International Desk, Taj News | 📍नई दिल्ली, भारत | Thursday, April 2, 2026, 09:40:00 PM IST

नई दिल्ली: होरमुज संकट पर ईरान ने एक बहुत बड़ा और अहम बयान दिया है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, पश्चिम एशिया में इस वक्त भारी तनाव है। लेकिन, ईरान ने भारत को एक बहुत बड़ी और सुकून देने वाली राहत दी है। ईरान ने साफ कहा है कि भारत के सभी जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, ईरान भारतीय नाविकों को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। गौरतलब है कि, यह अहम जलमार्ग कई दिनों से पूरी तरह बंद था। इसलिए, भारत सरकार अपनी ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित थी। नतीजतन, ईरान के इस स्पष्ट ऐलान ने भारतीय बाजार में एक नई जान फूंक दी है।
- बड़ी राहत: होरमुज संकट पर ईरान ने भारत को मित्र देश बताते हुए व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा का पक्का भरोसा दिया है।
- आधिकारिक बयान: भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि हमारे भारतीय दोस्त बिल्कुल सुरक्षित हाथों में हैं।
- एलपीजी आपूर्ति: ईरान ने भारत के आठ बड़े व्यापारिक जहाजों को जलडमरूमध्य से सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता दिया है।
- मित्र देशों को छूट: ईरान ने अमेरिका और इजरायल से तनाव के बीच सिर्फ भारत, चीन और रूस जैसे देशों को छूट दी है।
होरमुज संकट पर ईरान: भारत के लिए दी बड़ी राहत
होरमुज संकट पर ईरान का यह ताजा रुख भारत के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। क्योंकि, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के भारी हमलों के बाद से ही स्थिति बहुत खराब थी। ईरान ने गुस्से में आकर इस पूरे समुद्री रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था। लेकिन, भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने एक बहुत ही सकारात्मक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि हमारे भारतीय दोस्तों को बिल्कुल भी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए, भारत के लोग अब पूरी तरह से सुरक्षित हाथों में हैं।
इसके बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस खबर पर अपनी गहरी खुशी जताई है। गौरतलब है कि, ईरान भारत को अपना एक बहुत ही सच्चा और पुराना मित्र मानता है। इसलिए, ईरान ने भारतीय झंडे वाले किसी भी जहाज को बिल्कुल नहीं रोका। भारत के सभी नाविक अपने जहाजों पर पूरी तरह से सुरक्षित हैं। नतीजतन, दोनों देशों के आपसी संबंध इस मुश्किल समय में और भी ज्यादा मजबूत हो गए हैं। दूसरी ओर, पश्चिमी देश इस कूटनीतिक जीत को देखकर काफी ज्यादा हैरान हैं।
होरमुज संकट पर ईरान: एलपीजी आपूर्ति रहेगी सुचारू
होरमुज संकट पर ईरान के इस फैसले से भारत में गैस का संकट पूरी तरह टल गया है। गौरतलब है कि, दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा इसी छोटे से जलमार्ग से होकर गुजरती है। इसलिए, ईरान का इस रास्ते पर पूरा और सीधा नियंत्रण है। जब से यह नया युद्ध शुरू हुआ है, ईरान ने बहुत ही कम जहाजों को रास्ता दिया है। लेकिन, भारत के लिए ईरान ने अपने सभी दरवाजे पूरी तरह खोल दिए हैं। नतीजतन, भारत में अब पेट्रोल और एलपीजी (LPG) गैस की कोई भारी कमी नहीं होगी।
इसके अलावा, ईरान ने अब तक भारत के कम से कम आठ बड़े जहाजों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इन जहाजों में ‘बीडब्ल्यू टायर’ (BW Tyre) और ‘बीडब्ल्यू एल्म’ (BW Elm) जैसे दो विशाल एलपीजी कैरियर भी शामिल हैं। ये दोनों जहाज लगभग 94,000 टन एलपीजी का भारी कार्गो लेकर भारत आ रहे हैं। इसलिए, भारतीय गैस कंपनियों ने भी अब राहत की एक बहुत बड़ी सांस ली है। क्योंकि, अगर ये जहाज रुक जाते, तो देश में महंगाई बहुत तेजी से आसमान छूने लगती।
