Uttar Pradesh Desk, 🌐 tajnews.in | Updated: Saturday, 23 May 2026, 10:08:14 PM IST

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां आटा थाना क्षेत्र में पति से विवाद के बाद एक महिला ने अपनी ही चार वर्षीय मासूम बेटी की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी। इस पूरी घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के दौरान महिला के 10 वर्षीय बेटे ने अपने मोबाइल फोन में घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। पुलिस ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग स्तब्ध हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। यहां रहने वाले दंपती के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन भी पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि महिला ने गुस्से में आकर अपनी ही चार वर्षीय बेटी को निशाना बना लिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक महिला ने बच्ची का गला दबा दिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिवार के लोगों ने बच्ची को बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बच्ची की मौत के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
घटना का सबसे संवेदनशील पहलू यह सामने आया कि महिला के 10 वर्षीय बेटे ने पूरी वारदात अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। पुलिस को जब इस वीडियो की जानकारी मिली तो उसने मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में वीडियो को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की। शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी महिला को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार में काफी समय से तनाव का माहौल था। हालांकि किसी को अंदाजा नहीं था कि विवाद इतना बढ़ जाएगा कि एक मासूम बच्ची की जान चली जाएगी। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू तनाव और मानसिक दबाव से जुड़े मामलों में समय रहते परामर्श और सामाजिक सहयोग बेहद जरूरी है। परिवारों के भीतर बढ़ती हिंसा बच्चों पर गहरा मानसिक प्रभाव डालती है और कई बार दुखद घटनाओं का कारण बन जाती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। वीडियो फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। वहीं बच्ची की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में संवेदना का माहौल बना हुआ है।

Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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