National Desk, tajnews.in | Wednesday, April 15, 2026, 05:15:30 PM IST

सक्ती (छत्तीसगढ़): औद्योगिक सुरक्षा और कामगारों की जान को लेकर एक बार फिर बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य के सक्ती जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां स्थित प्रतिष्ठित वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) के पावर प्लांट में एक बहुत भयंकर औद्योगिक हादसा हो गया है। मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे प्लांट की एक अहम पाइपलाइन अचानक भारी धमाके के साथ फट गई। इसके परिणामस्वरूप, पाइप से ‘सुपरहीटेड स्टीम’ (अत्यधिक खौलती हुई भाप) का एक भयानक गुबार सीधे बाहर निकल आया। गौरतलब है कि, यह दर्दनाक हादसा ठीक लंच ब्रेक के दौरान हुआ, जब वहां कई मजदूर भोजन करने के लिए मौजूद थे। इस खौफनाक हादसे में अब तक 19 बेगुनाह मजदूरों की बुरी तरह से तड़पकर मौत हो चुकी है। इसके अलावा, 17 अन्य मजदूर बहुत ज्यादा झुलस गए हैं और गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का कई बड़े अस्पतालों में आपातकालीन इलाज चल रहा है। प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच तुरंत शुरू कर दी है।
लंच ब्रेक के दौरान मौत बनकर आई ‘सुपरहीटेड स्टीम’
दरअसल, सक्ती जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड का यह विशाल पावर प्लांट क्षेत्र के सबसे बड़े उद्योगों में गिना जाता है। मंगलवार को भी यहां हमेशा की तरह रोजमर्रा का काम पूरी गति से चल रहा था। दोपहर करीब 2:30 बजे सभी मजदूर अपना भारी काम रोककर लंच ब्रेक के लिए एक जगह इकट्ठा हुए थे। वे सभी आराम से बैठकर अपना खाना खा रहे थे। तभी अचानक प्लांट के बॉयलर सेक्शन (Boiler Section) की एक मुख्य पाइपलाइन बहुत तेज धमाके के साथ फट गई।
चूंकि, इस पाइपलाइन के अंदर अत्यधिक दबाव वाली ‘सुपरहीटेड स्टीम’ (Superheated Steam) बहुत तेजी से बह रही थी। इसलिए, पाइप फटते ही खौलती हुई भाप का एक विशाल गुबार सीधे नीचे बैठे मजदूरों के ऊपर आ गिरा। भाप का तापमान इतना ज्यादा भयानक था कि लोगों को वहां से भागने का जरा सा भी मौका नहीं मिल सका। इसके परिणामस्वरूप, कई मजदूर मौके पर ही बहुत बुरी तरह से झुलस गए। वहां चारों तरफ चीख-पुकार और भारी अफरातफरी का माहौल बन गया।
19 घरों के बुझे चिराग, 17 घायलों की हालत बेहद नाजुक
इस भयंकर और दर्दनाक हादसे ने पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को बुरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती पुलिस रिपोर्ट्स में मौतों का आंकड़ा कम बताया जा रहा था। हालांकि, बुधवार सुबह तक यह खौफनाक आंकड़ा बढ़कर 19 तक पहुंच गया। मरने वालों में ज्यादातर वे गरीब और बेबस मजदूर हैं, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए दूर-दराज के गांवों से वहां आए थे। इन 19 गरीब घरों के चिराग आज हमेशा के लिए बुझ गए हैं। घटना की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बहुत बुरा हाल हो गया है।
इसके अलावा, इस भयावह हादसे में 17 अन्य लोग बहुत गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और एंबुलेंस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। रेस्क्यू टीमों ने झुलसे हुए सभी मजदूरों को तुरंत पास के बड़े और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में भर्ती कराया है। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि कुछ घायलों की हालत अभी भी बेहद नाजुक और चिंताजनक बनी हुई है। इसलिए, मौतों का यह आंकड़ा भविष्य में और भी ज्यादा बढ़ सकता है।
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वेदांता कंपनी का कड़ा एक्शन और उच्च स्तरीय जांच के आदेश
इस बड़े औद्योगिक हादसे के बाद राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं। स्थानीय पुलिस ने पूरे पावर प्लांट परिसर को तुरंत सील कर दिया है। इसके साथ ही, दुर्घटना स्थल पर भारी पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से तैनात कर दिया गया है। वेदांता लिमिटेड प्रबंधन ने भी इस घटना पर अपना गहरा दुख और भारी शोक व्यक्त किया है। कंपनी ने घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय आंतरिक जांच समिति (High Level Committee) का तत्काल गठन कर दिया है।
यह जांच टीम अब यह पता लगाएगी कि आखिर यह नई पाइपलाइन किन कारणों से फटी। क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की कोई बड़ी अनदेखी की जा रही थी? क्या बॉयलर का मेंटेनेंस सही समय पर नहीं हुआ था? प्रशासन ने भी श्रम विभाग और फैक्ट्री इंस्पेक्टर को इस पूरे मामले की बहुत बारीकी से जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। निश्चित रूप से, अगर इस मामले में कंपनी प्रबंधन की कोई भी जानलेवा लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का सख्त रुख और मुआवजे का ऐलान
छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री ने भी इस भयावह हादसे पर अपना गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सभी मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से उचित आर्थिक मुआवजा (Financial Compensation) देने का कड़ा ऐलान किया है। इसके अलावा, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को यह सीधे निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का सबसे बेहतरीन और पूर्ण रूप से मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए। सरकार का मुख्य फोकस अभी घायलों की जान बचाने पर टिका हुआ है।
प्रशासन अब यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भविष्य में राज्य के किसी भी अन्य उद्योग में ऐसी कोई जानलेवा लापरवाही बिल्कुल न हो। इस घटना के बाद पूरे राज्य के सभी प्रमुख पावर प्लांट्स और फैक्ट्रियों में बॉयलर की सुरक्षा जांच (Safety Audit) के कड़े आदेश जारी कर दिए गए हैं। अंततः, वेदांता पावर प्लांट का यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। उन 19 मजदूरों की जान की कीमत अब कोई भी मुआवजा कभी नहीं चुका सकता है। पूरे इलाके में इस समय मातम और भारी आक्रोश का माहौल है।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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