कच्चा मकान बना काल, एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत; चौथी बेटी की हालत नाजुक

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कानपुर के हिरनी गांव में दो मंजिला कच्चा मकान भरभराकर ढहा; मलबे में दबे पिता और तीन बेटियों ने तोड़ा दम, डेढ़ घंटे बाद निकाली गई चौथी बेटी

कानपुर डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 6 सितंबर 2026, 03:12:35 PM IST

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कानपुर डेस्क

tajnews.in | कानपुर। घाटमपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार सुबह दो मंजिला कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय मकान में गृहस्वामी मुकेश सिंह अपनी चार बेटियों के साथ मौजूद थे। मकान गिरते ही पांचों लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मुकेश सिंह और उनकी तीन बेटियों माया, पल्लवी व नीतू को बाहर निकालकर सीएचसी पतारा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। चौथी बेटी काजल उर्फ लक्ष्मी करीब डेढ़ घंटे तक मलबे में दबी रही। उसे गंभीर हालत में निकालकर कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया।

HIGHLIGHTS
  • घाटमपुर के हिरनी गांव में दो मंजिला कच्चा मकान ढहने से भीषण हादसा।
  • मलबे में दबकर पिता मुकेश सिंह और तीन बेटियों माया, पल्लवी व नीतू की मौत।
  • डेढ़ घंटे तक मलबे में फंसी रही चौथी बेटी काजल, हैलट अस्पताल रेफर।
  • ग्रामीणों ने खुद मलबा हटाकर संभाला मोर्चा, गांव में पसरा मातम।

मकान गिरते ही मची चीख-पुकार

हादसा रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे हुआ। अचानक दो मंजिला कच्चा मकान ढहने से आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और पुलिस-प्रशासन के पहुंचने से पहले ही अपने स्तर पर मलबा हटाने में जुट गए।

मलबे के नीचे पांच लोगों के दबे होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने हाथों और उपलब्ध संसाधनों से बचाव शुरू किया। पुलिस को 112 नंबर पर सूचना दी गई। बचाव अभियान के दौरान मलबे से एक-एक कर परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला गया।

पिता और तीन बेटियों की मौत

ग्रामीणों और पुलिस की मदद से मुकेश सिंह तथा उनकी बेटियों माया, पल्लवी और नीतू को बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल सीएचसी पतारा ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।

एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की खबर मिलते ही हिरनी गांव में मातम पसर गया। हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। घटनास्थल और पीड़ित परिवार के घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

डेढ़ घंटे तक मलबे में दबी रही काजल

मुकेश सिंह की चौथी बेटी काजल उर्फ लक्ष्मी मलबे में काफी गहराई में दब गई थी। ग्रामीणों को उसके जिंदा होने की उम्मीद थी, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी रखा गया। मलबा सावधानी से हटाने के बाद करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत में उसे बाहर निकाला जा सका।

काजल की हालत गंभीर थी। उसे पहले पतारा अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार और ग्रामीण अब उसकी सलामती की उम्मीद लगाए हुए हैं।

ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा

मकान गिरने के तुरंत बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोग मलबा हटाने और अंदर दबे लोगों को तलाशने में जुटे रहे।

ग्रामीणों का आरोप है कि 112 नंबर पर सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि पुलिस के पहुंचने तक शुरुआती बचाव कार्य ग्रामीणों ने ही संभाला। हालांकि पुलिस की ओर से इस देरी के आरोप पर कोई विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कच्चे मकान में परिवार की सुरक्षा पर सवाल

हिरनी गांव की घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और कमजोर मकानों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो मंजिला कच्चा मकान अचानक ढहने से एक ही परिवार के पिता और तीन बेटियों की जान चली गई, जबकि चौथी बेटी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।

अब जांच का विषय यह भी होगा कि मकान के ढहने की वजह क्या थी और क्या भवन की स्थिति को लेकर पहले से कोई खतरा मौजूद था। प्रशासनिक जांच में यदि निर्माण की स्थिति, जर्जरता या किसी अन्य कारण की जानकारी सामने आती है तो उससे हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

एक मलबे ने परिवार की दुनिया उजाड़ दी

कुछ ही पलों में एक परिवार की पूरी दुनिया बदल गई। जिस मकान में पिता अपनी चार बेटियों के साथ रह रहे थे, वही मकान उनके लिए मौत का मलबा बन गया। पिता और तीन बेटियों की मौत के बाद अब परिवार की उम्मीद चौथी बेटी काजल पर टिकी है, जो गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रही है।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

Pawan Kumar Singh

Chief Editor, Taj News


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