Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Tuesday, 26 May 2026, 12:15:10 PM IST

Agra Expressway Unnao Bus Accident के अंतर्गत लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर उन्नाव जनपद के निकट मंगलवार तड़के एक अत्यंत वीभत्स और दिल दखला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। दिल्ली से गोरखपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार निजी स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे एक सब-इन्स्पेक्टर (दरोगा) समेत सात यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्घटना के बाद अनियंत्रित बस कंक्रीट की सड़क पर करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई, जिसके कारण एक्सप्रेसवे पर लाशें बिछ गईं। इस भीषण एक्सीडेंट में तीन पुलिसकर्मियों सहित कुल 24 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें यूपीडा कर्मियों और पुलिस की मदद से बाहर निकालकर तुरंत लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में हादसे की मुख्य वजह ड्राइवर को अचानक नींद की झपकी आना और बस का 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की अत्यधिक तेज रफ्तार से दौड़ना सामने आया है।
दिल्ली से गोरखपुर जा रही थी डबल डेकर बस, भोर के सन्नाटे में पुलिया से टकराकर मची भयंकर चीख-पुकार
विस्तृत और धरातलीय रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के आनंद विहार से कुल 52 यात्रियों को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हुई निजी ट्रेवल्स की डबल डेकर स्लीपर बस सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर तेजी से दौड़ रही थी। मंगलवार तड़के करीब पांच बजे जब बस उन्नाव जनपद के अंतर्गत आने वाले इलाके से गुजर रही थी, तभी अचानक भोर के सन्नाटे में एक जोरदार धमाके के साथ चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और बचे हुए यात्रियों के अनुसार, बस की रफ्तार बहुत तेज थी और वह सड़क पर अनियंत्रित होकर दौड़ रही थी।

तड़के की ठंडी हवा के बीच अचानक ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई, जिससे उसका स्टीयरिंग व्हील से नियंत्रण पूरी तरह छूट गया। बस एक्सप्रेसवे के किनारे बनी कंक्रीट की पुलिया से अत्यधिक वेग के साथ टकराई और बाईं ओर पलट गई। पलटने के बाद भी बस की गति इतनी अधिक तेज थी कि वह करीब 100 मीटर तक कंक्रीट की सड़क पर घिसटती चली गई। इस भयंकर घर्षण के कारण बस की लोहे की चादरें और स्लीपर केबिन पूरी तरह टूट गए, जिससे भीतर सो रहे यात्री मलबे के नीचे बुरी तरह कुचलते चले गए और पूरा एक्सप्रेसवे चीख-पुकार से गूंज उठा।
आधे घंटे बाद पहुंचा यूपीडा का रेस्क्यू अमला, प्राथमिक उपचार के बाद 24 गंभीर घायल लखनऊ रेफर
हादसे की सूचना एक्सप्रेसवे पर गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने तुरंत स्थानीय पुलिस और यूपीडा के कंट्रोल रूम को दी। घटना के करीब आधे घंटे बाद थाना पुलिस और यूपीडा की टीम लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और गैस कटर मशीनों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से बस के शीशे और केबिन के लोहे को काटकर भीतर फंसे लहूलुहान यात्रियों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने घायलों की बेहद नाजुक और गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तीन पुलिसकर्मियों सहित कुल 24 गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल यात्रियों में से कुछ की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया प्रशासनिक संज्ञान, मृतकों की शिनाख्त कर परिजनों को दी सूचना
इस भीषण सड़क हादसे का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल लिया है। उन्होंने उन्नाव बस दुर्घटना में हुई सात मौतों पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मृतकों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा और लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती सभी घायलों का पूरा इलाज सरकारी खर्चे पर निशुल्क कराया जाएगा।

उन्नाव के पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस ने सभी सात मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। मृतकों में से अधिकांश की शिनाख्त कर ली गई है, जिसमें बिहार के सीवान पुलिस में कार्यरत सब-इंस्पेक्टर शिवचरन राम, गोरखपुर के मुंडेरा बाजार निवासी सुरेश कुमार जायसवाल पुत्र राम आधार जायसवाल, और पीपीगंज निवासी विदेशी गुप्ता पुत्र मिश्रीलाल गुप्ता की पुष्टि हुई है। इनके अतिरिक्त बस्ती के कप्तानगंज निवासी विजय कुमार पुत्र रामजीत, एक अज्ञात बंदी और एक अज्ञात महिला की भी इस दर्दनाक हादसे में मौत हुई है। पुलिस प्रशासन मृत यात्रियों के परिजनों को सूचना देकर उनकी सहायता करने और ढांढस बंधाने के प्रयास में जुटा हुआ है।

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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, tajnews.in
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