‘स्वराग्नि’ में गूंजे राष्ट्र और सामाजिक चेतना के स्वर, कवियों की रचनाओं पर तालियों से गूंजा सभागार

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धरा चेतना फाउंडेशन के अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने गीत, हास्य, वीर रस और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं से बांधा समां

Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Wednesday, 12 August, 2026, 7:06:00 PM IST.

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tajnews.in | आगरा: धरा चेतना फाउंडेशन की ओर से शनिवार को धरा चेतना सांस्कृतिक सभागार, अनुपम बाग, दयालबाग में ‘स्वराग्नि’ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। साहित्य और संस्कृति को समर्पित इस आयोजन में देश के विभिन्न स्थानों से आए कवियों ने गीत, हास्य, वीर रस और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कवियों की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

HIGHLIGHTS
  1. धरा चेतना फाउंडेशन ने दयालबाग में आयोजित किया ‘स्वराग्नि’ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन।
  2. मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल व विशिष्ट अतिथि सतीश चौहान ने किया शुभारंभ।
  3. कवि विनोद पाण्डेय, डॉ. शैलेश गौतम, रमेश मुस्कान व ईशान देव की रचनाओं ने बांधा समां।
  4. साहित्य के जरिए सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का दिया गया संदेश।

सामाजिक सरोकारों को स्वर देती रचना

दिल्ली के प्रख्यात कवि विनोद पाण्डेय ने अपनी रचना में सामाजिक सरोकारों को स्वर देते हुए कहा—

“जी रहे हैं लोग जब केवल निवालों के लिए,
चंद ही हैं जो खड़े हैं तब सवालों के लिए,
कर दिया जाया अगर चिंगारियां को आज तो,
तीलियां भी ना बचेंगी कल मशालों के लिए।”
धरा चेतना फाउंडेशन के 'स्वराग्नि' कवि सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ करते अतिथि

प्रेम और पारिवारिक मूल्यों पर कविता

प्रयागराज के कवि डॉ. शैलेश गौतम ने प्रेम की भावनाओं को अपनी कविता में अभिव्यक्त करते हुए कहा—

“ना तो सौदा है ना वचन बाबू,
मन से मन का है बस मिलन बाबू,
कुछ भी पाने की आस मत रखना,
इश्क़ खेती है ना खनन बाबू।”

उन्होंने अपनी दूसरी रचना में पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों की आवश्यकता पर कहा—

“पुरखों ने जो निभाई हमें चाहिए,
त्याग की वो कमाई हमें चाहिए,
राम, घर-घर में हों प्रार्थना है मगर,
एक भरत जैसा भाई हमें चाहिए।”
स्वराग्नि कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करते प्रख्यात कवि

जीवन और राष्ट्रप्रेम के रंग

आगरा के वरिष्ठ कवि रमेश मुस्कान ने जीवन के सकारात्मक पक्ष को अपनी पंक्तियों में रखा—

“कर पाओ तो यूँ करो जीवन का सम्मान,
आंखों में सपने रखो अधरों पर मुस्कान।”

वहीं आगरा के युवा कवि ईशान देव ने राष्ट्र और हिंदी के प्रति अपनी भावनाओं को स्वर देते हुए कहा—

“हाँ भले हमारे कदमों में ही ये संपूर्ण जहान रहे,
लेकिन मन मंदिर में केवल हिंदी हिन्दुस्तान रहे।”
'स्वराग्नि' कवि सम्मेलन में कवियों का सम्मान करते मुख्य अतिथि एवं संस्था के पदाधिकारी

विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने किया। विशिष्ट अतिथि स्वामी बाग नगर पंचायत के चेयरमैन सतीश चौहान रहे। इस अवसर पर शिक्षाविद रोहित दीक्षित, पार्षद अशोक जैसवानी, पार्षद भरत शर्मा, डॉ. अरुण उपाध्याय और सुलेखा अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत में धरा चेतना फाउंडेशन की दीपाली सिंह ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि फाउंडेशन साहित्य, कला, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उन्होंने बताया कि ‘स्वराग्नि’ इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य साहित्य के माध्यम से सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है।

धरा चेतना सांस्कृतिक सभागार दयालबाग में उपस्थित प्रबुद्ध श्रोतागण

साहित्य को बताया सामाजिक चेतना का माध्यम

आयोजन में वक्ताओं ने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है और संस्कृति उसकी पहचान। साहित्यिक आयोजन समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

कार्यक्रम के आयोजन में संरक्षक शेखर दीक्षित, संयोजक अक्षय प्रताप सिंह और समन्वयक गति सिंह सहित धरा चेतना फाउंडेशन की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंच संचालन श्रुति सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में डॉ. रंजना बंसल, सुरेश चंद गर्ग और नरेश जैन का विशेष सहयोग रहा।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

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