बनाए रखते हुए पर्यावरणीय दृष्टि से भी अधिक जिम्मेदार आयोजन किया जाए। आधुनिक तकनीक के इस प्रयोग को ऐतिहासिक आयोजन में एक नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है।
परंपरागत शैली में होगा रामलीला मंचन
कमेटी अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि आधुनिक तकनीक के प्रयोग के बावजूद रामलीला की मूल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
वृंदावन की मंडली के कलाकार पारंपरिक शैली में विभिन्न लीलाओं का मंचन करेंगे। इस वर्ष भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव और मां जानकी के जन्मोत्सव को भी विशेष स्वरूप में मनाने की योजना बनाई गई है।
कार्यक्रम के तहत—
- 1 अक्तूबर को श्रीराम जन्मोत्सव लीला आयोजित होगी।
- 2 अक्तूबर को सीता जन्मोत्सव लीला का आयोजन किया जाएगा।
दोनों जन्मोत्सवों को नंद उत्सव की तर्ज पर उत्सवमय स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
24 अक्तूबर को होगा कार्यक्रमों का समापन
रामलीला महोत्सव के अंतर्गत धार्मिक अनुष्ठानों और लीलाओं का क्रम पूरे आयोजन अवधि में जारी रहेगा। 24 अक्तूबर को श्रीरामचरितमानस मास पारायण के समापन और सभी स्वरूपों की विदाई के साथ महोत्सव का औपचारिक समापन होगा।
आगरा की ऐतिहासिक रामलीला और रामबारात शहर की धार्मिक आस्था के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। 150वें वर्ष में प्रवेश के साथ इस बार का आयोजन इसलिए भी विशेष माना जा रहा है कि इसमें एक ओर सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं को उसी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर स्वचालित झांकियों और इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी जैसी आधुनिक तकनीक के माध्यम से आयोजन को नया स्वरूप देने का प्रयास होगा।
इस अवसर पर विजय प्रकाश गोयल, भगवानदास बंसल, विष्णु दयाल बंसल, विनोद जोहरी, मुकेश जोहरी, संजय तिवारी, प्रवीण स्वरूप, राकेश जैन, अंजुल बंसल, राहुल गौतम, रामांशु शर्मा, महेशचंद्र, आदर्श नंदन गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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