आगरा में सेवा और समर्पण का महाकुंभ: भारत विकास परिषद निकुंज ने 1000 यूनिट रक्त संग्रह कर रचा नया इतिहास, ध्वस्त किए पिछले सभी रिकॉर्ड

Edited by: Thakur Pawan্যতা Singh | tajnews.in | 23 Feb 2026, 12:35 am IST

आगरा (Agra): ताजनगरी आगरा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात समाज सेवा, मानवता और परोपकार की आती है, तो यहां के निवासी किसी से पीछे नहीं रहते। रविवार को शहर के कमला नगर स्थित अग्रसेन सेवा सदन में भारत विकास परिषद (Bharat Vikas Parishad) की निकुंज शाखा द्वारा आयोजित 13वां महा रक्तदान शिविर सेवा, समर्पण और अद्वितीय जनभागीदारी की एक महान मिसाल बन गया। एक विशाल मेले के रूप में आयोजित इस ऐतिहासिक शिविर में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया। शिविर का माहौल किसी बड़े उत्सव से कम नहीं था, जहाँ हर व्यक्ति ‘रक्तदान-महादान’ के संकल्प को अपने दिल में संजोए हुए था। इस महाशिविर का विधिवत शुभारंभ देश के केंद्रीय पंचायती राज मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, आगरा के पूर्व महापौर एवं वर्तमान राज्यसभा सांसद नवीन जैन और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

HIGHLIGHTS
  • नया कीर्तिमान स्थापित: भारत विकास परिषद निकुंज शाखा ने अपने 885 यूनिट के पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर 1000 यूनिट रक्त संग्रह का इतिहास रचा।
  • सटीक रणनीति की जीत: 98 सदस्यों को 5-5 रक्तदाता लाने के लक्ष्य ने शिविर को अभूतपूर्व सफलता दिलाई।
  • थैलेसीमिया बच्चों को मिलेगा जीवनदान: एकत्रित किया गया रक्त समर्पण ब्लड बैंक को सौंपा गया, जो पीड़ित बच्चों के काम आएगा।
  • मातृशक्ति और युवाओं का जोश: पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं और महिलाओं की संख्या ने समाज में बढ़ती जागरूकता का स्पष्ट संदेश दिया।

पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त, 1000 यूनिट के साथ रचा नया इतिहास

इस महा रक्तदान शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि संस्था ने किसी और से नहीं, बल्कि स्वयं से ही प्रतिस्पर्धा करते हुए अपने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भारत विकास परिषद निकुंज शाखा के संस्थापक अध्यक्ष प्रमोद सिंघल ने बड़े ही गौरव और उत्साह के साथ जानकारी दी कि संस्था का पिछला सर्वाधिक रिकॉर्ड 885 यूनिट रक्त संग्रह का था। लेकिन इस बार निकुंज शाखा ने एक नई ऊंचाई को छूते हुए 1000 यूनिट रक्तदान का ऐतिहासिक और नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इतनी बड़ी मात्रा में रक्त संग्रह करना पूरे आगरा शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो आपातकाल में हजारों जिंदगियां बचाने के काम आएगी।

इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि संस्था के पदाधिकारियों की एक बेहद सोची-समझी और सटीक रणनीति थी। संस्था के संरक्षक विनय सिंघल और सुभाष वर्मा ने एक विशेष और व्यावहारिक योजना तैयार की थी। इस योजना के तहत संस्था के प्रत्येक 98 सदस्यों को यह जिम्मेदारी और लक्ष्य दिया गया था कि वे कम से कम पाँच-पाँच नए और प्रेरित रक्तदाताओं को शिविर तक लेकर आएं। यह माइक्रो-मैनेजमेंट और जमीनी स्तर की नेटवर्किंग पूरी तरह सफल रही। यही कारण था कि रविवार सुबह 9 बजे से ही अग्रसेन सेवा सदन के प्रांगण में रक्तदाताओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी और उनका उत्साह देखते ही बनता था।

युवाओं का जोश और मातृशक्ति का रहा बोलबाला

किसी भी सामाजिक अभियान की सफलता इस बात से मापी जाती है कि उसमें युवाओं और महिलाओं की कितनी भागीदारी है। निकुंज शाखा के इस 13वें महा रक्तदान शिविर में यह दोनों ही पहलू बेहद मजबूत नजर आए। शाखा के अध्यक्ष राजेश कुमार गर्ग ने विशेष रूप से जानकारी दी कि इस बार के शिविर में पहली बार रक्तदान करने वाले (First-time donors) युवाओं की संख्या वाकई चौंकाने वाली और बेहद सुखद रही। यह आंकड़ा इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि नई पीढ़ी के भीतर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। युवाओं ने रक्तदान से जुड़े सभी पुराने मिथकों और डरों को पीछे छोड़ दिया है।

सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि ‘मातृशक्ति’ यानी महिलाओं ने भी इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। घरेलू महिलाओं से लेकर कामकाजी महिलाओं तक ने लंबी कतारों में लगकर अपना रक्त दान किया और यह साबित किया कि समाज को जीवनदान देने में वे सदैव अग्रणी हैं। महिलाओं की इस भारी उपस्थिति ने पूरे शिविर के माहौल को और भी अधिक प्रेरणादायक बना दिया।

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की रगों में दौड़ेगा ‘जीवन’

रक्तदान शिविर का असली उद्देश्य तब और भी पवित्र हो जाता है जब वह सीधे तौर पर मासूम जिंदगियों को बचाने के काम आता है। इस विशाल शिविर के दौरान एकत्रित किए गए पूरे 1000 यूनिट रक्त को आगरा के प्रतिष्ठित ‘समर्पण ब्लड बैंक’ (Samarpan Blood Bank) को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया है। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस रक्त का उपयोग मुख्य रूप से उन मासूम बच्चों की सहायता और उपचार के लिए किया जाएगा जो ‘थैलेसीमिया’ (Thalassemia) जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से पीड़ित हैं।

ज्ञात हो कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को हर कुछ दिनों में नया रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है, और ऐसे में ब्लड बैंकों पर हमेशा भारी दबाव रहता है। भारत विकास परिषद निकुंज शाखा द्वारा दिया गया यह 1000 यूनिट रक्त उन बच्चों के लिए एक बहुत बड़ी ‘संजीवनी’ का काम करेगा। उनके माता-पिता को रक्त के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा।

रक्तदाताओं का सम्मान और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

इस महान महायज्ञ में आहुति देने वाले प्रत्येक रक्तदाता का संस्था द्वारा पूरा सम्मान किया गया। रक्तदान के उपरांत सभी रक्तदाताओं को स्वास्थ्यवर्धक अल्पाहार दिया गया। इसके साथ ही, समाज में उनके इस निस्वार्थ योगदान को मान्यता देने के लिए सभी को संस्था की ओर से एक प्रशस्ति पत्र (Certificate) और एक आकर्षक स्मृति चिन्ह (Memento) देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाकर रक्तदाताओं के चेहरों पर जो संतोष की चमक थी, वह इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी कमाई थी।

इस महा आयोजन को सफल बनाने और रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाने के लिए शहर के कई अन्य गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से आगरा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, प्रमुख समाजसेवी राजकुमार गुप्ता सहित भारत विकास परिषद निकुंज शाखा के तमाम पदाधिकारी, सदस्य और स्वयंसेवक पूरे समय व्यवस्थाओं को संभालने में मुस्तैद रहे। सभी के सामूहिक प्रयासों से ही आगरा में मानवता की यह अमर गाथा लिखी जा सकी।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News

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