Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Saturday, 30 May 2026, 10:15:22 AM IST

आगरा: ताजनगरी के कमला नगर स्थित ब्रज विहार के प्रतिष्ठित राधा कृष्ण मंदिर में चल रही भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सातवें दिन अत्यंत भावपूर्ण और भक्तिमय माहौल के बीच समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन भगवान कृष्ण और उनके परम सखा सुदामा के अटूट प्रेम तथा निश्छल भक्ति के प्रसंगों को सुनकर पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं की आंखें सजल हो उठीं। भक्तिरस से सराबोर इस धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम सत्र में व्यासपीठ से दिव्य संदेश देते हुए सुप्रसिद्ध कथा वाचिका साक्षी शुक्ला ने सुदामा चरित्र का सजीव और मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि जो मनुष्य संसार के भौतिक सुखों, लोभ, लालच और सांसारिक विकारों का पूरी तरह परित्याग कर अपनी दसों इंद्रियों व इच्छाओं पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लेता है, वही ठाकुर जी का खरा और सच्चा सुदामा कहलाता है।
कथा के मुख्य प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए प्रखर विदुषी साक्षी शुक्ला ने कहा कि सुदामा शब्द का अर्थ ही यही है कि जिसने अपनी बुद्धि और इच्छाओं को पूरी तरह से भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया हो। परमात्मा कभी धन-दौलत, छप्पन भोग या महल देखकर किसी पर रीझते नहीं हैं, वे तो केवल भक्त के हृदय के सच्चे और पवित्र भाव के भूखे होते हैं। सुदामा जी जब द्वारका पहुंचे, तो भगवान कृष्ण ने राजपाठ और मर्यादाओं को भूलकर नंगे पैर दौड़ते हुए अपने सखा को गले लगाया और अपने अश्रुओं से उनके पैर धोए। यह प्रसंग इस बात का साक्षात प्रमाण है कि जो अनन्य भाव से भगवान की शरण में रहता है, ठाकुर जी स्वयं उसके योग-क्षेम का वहन करते हैं।
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, कथा वाचिका ने भगवान श्री कृष्ण के कई अन्य मर्मस्पर्शी और लीलाओं से भरे भावमय प्रसंगों को संगीत की मधुर धुनों के साथ सुनाया, जिससे पूरा मंदिर परिसर राधा-कृष्ण के जयकारों और भजनों से गुंजायमान हो उठा। भजनों पर झूमते-गाते भक्त पूरी तरह कृष्णमयी भक्ति के सागर में गोते लगाते हुए दिखाई दिए। धार्मिक कार्यक्रम के आयोजक और मुख्य यजमान विनय लूथरा व प्रिया लूथरा ने व्यासपीठ का पूजन कर आरती उतारी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

मुख्य यजमान विनय लूथरा और प्रिया लूथरा ने आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि सप्ताहव्यापी इस ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहूति के उपलक्ष्य में शनिवार सुबह भव्य स्तर पर यज्ञ-हवन का आयोजन किया जाएगा। इसमें वैदिक विद्वानों द्वारा विशेष मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जाएंगी। इसके तुरंत बाद पवित्र नौ कन्याओं का पूजन कर उन्हें उपहार स्वरूप सामग्री भेंट की जाएगी और ब्राह्मण भोजन कराया जाएगा। इसके उपरांत विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण का भव्य शुभारंभ होगा, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है।

धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन व्यवस्थाओं को संभालने और ठाकुर जी की सेवा में अग्रणी रहने वालों में मुख्य रूप से जगदीश लूथरा, राजकुमार लूथरा, निशि लूथरा, रोहित कत्याल, संजय लूथरा, ऋतु लूथरा, संतोष दुआ, विमल सोंधी, सत्यपाल खुराना, ममता खुराना, हिमांशु लूथरा, शिवानी लूथरा, मोहित, अंशुल, उदित और अमन उपस्थित रहे। इन सभी सहयोगियों ने कथा में आए भक्तों का स्वागत-सत्कार किया।

इसके साथ ही महिला भक्तों का नेतृत्व करते हुए ब्रज गोपी महिला मंडल की वरिष्ठ सदस्याएं कुसुम मिड्ढा, प्रवेश बत्रा और संतोष तनेजा सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर मंगल कलश और पूजा की थाली लेकर सम्मिलित हुईं। सभी श्रद्धालुओं ने कथा विश्राम के बाद बारी-बारी से व्यासपीठ के दर्शन किए, आरती का पुण्य लाभ लिया और सुखद आध्यात्मिक अनुभव के साथ मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।

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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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