ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक पहुंची खाली स्लीपर बस, छात्रा को कश्मीरी गेट के पास उतारने का आरोप; बस जब्त कर फोरेंसिक जांच शुरू
क्राइम डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 1 सितंबर 2026, 06:44:18 AM IST

tajnews.in | नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा जाने के लिए एक खाली स्लीपर बस में सवार हुई 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि बस के चालक और कंडक्टर ने चलती बस में वारदात को अंजाम दिया और इसके बाद छात्रा को करीब 47 किलोमीटर दूर दिल्ली के कश्मीरी गेट क्षेत्र में सड़क किनारे उतारकर फरार हो गए। दिल्ली पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बस को जब्त कर लिया है और फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता मूल रूप से मैनपुरी की रहने वाली है और 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह परिवार से नाराज होकर घर से निकली थी और नोएडा सेक्टर-63 स्थित अपने एक रिश्तेदार के पास जाने की योजना बना रही थी।
परी चौक से खाली बस में सवार हुई छात्रा
पुलिस के मुताबिक, छात्रा परी चौक पहुंची तो बारिश और अंधेरे के बीच उसे नोएडा जाने के लिए कोई उपयुक्त साधन नहीं मिला। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस کو उसने रुकने का इशारा किया।
आरोप है कि बस के कंडक्टर ने उसे बताया कि वाहन सेक्टर-63 की दिशा में जा रहा है। इसके बाद छात्रा बस में सवार हो गई। पीड़िता के बयान के अनुसार, कुछ देर बाद बस के भीतर उसके साथ कथित तौर पर अश्लील हरकतें शुरू की गईं और बाद में चालक तथा कंडक्टर पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म کرنے का आरोप है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
करीब 47 किलोमीटर दूर दिल्ली में उतारने का आरोप
आरोप के अनुसार, बस परी चौक से दिल्ली की ओर बढ़ती रही और करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय کرنے کے बाद छात्रा को कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र کے पास रिंग रोड किनारे उतार दिया गया।
छात्रा किसी तरह कश्मीरी गेट थाने पहुंची और पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की और छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया।
क्षेत्राधिकार के विवाद में नहीं उलझी दिल्ली पुलिस
उत्तरी जिला पुलिस के अनुसार, छात्रा के बयान और शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू کی गई। कथित घटना के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े होने के बावजूद पुलिस ने क्षेत्राधिकार के सवाल में प्रक्रिया को बाधित नहीं होने दिया।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से बस की पहचान کی गई। इसके बाद पुलिस ने बस को बरामद कर लिया और चालक कुलदीप तथा कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी कानपुर देहात के रहने वाले बताए गए हैं।
मरम्मत के बाद दिल्ली ले जाई जा रही थी खाली बस
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बस तकनीकी खराबी के कारण ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित एक वर्कशॉप में मरम्मत के लिए गई थी। मरम्मत के बाद चालक और कंडक्टर बस को खाली हालत में उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर क्षेत्र स्थित पार्किंग की ओर ले जा रहे थे।
इसी दौरान परी चौक पर छात्रा बस में सवार हुई। बस कंपनी की ओर से कहा गया है कि दोनों आरोपी दो वर्ष से अधिक समय से उसके यहां कार्यरत थे। कंपनी ने यह भी दावा किया कि बस मरम्मत के बाद दिल्ली ले जाई जा रही थी और वह पुलिस जांच में सहयोग कर रही है।
बंद सीसीटीवी और पर्दों ने बढ़ाए सुरक्षा संबंधी सवाल
मामले की जांच में बस के भीतर لگے सीसीटीवी कैमरों के काम नहीं करने की बात भी सामने आई है। कंपनी के अनुसार, बस की मरम्मत के दौरान कैमरे काम नहीं कर रहे थे।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस में सुरक्षा और निगरानी से जुड़े उपकरणों की वास्तविक स्थिति क्या थी और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। बस के भीतर से फोरेंसिक और अपराध जांच टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।
बस में लगे गहरे रंग के पर्दों को लेकर भी जांच की जा रही है, क्योंकि इनसे बाहर से वाहन के भीतर की गतिविधियां देखना कठिन हो सकता है।
सबसे बड़ा सवाल—47 किलोमीटर तक प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हुई?
इस मामले का सबसे गंभीर पक्ष यह है कि कथित वारदात के दौरान बस ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक लंबी दूरी तय کرتی रही। वाहन कई प्रमुख मार्गों और निगरानी वाले क्षेत्रों से गुजरा, लेकिन कथित तौर पर बस के भीतर की असामान्य परिस्थितियों की जानकारी किसी स्तर पर सामने नहीं आई।
घटना ने निजी बसों और अन्य यात्री वाहनों में सुरक्षा मानकों के वास्तविक अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेष रूप से सीसीटीवी, जीपीएस, वाहन निगरानी व्यवस्था और परिवहन कंपनियों की जवाबदेही کو लेकर जांच एजेंसियां तथ्य जुटा रही हैं।
पुलिस अब बस के पूरे रूट, रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, आरोपियों के बयान और बस से मिले फोरेंसिक साक्ष्यों का मिलान कर कथित वारदात के पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश की गई छात्रा
कानूनी और मेडिकल प्रक्रिया के बाद छात्रा को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया। आवश्यक प्रक्रिया और काउंसलिंग के बाद उसे परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इलेक्ट्रॉनिक तथा फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल کی जा रही है।
यह भी पढ़ें

Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777




