चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर किसानों का पक्का मोर्चा आज से: सात दिन तक डटे रहेंगे किसान, एयरपोर्ट रोड की एक लेन रहेगी प्रभावित

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पानी के पुराने समझौते रद्द करने, कृषि कर्ज माफी और गन्ना किसानों के बकाया भुगतान समेत कई मुद्दों पर संयुक्त किसान मोर्चा का सात दिवसीय धरना

राष्ट्रीय डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 1 सितंबर 2026, 07:34:48 AM IST

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tajnews.in | चंडीगढ़/मोहाली: चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले मंगलवार, 1 सितंबर से किसानों का सात दिवसीय पक्का मोर्चा शुरू हो रहा है। किसान पानी से जुड़े पुराने समझौतों को रद्द करने, कृषि कर्ज माफी, गन्ना किसानों के भुगतान और अन्य कृषि संबंधी मुद्दों को लेकर 7 सितंबर तक दिन-रात धरना देंगे

HIGHLIGHTS
  1. चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर SKM का 7 दिवसीय पक्का मोर्चा 1 से 7 सितंबर तक शुरू।
  2. पानी के पुराने समझौते रद्द करने, कर्ज माफी व गन्ना भुगतान मुख्य मांगें।
  3. सेक्टर 48-49 से एयरपोर्ट जाने वाली सड़क की एक लेन पर यातायात रहेगा बाधित।
  4. धरना स्थल पर लंगर व रहने की पूरी व्यवस्था, सरकार से वार्ता के लिए भी तैयार हैं किसान।

मोर्चे के कारण सेक्टर 48-49 को एयरपोर्ट से जोड़ने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना हैकिसानों की योजना सड़क की एक दिशा में धरना देने की है, जिससे एयरपोर्ट रोड की एक लेन पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो सकती है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को अगले सात दिनों तक यातायात संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

चंडीगढ़ बॉर्डर पर एसकेएम का पहला बड़ा मोर्चा

किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल के अनुसार, चंडीगढ़ बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा का यह पहला बड़ा प्रदर्शन होगासात दिनों तक चलने वाले मोर्चे के दौरान किसानों की विभिन्न मांगों और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर प्रतिदिन चर्चा की जाएगी

किसान संगठनों का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल एक मांग तक सीमित नहीं होगा, बल्कि पानी, कृषि अर्थव्यवस्था, किसानों की कर्ज समस्या और फसलों के भुगतान जैसे मुद्दों को एक साथ सरकार के सामने रखा जाएगा

पानी के पुराने समझौते रद्द करने और कर्ज माफी की मांग

मोर्चे की प्रमुख मांगों में पानी से संबंधित पुराने समझौतों को रद्द करने का मुद्दा शामिल है। किसान संगठन लंबे समय से जल संसाधनों से जुड़े समझौतों और उनके किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं उठाते रहे हैं

इसके अलावा कृषि कर्ज माफी की मांग भी प्रदर्शन के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव के बीच कृषि ऋण का बोझ बड़ी संख्या में किसानों के सामने गंभीर समस्या बना हुआ है।

गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा भी एजेंडे में

मोर्चे में गन्ना किसानों को उचित और समय पर भुगतान दिलाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। किसान संगठनों का कहना है कि फसल का भुगतान समय पर न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है

एसकेएम का कहना है कि कृषि क्षेत्र से जुड़े आर्थिक मुद्दों को सरकार के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल की मांग की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों पर भी होगी चर्चा

सात दिवसीय मोर्चे के दौरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों और उनके कृषि क्षेत्र पर संभावित प्रभाव का मुद्दा भी उठाया जाएगा। किसान नेताओं का कहना है कि वैश्विक व्यापार नीतियों और समझौतों का असर भारतीय कृषि और किसानों पर पड़ता है, इसलिए इन मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा की जरूरत है

किसान नेताओं ने यह भी कहा है कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। यदि सरकार वार्ता के लिए आमंत्रित करती है तो किसान अपनी मांगों को बातचीत के माध्यम से भी रखने को तैयार हैं।

सात दिन के धरने के लिए लंगर समेत पूरी तैयारी

सात दिनों तक चलने वाले मोर्चे के लिए किसान संगठनों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदर्शनकारी अपने साथ लंगर और भोजन की व्यवस्था के लिए आवश्यक सामग्री लेकर पहुंचेंगे। धरना स्थल पर ही भोजन तैयार करने और प्रदर्शनकारियों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।

1 सितंबर से शुरू होकर 7 सितंबर तक चलने वाले इस पक्के मोर्चे का असर चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर और एयरपोर्ट रोड से जुड़े क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था पर पड़ सकता है। प्रशासन और पुलिस के लिए भी सात दिनों तक यातायात व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहेगा

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

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