Agra Desk, tajnews.in | Monday, April 20, 2026, 09:15:30 AM IST

आगरा: ताजनगरी आगरा में कानून व्यवस्था और सुरक्षित माहौल को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। शहर के पॉश इलाके नीरव निकुंज स्थित अस्ट्रा हॉस्पिटल (Astra Hospital) परिसर उस समय जंग का अखाड़ा बन गया, जब एक महिला डॉक्टर पर सरेआम जानलेवा हमला कर दिया गया। यह हमला किसी अनजान गुंडे ने नहीं, बल्कि मेडिकल और शिक्षा जगत से जुड़े रसूखदार लोगों द्वारा किया गया। आरोप है कि डॉ. अविनाश सिंह, प्रो. वीके सिंह और उनके पुत्र अक्षय ने अस्ट्रा हॉस्पिटल के गेट पर डॉ. चारू सिंह के साथ न केवल भद्दी गालियां दीं, बल्कि उनका गला भी दबाने की कोशिश की। जब महिला डॉक्टर की जान बचाने के लिए उनका सुरक्षा गार्ड बीच में आया, तो इन दबंग आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा। गार्ड को हवा में उठाकर सिर के बल जमीन पर पटक दिया गया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। इस वीभत्स घटना के बाद आरोपियों ने खुलेआम धमकी दी कि अगर वे दोबारा अस्पताल के आसपास नजर आईं, तो उन्हें “खोदकर यहीं गाड़ देंगे”। इस पूरी वारदात का वीडियो भी महिला डॉक्टर की बहन ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है। थाना सिकंदरा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार को सौंप दी गई है।
शनिवार रात 9:30 बजे का वो खौफनाक मंजर
पुलिस में दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के अनुसार, यह पूरी दिल दहला देने वाली वारदात शनिवार, 18 अप्रैल 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। शास्त्रीपुरम (Shastripuram) की रहने वाली डॉ. चारू सिंह (पुत्री डॉ. एसडी मौर्या) अपनी बहन सना सैनी के साथ अपने अस्पताल ‘अस्ट्रा हॉस्पिटल’, 17-A नीरव निकुंज ऑफिसर कॉलोनी गई थीं। डॉ. चारू सिंह का आरोप है कि जब वे अस्पताल के मेन गेट से अंदर प्रवेश कर रही थीं, तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे डॉ. अविनाश सिंह, प्रो. वीके सिंह और उनके बेटे अक्षय उन्हें देखते ही अचानक उत्तेजित और हिंसक हो गए। बिना किसी उकसावे के इन तीनों आरोपियों ने डॉ. चारू सिंह के साथ गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया।
स्थिति तब और ज्यादा खौफनाक हो गई जब सरेआम गुंडागर्दी करते हुए डॉ. अविनाश ने आगे बढ़कर महिला डॉक्टर डॉ. चारू सिंह का गला पकड़ लिया और उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। एक महिला डॉक्टर के साथ सरेआम इस तरह की अभद्रता और जानलेवा हमले ने अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और तीमारदारों के बीच भारी दहशत फैला दी। एक सुरक्षित माने जाने वाले अस्पताल परिसर में ऐसी वारदात ने सीधे तौर पर पुलिस के इकबाल को चुनौती दी है। मेडिकल पेशे से जुड़ी एक महिला के साथ ऐसी हिंसक घटना समाज के पढ़े-लिखे वर्ग की मानसिकता पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
सुरक्षा गार्ड को सिर के बल पटका, अस्पताल में बहा खून
जब दबंग आरोपी डॉ. अविनाश सिंह महिला डॉक्टर का गला दबाने की कोशिश कर रहा था, तब डॉ. चारू सिंह की सुरक्षा में तैनात उनके सुरक्षाकर्मी बादल सिंह ने अपनी ड्यूटी निभाते हुए उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया। लेकिन खून के प्यासे हो चुके इन तीनों आरोपियों ने अपना सारा गुस्सा उस बेगुनाह सुरक्षा गार्ड पर उतार दिया। एफआईआर में दर्ज बयानों के मुताबिक, डॉ. अविनाश सिंह, प्रो. वीके सिंह और अक्षय ने एकजुट होकर गार्ड बादल सिंह के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट शुरू कर दी। एक निहत्थे गार्ड पर तीन हट्टे-कट्टे रसूखदारों का यह हमला पूरी तरह से कायराना था।
आरोपियों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए गार्ड बादल सिंह को हवा में उठाया और पूरी ताकत से सिर के बल जमीन पर पटक दिया। इस जानलेवा हमले से गार्ड के सिर में बेहद गंभीर चोटें आईं और वह चंद सेकंडों में ही लहूलुहान होकर अचेत अवस्था में जमीन पर गिर पड़ा। अस्पताल के फर्श पर सुरक्षा गार्ड का खून बहता देख वहां चीख-पुकार मच गई। अपनी जान पर खेलकर अपनी मालकिन की जान बचाने वाले उस गार्ड की हालत देखकर किसी की भी रूह कांप सकती थी। इस कृत्य ने यह साबित कर दिया कि आरोपियों के मन में कानून का रत्ती भर भी खौफ नहीं था और वे किसी की भी जान लेने पर उतारू थे। घटना के तुरंत बाद गार्ड को मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन उसके सिर की चोटें उसकी जान पर भारी पड़ सकती थीं।
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“खोदकर यहीं गाड़ देंगे”: कैमरे में कैद हुई हैवानियत
