Agra Desk, tajnews.in | Monday, April 20, 2026, 08:45:30 PM IST

आगरा: उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी और महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को समर्पित ‘मिशन शक्ति’ (Mission Shakti) अभियान की गूंज सोमवार को ताजनगरी के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान, सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) में सुनाई दी। एसएन मेडिकल कॉलेज की सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में एक बेहद भव्य, विचारोत्तेजक और ऊर्जावान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा पेशे से जुड़ी भावी महिला डॉक्टरों, छात्राओं और कर्मचारियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज में एक सशक्त नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित होने के लिए प्रेरित करना था। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन और संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन (आगरा कमिश्नरेट) के अधिकारियों ने भी शिरकत की और छात्राओं के साथ सुरक्षा के अहम गुर साझा किए। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि एक महिला चिकित्सक केवल मरीजों का इलाज ही नहीं करती, बल्कि वह एक स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज की सबसे मजबूत धुरी भी होती है। कार्यक्रम में चिकित्सा, कानून और साहित्य का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने वहां उपस्थित हर युवा छात्रा के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया।
नारी शक्ति समाज की आधारशिला: डॉ. प्रशांत गुप्ता

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ ज्ञान की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने सभागार में उपस्थित सैकड़ों मेडिकल छात्र-छात्राओं और वरिष्ठ चिकित्सकों को संबोधित किया। अपने बेहद प्रेरणादायक और सारगर्भित उद्बोधन में डॉ. प्रशांत गुप्ता ने स्पष्ट किया कि किसी भी सभ्य और विकसित समाज की कल्पना महिलाओं की सक्रिय और समान भागीदारी के बिना बिल्कुल अधूरी है। उन्होंने कहा, “नारी शक्ति ही हमारे समाज की वास्तविक आधारशिला है। जब बात एक मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण संस्थान की आती है, तो यहां महिला चिकित्सकों, नर्सों और छात्राओं की भूमिका और भी ज्यादा अहम हो जाती है।”
डॉ. प्रशांत गुप्ता ने आगे बताया कि आज के दौर में महिलाएं चिकित्सा के हर जटिल क्षेत्र— चाहे वह सर्जरी हो, मेडिसिन हो या फिर रिसर्च— में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा, “ऐसे जागरूकता कार्यक्रम केवल कागजी औपचारिकताएं नहीं हैं। ये कार्यक्रम महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति गहराई से जागरूक करते हैं और उन्हें हर मंच पर सशक्त बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प को दोहराते हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन का हमेशा से यह अनवरत प्रयास रहा है कि हम अपने संस्थान के भीतर एक ऐसा सुरक्षित, पारदर्शी और प्रगतिशील (Progressive) वातावरण प्रदान करें, जहां हर महिला बिना किसी डर या झिझक के अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके और देश सेवा में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सके।”
कविता और ओजस्वी भाषणों से गूंजा सभागार

