पीएम मोदी ने तोड़ा सुरक्षा का भारी प्रोटोकॉल, झाड़ग्राम में अचानक काफिला रोककर चखा झालमुड़ी का स्वाद, तस्वीरें वायरल

National Desk, tajnews.in | Monday, April 20, 2026, 02:45:30 AM IST

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कोलकाता/झाड़ग्राम: देश की सियासत में चुनावी रैलियों का शोर, नेताओं के भारी-भरकम भाषण और सुरक्षा के कड़े इंतजाम एक आम बात है। लेकिन, इन सब के बीच जब कोई देश का सर्वोच्च नेता अपनी बुलेटप्रूफ गाड़ी से उतरकर सीधे आम जनता के बीच पहुंच जाए, तो वह पल न केवल खास बन जाता है बल्कि इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है। पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम (Jhargram) में रविवार को कुछ ऐसा ही अद्भुत और दिलचस्प नजारा देखने को मिला। अपनी एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करने के बाद लौट रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के कड़े सुरक्षा घेरे और भारी प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना अचानक अपना वीवीआईपी काफिला सड़क किनारे रुकवा दिया। प्रधानमंत्री का काफिला एक छोटी सी ‘झालमुड़ी’ (Jhalmuri) की दुकान के पास रुका था। बुलेटप्रूफ कार का दरवाजा खुला और खुद पीएम मोदी बाहर निकलकर सीधे उस आम दुकानदार के पास पहुंच गए। उन्होंने न सिर्फ वहां खड़े होकर बंगाल की इस मशहूर झालमुड़ी का लुत्फ उठाया, बल्कि पास खड़े छोटे-छोटे बच्चों को भी अपने हाथों से झालमुड़ी खिलाई। एक आम इंसान की तरह प्रधानमंत्री का यह सहज और मानवीय अंदाज देखकर वहां मौजूद हर कोई हैरान रह गया। अब इस अनोखे पल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहे हैं, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

HIGHLIGHTS
  1. झाड़ग्राम में पीएम मोदी का अनोखा अंदाज: चुनावी जनसभा से लौटते वक्त प्रधानमंत्री ने अचानक अपना काफिला सड़क किनारे रुकवा दिया।
  2. दुकानदार से कहा ‘बढ़िया झालमुड़ी बनाओ’: पीएम मोदी ने विक्रम साहू की दुकान पर जाकर खुद अपने लिए बंगाल की मशहूर झालमुड़ी बनवाई और स्वाद चखा।
  3. बच्चों को अपने हाथों से खिलाया: प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद छोटे बच्चों और महिलाओं से आत्मीय मुलाकात की और उन्हें झालमुड़ी भी खिलाई।
  4. गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे: पीएम को अपने बीच पाकर भीड़ बेकाबू हो गई और चारों तरफ नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के जोरदार नारे गूंजने लगे।

अचानक रुका काफिला और हैरान रह गए सुरक्षाकर्मी

प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था दुनिया की सबसे चाक-चौबंद और अभेद्य सुरक्षा प्रणालियों में से एक मानी जाती है। एसपीजी (SPG) कमांडो हमेशा प्रधानमंत्री को एक अदृश्य घेरे में रखते हैं और किसी भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के बिना काफिले का बीच सड़क पर रुकना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। लेकिन, रविवार की शाम पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में राज कॉलेज मोड़ (Raj College More) के पास यह सारा सुरक्षा तंत्र कुछ पल के लिए ठिठक गया।

रिपोर्ट के अनुसार, जनसभा खत्म करने के बाद नरेंद्र मोदी का काफिला हेलीपैड की ओर तेजी से बढ़ रहा था। तभी प्रधानमंत्री की नजर सड़क किनारे अपनी छोटी सी दुकान लगाए एक झालमुड़ी बेचने वाले पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपने ड्राइवर को गाड़ी रोकने का इशारा किया। अचानक ब्रेक लगने से पूरा काफिला रुक गया और सुरक्षाकर्मी तुरंत अलर्ट मोड में आ गए। इससे पहले कि स्थानीय पुलिस और कमांडो कुछ समझ पाते, प्रधानमंत्री अपनी कार से नीचे उतर आए। उन्हें पैदल चलते देख सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए, लेकिन पीएम मोदी के चेहरे पर एक शांत और बेहद सहज मुस्कान थी। वह तेज कदमों से चलते हुए सीधे उस झालमुड़ी वाले की दुकान (Jhalmuri Stall) के सामने जाकर खड़े हो गए। वहां मौजूद आम लोग अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि देश का सबसे शक्तिशाली नेता उनके बीच, उनकी सड़क पर ऐसे अचानक खड़ा है।

गया के विक्रम साहू के लिए किसी सपने से कम नहीं था यह पल

जिस झालमुड़ी वाले की दुकान पर प्रधानमंत्री रुके थे, उनका नाम विक्रम साहू (Vikram Sahu) है। विक्रम मूल रूप से बिहार के गया (Gaya, Bihar) जिले के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले 12 वर्षों से अपना घर-परिवार चलाने के लिए वह पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में ‘स्वपनलाल स्पेशल मुड़ी’ के नाम से अपनी यह छोटी सी दुकान सजा रहे हैं। विक्रम के लिए यह घटना किसी दैवीय चमत्कार या एक बहुत बड़े सपने के सच होने जैसी थी।

