मिर्जापुर में दर्दनाक हादसा: बेकाबू कोयला लदे ट्रक ने बाइक सवार 3 मजदूरों को कुचला, मौके पर ही मौत, परिवारों में मचा कोहराम

Uttar Pradesh Desk, Taj News | Sunday, April 19, 2026, 12:20:25 AM IST

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Uttar Pradesh Desk | Ground Report

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक बेहद ही हृदयविदारक और दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। विकास की बड़ी-बड़ी इमारतों और पावर प्लांट को अपने पसीने से सींचने वाले तीन गरीब मजदूरों की जिंदगी एक झटके में सड़क पर खत्म हो गई। शनिवार की देर रात मड़िहान थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिर्जापुर-सोनभद्र मुख्य मार्ग पर मौत बनकर दौड़ रहे एक बेकाबू कोयला लदे ट्रक ने एक बाइक को बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण और भयावह सड़क हादसे में बाइक पर सवार तीनों मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ये तीनों मजदूर अपनी दिन भर की कड़ी हाड़-तोड़ मेहनत के बाद निर्माणाधीन पावर प्लांट से वापस अपने घर और परिवार के पास लौट रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर शिनाख्त की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जैसे ही इन तीन मौतों की मनहूस खबर उनके गांव रामपुर 33 पहुंची, तो वहां चीख-पुकार और मातम छा गया। इस घटना ने एक बार फिर मिर्जापुर और सोनभद्र मार्ग पर बेलगाम दौड़ते भारी वाहनों के आतंक और पुलिस प्रशासन की लचर ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

HIGHLIGHTS
  1. मिर्जापुर-सोनभद्र हाईवे पर मौत का तांडव: मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला गांव के पास बेकाबू ट्रक ने बाइक सवारों को बेरहमी से कुचला।
  2. तीनों मजदूरों की मौके पर दर्दनाक मौत: मरने वालों की पहचान विजय (40), देवेंद्र (38) और राजेश (41) के रूप में हुई, जो रामपुर 33 गांव के निवासी थे।
  3. पावर प्लांट से लौट रहे थे घर: तीनों मजदूर मड़िहान के ददरी स्थित निर्माणाधीन अदाणी मेगा पावर प्लांट में मजदूरी कर वापस लौट रहे थे।
  4. ट्रक चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी: हादसे के बाद कोयला लदे ट्रक का चालक भाग निकला, पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर परिजनों को सूचना दी।

देवरी कला धर्मकांटा के पास कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

यह भीषण सड़क हादसा शनिवार की देर रात उस समय हुआ जब मिर्जापुर-सोनभद्र मुख्य मार्ग पर सन्नाटा पसरने लगा था। पुलिस और चश्मदीदों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, मड़िहान थाना क्षेत्र के रामपुर 33 गांव के रहने वाले तीन ग्रामीण— विजय (उम्र 40 वर्ष), देवेंद्र (उम्र 38 वर्ष) और राजेश (उम्र 41 वर्ष) एक ही बाइक पर सवार होकर अपने घर की ओर जा रहे थे। ये तीनों मजदूर इलाके में स्थित ददरी के निर्माणाधीन अदाणी मेगा पावर प्लांट (Adani Mega Power Plant) में दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे। दिन भर की कठिन मेहनत के बाद उनके शरीर थके हुए थे और वे जल्द से जल्द अपने बच्चों के पास पहुंचना चाहते थे।

रात के अंधेरे में जब उनकी बाइक देवरी कला गांव के सामने स्थित एक धर्मकांटा के पास पहुंची, तभी सामने से यानी सोनभद्र की दिशा से एक विशालकाय और भारी-भरकम ट्रक तेज रफ्तार में आ रहा था। यह ट्रक पूरी तरह से कोयले से लदा हुआ था और उसकी गति अनियंत्रित थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक और जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों मजदूर छिटक कर सड़क पर जा गिरे। इसके बाद बेकाबू ट्रक के भारी पहियों ने उन्हें बेरहमी से कुचल दिया। खून से लथपथ तीनों मजदूरों ने सड़क पर तड़पते हुए मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे।

ड्राइवर की फरारी और पुलिस का रात्रिकालीन एक्शन

सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने भयानक चीख-पुकार सुनी और खून से सनी सड़क को देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम को दी। घटना की जानकारी मिलते ही मड़िहान थाना अध्यक्ष (SHO) बालमुकुंद मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने सबसे पहले हाईवे पर दौड़ रहे अन्य वाहनों को रुकवाया ताकि शवों को और अधिक नुकसान न पहुंचे।

पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। दुर्घटना को अंजाम देने वाला ट्रक चालक, जैसा कि अक्सर ऐसे मामलों में होता है, भीड़ के डर और पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो चुका था। हालांकि, हत्यारा ट्रक वहीं खड़ा था। मड़िहान पुलिस ने तुरंत उस कोयला लदे ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे थाने भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों ने मृतकों के पास से मिले पहचान पत्रों, मोबाइल फोन और गाड़ी के नंबर के आधार पर उनकी शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पंचनामा (Inquest Report) भरा और तीनों शवों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस (Postmortem House) भिजवा दिया। थाना अध्यक्ष बालमुकुंद मिश्रा ने बताया कि फरार ट्रक चालक की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं और ट्रक के नंबर के आधार पर उसके मालिक से संपर्क किया जा रहा है।

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रामपुर 33 गांव में पसरा मातम, अनाथ हुए बच्चे

पुलिस की जांच और कागजी कार्रवाई से इतर, इस हादसे ने तीन गरीब परिवारों को हमेशा के लिए बर्बाद कर दिया है। जब पुलिस ने देर रात मृतकों के मोबाइल से रामपुर 33 गांव में उनके परिजनों को इस मनहूस घटना की सूचना दी, तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। आधी रात को जिन घरों में लोग चैन की नींद सो रहे थे, वहां अचानक महिलाओं की दिल दहला देने वाली चीखें गूंजने लगीं। ग्रामीण तुरंत बदहवास हालत में घटनास्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।

मृतक विजय (40), देवेंद्र (38) और राजेश (41) अपने-अपने घरों के एकमात्र कमाने वाले सदस्य (Breadwinners) थे। उनकी दिहाड़ी मजदूरी से ही उनके परिवारों के चूल्हे जलते थे और बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकलता था। आज इस बेलगाम ट्रक ने न केवल तीन जानें ली हैं, बल्कि उनके पीछे छूट गई बेवा पत्नियों और अनाथ बच्चों का भविष्य भी हमेशा के लिए अंधकार में धकेल दिया है। अस्पताल परिसर में रोते-बिलखते परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद हर इंसान की आंखें नम हो गईं। गांव वालों का कहना है कि सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा (Financial Compensation) देना चाहिए, ताकि इन गरीब परिवारों को भुखमरी का सामना न करना पड़े।

सोनभद्र-मिर्जापुर हाईवे पर बेलगाम भारी वाहनों का खूनी आतंक

यह कोई पहली बार नहीं है जब मिर्जापुर-सोनभद्र हाईवे पर इस तरह का दर्दनाक हादसा हुआ है। यह पूरा रूट कोयले, पत्थर और अन्य खनिजों की ढुलाई करने वाले ओवरलोडेड ट्रकों (Overloaded Trucks) और डंपरों का मुख्य मार्ग है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से यह शिकायत रही है कि इस मार्ग पर रात के समय भारी वाहन बिल्कुल बेकाबू और बेलगाम होकर दौड़ते हैं। ज्यादातर ट्रक चालक नींद से बचने के लिए नशे का सेवन करते हैं या एक दिन में ज्यादा से ज्यादा चक्कर लगाने के लालच में स्पीड लिमिट की धज्जियां उड़ाते हैं।

रात के समय इस हाईवे पर पुलिस गश्त (Police Patrolling) और ट्रैफिक पुलिस की निगरानी न के बराबर होती है, जिसका सीधा फायदा ये रसूखदार ट्रांसपोर्टर्स और उनके बेलगाम ड्राइवर उठाते हैं। इस मार्ग पर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों की जान हमेशा भगवान भरोसे ही रहती है। क्षेत्रीय जनता ने कई बार प्रशासन से इस खूनी हाईवे पर ट्रकों की गति सीमा तय करने, स्पीड रडार लगाने और रात के समय सघन गश्त बढ़ाने की मांग की है, लेकिन हर बार इन मांगों को फाइलों में दबा दिया जाता है। आज इन तीन बेगुनाह मजदूरों की मौत ने एक बार फिर सिस्टम की विफलता की पोल खोल दी है। अब देखना यह है कि क्या मिर्जापुर का जिला और पुलिस प्रशासन इस भयानक हादसे से कोई सबक लेता है, या फिर यह घटना भी महज एक एफआईआर (FIR) बनकर पुलिस रिकॉर्ड में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगी।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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