केदार नगर में रात के अंधेरे और जलभराव के बीच हादसा; लोगों ने नाले से निकालकर घर पहुंचाया, अस्पताल ले जाते समय ओम प्रकाश ने दम तोड़ा
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 6 सितंबर 2026, 01:25:24 AM IST

tajnews.in | आगरा। भारी बारिश के बाद शाहगंज के केदार नगर में सड़क किनारे खुला नाला एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गया। शुक्रवार रात करीब 11:15 बजे राजकमल इंटर कॉलेज के पास साइकिल से जा रहे ओम प्रकाश जलभराव के कारण सड़क और नाले का अंतर नहीं देख सके। साइकिल समेत खुले नाले में गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर घर पहुंचाया, लेकिन हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने किसी के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई और अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि, घटना ने बारिश के दौरान खुले नालों और जलभराव वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जलभराव में नहीं दिखा नाला
शुक्रवार रात तेज बारिश के बाद केदार नगर की सड़क पर काफी पानी भर गया था। राजकमल इंटर कॉलेज के पास सड़क और खुले नाले के बीच का अंतर पानी में दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान ओम प्रकाश साइकिल से वहां से गुजर रहे थे। अचानक संतुलन बिगड़ा और वह साइकिल समेत नाले में जा गिरे।
रात का अंधेरा और बारिश तेज होने के कारण हादसे का तत्काल पता नहीं चल सका। आसपास के लोगों को जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंचे और उन्हें नाले से बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी कोशिश के बाद ओम प्रकाश को बाहर निकाला जा सका।
घर पहुंचने के बाद बिगड़ी हालत
स्थानीय लोगों की मदद से ओम प्रकाश को घर पहुंचाया गया। परिजनों ने उनकी हालत देख उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
बेटे ने कहा- ‘सिस्टम से कैसे लड़ते?’
हादसे के बाद ओम प्रकाश के बेटे ने व्यवस्था को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की। परिवार ने किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई। बेटे के अनुसार, अपने परिजन को खोने के बाद वह खुद को ऐसी स्थिति में नहीं पा रहे थे कि व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ सकें। उन्होंने कहा, ‘सिस्टम से कैसे लड़ते?’
परिवार की ओर से शिकायत नहीं किए जाने के बावजूद हादसे ने खुले नाले और जलभराव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश में सड़क और नाले का फर्क मिटा तो सुरक्षा कहां?
केदार नगर की घटना बताती है कि जलभराव वाले इलाकों में खुले नाले कितने खतरनाक हो सकते हैं। दिन में दिखाई देने वाला नाला रात में बारिश और पानी भरने के बाद राहगीरों के लिए लगभग अदृश्य हो जाता है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और दोपहिया या साइकिल सवारों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।
राजकमल इंटर कॉलेज के पास खुले नाले के आसपास बैरिकेडिंग की व्यवस्था थी या नहीं, पर्याप्त रोशनी थी या नहीं और जलभराव की स्थिति में राहगीरों की सुरक्षा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी या नहीं, इन सवालों का जवाब जरूरी है।
सिर्फ सफाई नहीं, खुले नालों की सुरक्षा भी जरूरी
बारिश के मौसम में जलनिकासी और नालों की सफाई पर जोर दिया जाता है, लेकिन खुले नालों को सुरक्षित करना भी उतना ही जरूरी है। जिन स्थानों पर सड़क और नाले का स्तर आसपास हो, वहां बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और पर्याप्त रोशनी जैसे सुरक्षा इंतजाम खास तौर पर जरूरी हो जाते हैं।
केदार नगर का हादसा इसी खतरे की गंभीरता सामने लाता है। एक बुजुर्ग साइकिल समेत खुले नाले में गिरा और उसकी जान चली गई। ऐसे में शहर के दूसरे खुले नालों और जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों की भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।
एक मौत, कई सवाल
ओम प्रकाश की मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है, लेकिन यह हादसा नगर निगम और संबंधित विभागों के सामने भी सवाल छोड़ गया है। क्या शहर के सभी खुले नाले चिन्हित हैं? क्या बारिश के दौरान ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाती है? क्या रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था है? और सबसे अहम, क्या बारिश से पहले ही उन स्थानों को सुरक्षित किया जाता है जहां खुले नाले लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं?
केदार नगर की यह घटना याद दिलाती है कि बारिश में खतरा सिर्फ जलभराव नहीं है। पानी के नीचे छिपा खुला नाला किसी भी राहगीर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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