जयपुरिया सनराइज ग्रीन में 11,656 वर्गमीटर जमीन का मामला; डीएम कोर्ट ने 57.27 लाख की स्टांप कमी और 14.32 लाख जुर्माना लगाया, रकम जमा नहीं की तो संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 6 सितंबर 2026, 09:26:15 AM IST

tajnews.in | आगरा। 13.98 करोड़ रुपये मूल्यांकित जमीन के स्टांप शुल्क विवाद में जिलाधिकारी मनीष बंसल की कोर्ट ने बुलंद हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड पर 71.59 लाख रुपये की देनदारी तय की है। कंपनी के निदेशक फुंदी लाल शर्मा (पीएल शर्मा), जो PL Palace Hotel के लिए जाने जाते हैं, के नाम से जुड़े इस मामले में डीएम कोर्ट ने 57.27 लाख रुपये की स्टांप शुल्क कमी और 14.32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा मार्च 2021 से पूरी धनराशि जमा होने तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज भी देना होगा।
डीएम कोर्ट के आदेश में रकम जमा नहीं करने की स्थिति में संपत्ति की कुर्की कर वसूली की कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है। यानी निर्धारित देनदारी जमा नहीं हुई तो प्रशासन कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ा सकता है।
मामला बरौली अहीर स्थित जयपुरिया सनराइज ग्रीन कॉलोनी में 11,656.38 वर्गमीटर जमीन की खरीद से जुड़ा है। विवाद जमीन पर लागू सर्किल रेट और उसके आधार पर बनने वाले स्टांप शुल्क को लेकर हुआ।
13.98 करोड़ की जमीन, जमा हुई 40.63 लाख की फीस
वर्ष 2021 में विक्रेता मुजाहिद अनीस आदि ने बुलंद हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक फुंदी लाल शर्मा (पीएल शर्मा) के नाम 11,656.38 वर्गमीटर जमीन का बैनामा संख्या 2995/2021 निष्पादित किया था।
बाद में स्टांप शुल्क को लेकर शिकायत हुई। इसके बाद अपर नगर मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) और अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) की संयुक्त जांच कराई गई। जांच में जमीन जयपुरिया सनराइज ग्रीन कॉलोनी के भीतर 18 मीटर चौड़े दोहरे रास्ते पर स्थित बताई गई।
प्रशासन के अनुसार, संबंधित जमीन पर 12 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर का सर्किल रेट लागू था। इस आधार पर 11,656.38 वर्गमीटर जमीन का मूल्य करीब 13.98 करोड़ रुपये आंका गया। वहीं खरीदार पक्ष की ओर से 40,63,500 रुपये की सरकारी फीस जमा की गई थी।
कंपनी ने कहा- जमीन कॉलोनी में नहीं, मौजा बरौली अहीर में है
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान बुलंद हाउसिंग की ओर से अपना पक्ष रखा गया। कंपनी ने दावा किया कि खरीदी गई जमीन जयपुरिया सनराइज ग्रीन का हिस्सा नहीं है, बल्कि मौजा बरौली अहीर की सामान्य भूमि है। इसके समर्थन में आगरा विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नक्शे का हवाला देते हुए नोटिस निरस्त करने की मांग की गई।
मामले में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) से दोबारा मौके की जांच कराई। मई 2026 में आई अंतिम जांच रिपोर्ट में संबंधित जमीन को जयपुरिया सनराइज ग्रीन के भीतर ही पाया गया।
12 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के सर्किल रेट पर बना 97.91 लाख का स्टांप शुल्क
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जमीन के लिए 12 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर का सर्किल रेट लागू माना गया। इससे 11,656.38 वर्गमीटर जमीन का मूल्यांकन करीब 13.98 करोड़ रुपये हुआ।
7 प्रतिशत की दर से इस जमीन पर करीब 97.91 लाख रुपये स्टांप शुल्क बनता था। प्रशासन ने इसी आधार पर जमा की गई राशि और देय स्टांप शुल्क के बीच कमी का निर्धारण किया।
57.27 लाख की स्टांप कमी और 14.32 लाख जुर्माना
डीएम कोर्ट ने भारतीय स्टांप कानून के तहत कार्रवाई करते हुए 57.27 लाख रुपये की स्टांप शुल्क कमी निर्धारित की। इसके साथ ही बुलंद हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड पर 14.32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
दोनों रकम को मिलाकर कंपनी पर तत्काल 71.59 लाख रुपये की देनदारी तय हुई है। इसके अलावा मार्च 2021 से पूरी धनराशि जमा होने तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज भी देना होगा। ब्याज जुड़ने के कारण वास्तविक भुगतान राशि 71.59 लाख रुपये से अधिक हो सकती है।
रकम जमा नहीं की तो संपत्ति कुर्क होगी
डीएम कोर्ट के आदेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वसूली से जुड़ा है। निर्धारित धनराशि जमा नहीं करने पर संबंधित संपत्ति की कुर्की का नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
यानी आदेश के अनुसार, कंपनी ने देनदारी का भुगतान नहीं किया तो प्रशासन संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। मामले में भारतीय स्टांप अधिनियम की धारा 47ए(3) के तहत कार्रवाई की गई है।
जमीन की स्थिति बनी विवाद का केंद्र
इस मामले में स्टांप शुल्क की गणना का आधार जमीन की स्थिति बनी। कंपनी ने जमीन को जयपुरिया सनराइज ग्रीन से बाहर बताते हुए मौजा बरौली अहीर की सामान्य भूमि बताया, जबकि प्रशासन की दोबारा कराई गई जांच में इसे जयपुरिया सनराइज ग्रीन के भीतर पाया गया।
इसके बाद जमीन पर लागू सर्किल रेट के आधार पर उसका मूल्यांकन किया गया और स्टांप शुल्क की कमी निर्धारित की गई।
अब नजर भुगतान और आगे की कार्रवाई पर
डीएम कोर्ट के आदेश के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि बुलंद हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड निर्धारित देनदारी जमा करती है या नहीं। यदि रकम जमा नहीं होती है तो आदेश के मुताबिक कुर्की के जरिए वसूली की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
यह मामला जमीन की खरीद-बिक्री में भूमि की वास्तविक स्थिति, सर्किल रेट और स्टांप शुल्क के सही निर्धारण के महत्व को भी सामने लाता है। 13.98 करोड़ रुपये मूल्यांकित जमीन के इस सौदे में 71.59 लाख रुपये की देनदारी और भुगतान न होने की स्थिति में कुर्की का आदेश अब मामले का सबसे अहम पहलू बन गया है।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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