गार्ड को लहूलुहान करने के बाद भी इन दबंगों का कहर शांत नहीं हुआ। डॉ. चारू सिंह की तहरीर के अनुसार, डॉ. अविनाश, प्रो. वीके सिंह और अक्षय ने उन्हें खुलेआम शहर के बीचों-बीच मौत के घाट उतारने की धमकी दी। आरोपियों ने चिल्लाते हुए कहा कि “अगर इस अस्पताल के आसपास भी नजर आई, तो खोदकर यहीं गाड़ देंगे”। यह धमकी स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि आरोपियों के हौसले कितने बुलंद हैं और उन्हें पुलिस या कानून का कोई डर नहीं है। एक महिला डॉक्टर को उसके ही कार्यस्थल पर इस तरह सरेआम धमकाना सीधे तौर पर प्रशासन को खुली चुनौती है।
गनीमत यह रही कि इस पूरी वारदात और आरोपियों की सरेआम दी जा रही धमकियों के दौरान डॉ. चारू सिंह की बहन सना सैनी ने गजब की हिम्मत दिखाते हुए अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो (Video Recording) बना लिया। शोर-शराबा और बवाल सुनकर जब अस्पताल के आसपास के लोग और भीड़ वहां इकट्ठा होने लगी, तो खुद को घिरता देख और वीडियो बनते हुए देख तीनों रसूखदार आरोपी मौके से भाग खड़े हुए। इसके बाद खौफजदा और डरी-सहमी डॉ. चारू सिंह तुरंत थाना सिकंदरा पहुंचीं और पुलिस से अपनी जान-माल की रक्षा की गुहार लगाते हुए लिखित तहरीर दी। पीड़िता ने पुलिस को साफ बताया है कि विपक्षीगण उन्हें जान से मारने की फिराक में घूम रहे हैं और उनके परिवार को लगातार खतरा बना हुआ है। उन्होंने पुलिस से तत्काल सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
पुलिस का एक्शन: BNS 2023 की गंभीर धाराओं में FIR
घटना की संगीनता और एक महिला डॉक्टर पर हुए जानलेवा हमले को गंभीरता से लेते हुए थाना सिकंदरा पुलिस (Sikandra Police Station) ने तुरंत एक्शन लिया। 19 अप्रैल 2026 की रात 1:38 बजे इस मामले में आधिकारिक रूप से एफआईआर (FIR No. 0186/2026) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने डॉ. चारू सिंह की लिखित तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी डॉ. अविनाश सिंह, प्रो. वीके सिंह और उनके पुत्र अक्षय के खिलाफ नए आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS 2023) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन कर दिया है।
एफआईआर में दर्ज धाराओं के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों पर **BNS की धारा 115(2)** (जानबूझकर स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), **धारा 352** (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना/गाली-गलौज), और **धारा 351(2)** (आपराधिक धमकी देना / जान से मारने की धमकी) लगाई हैं। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक (Inspector) के सख्त निर्देश पर इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की निष्पक्ष जांच उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) अभिषेक कुमार को सौंप दी गई है। पुलिस अब अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता की बहन द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो को साक्ष्य (Evidence) के तौर पर कब्जे में ले रही है। आगरा के मेडिकल और शिक्षा जगत से जुड़े इन रसूखदार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश देने की तैयारी कर रही है। अब देखना यह है कि आगरा पुलिस इन सफेदपोश गुंडों को कब तक सलाखों के पीछे भेजती है, क्योंकि इस घटना ने शहर के डॉक्टरों और अस्पताल संचालकों में भारी रोष और भय का माहौल पैदा कर दिया है।
मेडिकल बिरादरी में भारी रोष, सुरक्षा की उठाई मांग
अस्ट्रा हॉस्पिटल में हुई इस खौफनाक वारदात के बाद आगरा की पूरी मेडिकल बिरादरी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की स्थानीय शाखा में भारी रोष फैल गया है। शहर के तमाम डॉक्टर्स और अस्पताल संचालकों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘अस्वीकार्य’ (Unacceptable) करार दिया है। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर रक्षक कहे जाने वाले डॉक्टर्स ही अपने अस्पतालों में सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता का इलाज कैसे संभव हो पाएगा।
स्थानीय स्वास्थ्य संगठनों ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि डॉ. चारू सिंह पर हमला करने वाले आरोपियों— डॉ. अविनाश सिंह, प्रो. वीके सिंह और अक्षय को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, अस्पतालों में डॉक्टर्स और स्टाफ की सुरक्षा के लिए ‘मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट’ (Medical Protection Act) को और अधिक सख्ती से लागू करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। अगर पुलिस इस मामले में कोई ढिलाई बरतती है, तो आने वाले दिनों में शहर के डॉक्टर्स बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भी कर सकते हैं। यह पूरा घटनाक्रम इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि समाज में रसूख और पैसे के नशे में चूर लोग किस तरह कानून को अपनी जेब में रखने की गलतफहमी पाल लेते हैं। अब पुलिस की त्वरित और निष्पक्ष जांच पर ही सबकी निगाहें टिकी हैं।
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Thakur Pawan Singh
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