कांपते हाथों और खुशी से चमकती आंखों के साथ विक्रम साहू ने उस सुनहरे पल को बयां किया। उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री गाड़ी से उतरकर सीधे उनकी दुकान की तरफ आए, तो एक पल के लिए उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लेकिन नरेंद्र मोदी ने बेहद सहज और आत्मीय भाव से मुस्कुराते हुए उनसे कहा, “बढ़िया झालमुड़ी बनाओ।” यह सुनते ही विक्रम की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत अपनी दुकान का सबसे बेहतरीन सामान निकाला। बंगाल की इस पारंपरिक स्ट्रीट फूड डिश को तैयार करने के लिए विक्रम ने ताजी मुड़ी (मुरमुरे), प्याज, हरी मिर्च, खास मसाले, सरसों का तेल और खट्टा अचार मिलाकर एक बेहतरीन ‘स्पेशल झालमुड़ी’ तैयार की और कागज के एक ठोंगे में भरकर आदर के साथ प्रधानमंत्री के हाथों में सौंप दी। झालमुड़ी का पहला स्वाद चखते ही पीएम मोदी ने बड़ी गर्मजोशी से मुस्कुराते हुए कहा, “वाह, बढ़िया बना है।”

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बच्चों के साथ साझा किया स्वाद और गूंज उठे ‘जय श्री राम’ के नारे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां केवल अपना शौक पूरा करने या स्वाद चखने तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने इस मौके को वहां मौजूद आम जनता और विशेषकर बच्चों के साथ जुड़ने का एक बेहतरीन माध्यम बना लिया। दुकान के पास खड़े और हैरानी से पीएम को देख रहे कुछ छोटे बच्चों को उन्होंने प्यार से अपने पास बुलाया। पीएम मोदी ने अपने हाथों से उन मासूम बच्चों को भी झालमुड़ी खिलाई। इसके अलावा, उन्होंने भीड़ में मौजूद स्थानीय महिलाओं से भी बड़ी आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना।

अचानक देश के इतने बड़े और लोकप्रिय नेता को अपने बीच बिल्कुल एक आम इंसान की तरह खड़े देखकर झाड़ग्राम की जनता की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। भारी भीड़ पूरी तरह से बेकाबू होने लगी और लोग मोबाइल फोन निकालकर इस ऐतिहासिक पल की तस्वीरें और सेल्फी (Selfie) लेने की होड़ में लग गए। माहौल इतना भावुक और ऊर्जा से भर गया कि वहां मौजूद हजारों लोगों ने चारों तरफ से ‘जय श्री राम’ और ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ के जोरदार नारे लगाने शुरू कर दिए। पूरा राज कॉलेज मोड़ तालियों और नारों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नरेंद्र मोदी की यही खूबी उन्हें देश के अन्य राजनेताओं से बिल्कुल अलग और खास बनाती है। वे अच्छी तरह जानते हैं कि जनता के दिलों तक पहुंचने का रास्ता बड़ी रैलियों से नहीं, बल्कि ऐसे ही छोटे-छोटे मानवीय और आत्मीय पलों से होकर गुजरता है।

बंगाल की सियासत में ‘प्रधान सेवक’ का यह मास्टरस्ट्रोक

भले ही यह एक अचानक और बिना पूर्व नियोजित कार्यक्रम था, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों (West Bengal Elections) के बीच प्रधानमंत्री का एक बहुत बड़ा और प्रभावी ‘मास्टरस्ट्रोक’ मान रहे हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। ऐसे में, एक बिहारी मूल के प्रवासी दुकानदार से इस तरह आत्मीयता से मिलना और बंगाली संस्कृति के प्रतीक ‘झालमुड़ी’ का सरेआम सम्मान करना, एक बहुत गहरा राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश देता है।

इस एक तस्वीर ने विपक्ष के उन तमाम आरोपों को ध्वस्त करने का काम किया है जिसमें प्रधानमंत्री को केवल उद्योगपतियों का नेता बताया जाता है। यह पल साबित करता है कि नरेंद्र मोदी वास्तव में खुद को ‘प्रधान सेवक’ (Pradhan Sevak) मानते हैं, जिनकी पहुंच देश के सबसे गरीब और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक है। झालमुड़ी का पूरा आनंद लेने और लोगों का अभिवादन स्वीकार करने के बाद, पीएम मोदी का काफिला वापस हेलीपैड (चॉपर) की ओर रवाना हो गया। लेकिन, यह चंद मिनटों का वाकया पीछे एक ऐसा अद्भुत किस्सा छोड़ गया, जिसे झाड़ग्राम और पूरे बंगाल के लोग आने वाले कई दशकों तक याद रखेंगे। अब दुकानदार विक्रम साहू की वह छोटी सी ‘स्वपनलाल स्पेशल मुड़ी’ की दुकान इलाके का एक नया ‘टूरिस्ट स्पॉट’ और चर्चा का मुख्य केंद्र बन गई है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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