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होरमुज संकट पर ईरान: मित्र देशों को मिली विशेष छूट
होरमुज संकट पर ईरान ने अपनी विदेश नीति को बहुत ही साफ और पारदर्शी रखा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह केवल दुश्मन देशों के जहाजों को ही रोकेगा। इसलिए, ईरान ने कुछ चुनिंदा मित्र देशों को इस भारी नाकाबंदी से विशेष छूट दी है। इन खास मित्र देशों में भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। गौरतलब है कि, ईरान इन सभी देशों के साथ अपने अच्छे व्यापारिक रिश्ते खराब नहीं करना चाहता है।
हालांकि, अमेरिका और ब्रिटेन के जहाजों के लिए यह रास्ता पूरी तरह से एक डरावना सपना बन गया है। ईरान की नौसेना हर एक जहाज की बहुत ही बारीकी और सख्ती से जांच कर रही है। अगर किसी जहाज का संबंध इजरायल या अमेरिका से मिलता है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाता है। लेकिन, भारतीय झंडा देखते ही ईरानी सैनिक बहुत ही सम्मान के साथ जहाजों को आगे जाने का सुरक्षित रास्ता दे देते हैं। नतीजतन, भारत के सभी नाविक बिना किसी खौफ के अपनी लंबी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
होरमुज संकट पर ईरान: अमेरिका और इजरायल से तनाव
होरमुज संकट पर ईरान का यह कड़ा रुख सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ है। क्योंकि, पिछले महीने इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बहुत ही भारी बमबारी की थी। इसके बाद, ईरान ने इस पूरे जलमार्ग को ब्लॉक करने की खुली और सीधी धमकी दे दी थी। ईरान का मानना है कि पश्चिमी देश उसकी संप्रभुता को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसलिए, ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे अहम नस को पूरी तरह से दबा दिया है।
दूसरी ओर, दुनिया भर के कई बड़े देश अब भारी तेल संकट का सामना कर रहे हैं। यूरोप में पेट्रोल और डीजल के दाम बहुत ही तेजी से ऊपर जा रहे हैं। क्योंकि, यूरोप के कई देशों को अब ऊर्जा के लिए कोई सुरक्षित और सस्ता विकल्प नहीं मिल रहा है। गौरतलब है कि, अमेरिका अपनी नौसेना भेजकर इस रास्ते को खोलने का पूरा प्रयास कर रहा है। लेकिन, ईरान किसी भी तरह के दबाव के आगे झुकने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है।
होरमुज संकट पर ईरान: भारतीय कूटनीति की शानदार जीत
होरमुज संकट पर ईरान का यह मित्रवत व्यवहार भारतीय कूटनीति की एक बहुत ही शानदार जीत है। भारत ने हमेशा से ही एक तटस्थ और स्वतंत्र विदेश नीति का बहुत सख्ती से पालन किया है। भारत कभी भी किसी गुटबाजी या पश्चिमी देशों के भारी दबाव का अंधा हिस्सा नहीं बनता है। इसलिए, ईरान भारत के इस कूटनीतिक रुख का बहुत ज्यादा सम्मान करता है। नतीजतन, आज जब पूरी दुनिया तेल के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, भारत सुरक्षित है।
अंततः, भारत सरकार लगातार ईरान के बड़े अधिकारियों के साथ अपने सीधे संपर्क में बनी हुई है। विदेश मंत्रालय ने इस कड़े और मुश्किल समय में बहुत ही शानदार काम किया है। गौरतलब है कि, भारतीय नौसेना भी इस पूरे इलाके में अपनी भारी गश्त लगातार कर रही है। वे किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए समुद्र में पूरी तरह से अलर्ट और तैयार हैं। ताज न्यूज़ इस अंतरराष्ट्रीय संकट से जुड़ी हर एक अहम खबर आप तक सबसे पहले पहुंचाता रहेगा।
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Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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