इस शानदार कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके प्रभावी संचालन की पूरी जिम्मेदारी फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं सांस्कृतिक समिति की सक्रिय सदस्य डॉ. ऋचा गुप्ता ने बखूबी निभाई। उन्होंने अपने संचालन के दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई ऐतिहासिक और समसामयिक संदर्भों को मंच पर रखा, जिसने श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम को बौद्धिक रूप से और अधिक समृद्ध बनाने का कार्य कॉलेज की वरिष्ठ महिला चिकित्सकों ने किया।
ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन (Transfusion Medicine) विभाग की अध्यक्षा डॉ. नीतू चौहान और रेडियोथेरेपी (Radiotherapy) विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुरभि गुप्ता ने नारी सशक्तिकरण के विषय पर बेहद ओजस्वी और विचारोत्तेजक भाषण दिए। इन दोनों वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपने संघर्षों, चिकित्सा पेशे में महिलाओं की चुनौतियों और उनसे पार पाने के अपने अनुभवों को युवा छात्राओं के साथ साझा किया। डॉ. सुरभि गुप्ता ने अपनी एक स्वरचित काव्य प्रस्तुति के माध्यम से स्त्री के अदम्य साहस, उसके मातृत्व और उसके नेतृत्व कौशल का बेहद मार्मिक चित्रण किया। उनकी इस काव्य प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद सभी लोगों को भावविभोर कर दिया और पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इन भाषणों ने युवा मेडिकल छात्राओं (Medicos) को यह संदेश दिया कि वे केवल एक डॉक्टर नहीं हैं, बल्कि वे समाज में बदलाव लाने वाली ‘चेंजमेकर’ (Changemaker) हैं।
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आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने दी सुरक्षा और कानूनी जागरूकता की ‘डोज़’
‘मिशन शक्ति’ अभियान का एक सबसे प्रमुख पहलू महिलाओं को कानून और पुलिस की कार्यप्रणाली से सीधे तौर पर जोड़ना है। इसी कड़ी में, आगरा पुलिस कमिश्नरेट (Agra Police Commissionerate) की ओर से मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी सब-इंस्पेक्टर (SI) लवी शुक्ला और महिला कांस्टेबल (LC) सोनम चौधरी ने इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत की। इन दोनों महिला पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं के साथ एक बहुत ही इंटरैक्टिव (Interactive) और ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया।
एसआई लवी शुक्ला ने छात्राओं को महिला सुरक्षा (Women Safety) से जुड़े विभिन्न कानूनों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (POSH Act), घरेलू हिंसा, और बढ़ते साइबर अपराधों (Cyber Crimes) से किस प्रकार निपटा जा सकता है। पुलिस टीम ने छात्राओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों— जैसे विमेन पावर लाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, सीएम हेल्पलाइन 1076 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930— के बारे में जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि मुसीबत के समय घबराने के बजाय इन नंबरों का तुरंत और निडर होकर इस्तेमाल कैसे करना है। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को सेल्फ-डिफेंस (आत्मरक्षा) के कुछ बुनियादी और बेहद जरूरी टिप्स भी दिए, जो उनकी नाइट ड्यूटी (Night Duty) या विषम परिस्थितियों में जान बचाने के काम आ सकते हैं。
पौधे भेंट कर दिया पर्यावरण का संदेश, 2025 बैच का दिखा उत्साह
कार्यक्रम का समापन भी उतना ही गरिमामयी और उद्देश्यपूर्ण रहा जितना कि इसका आगाज। कार्यक्रम के अंत में एसएनएमसी की सांस्कृतिक समिति की अध्यक्षा डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और श्रोताओं का विधिवत रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पर्दे के पीछे काम करने वाले सभी सदस्यों की सराहना की। इस अवसर को और भी खास बनाते हुए, आयोजकों ने एक अनूठी पहल की। मुख्य अतिथियों और वक्ताओं को पारंपरिक बुके (Bouquet) या मोमेंटो देने के बजाय, उन्हें हरे-भरे पौधे (Saplings) भेंट कर सम्मानित किया गया। यह एक प्रतीकात्मक संदेश था कि जिस तरह एक पौधे को सींचकर बड़ा किया जाता है, उसी तरह नारी शक्ति और पर्यावरण संरक्षण (Environment Protection) को भी हमें समाज में सींचना और बढ़ावा देना चाहिए。
इस पूरे कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2025 बैच के विद्यार्थियों (Undergraduate Students) की भागीदारी सबसे अधिक और उत्साहजनक रही। इन युवा मेडिकल छात्रों ने न केवल ध्यान से वक्ताओं को सुना, बल्कि पुलिस अधिकारियों से सवाल-जवाब कर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया। इस भव्य आयोजन में कॉलेज की कई अन्य जानी-मानी महिला चिकित्सकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. कामना, डॉ. अलका, डॉ. गीतू, डॉ. ऋचा श्रीवास्तव, डॉ. निधि और डॉ. शिप्रा शामिल रहीं। इन सभी वरिष्ठ संकाय सदस्यों (Faculty Members) और पीजी (PG) विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को दोगुना कर दिया। अंततः, एसएन मेडिकल कॉलेज का यह आयोजन मिशन शक्ति के मूल संदेश— “सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन”— को कॉलेज परिसर से लेकर जन-जन तक सफलतापूर्वक पहुंचाने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है。
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Thakur Pawan Singh
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